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भारत-नेपाल के संबंध पर कहे मुख्यमंत्री योगी, कहा...

भारत-नेपाल के संबंध पर कहे मुख्यमंत्री योगी, कहा...

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत-नेपाल के सांस्कृतिक व आध्यात्मिक संबंध को साझी विरासत बताया है। उन्होंने बोला कि इसमें पॉलिटिक्स बाधक नहीं होनी चाहिए। सीएम योगी आदित्यनाथ गुरुवार को कालिदास मार्ग स्थित अपने सरकारी आवास पर आयोजित द्वितीय भारत-नेपाल द्विपक्षीय बातचीत को संबोधित कर रहे थे। प्रोग्राम इंडिया फाउंडेशन, नीति अनुसंधान प्रतिष्ठान नेपाल व नेपाल-इंडो चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एनआइसीसीआइ) काठमांडू ने आयोजित किया।

अपने बयान में सीएम योगी आदित्यनाथ ने बोला कि दोनों राष्ट्रों के लिए यह बेहतरीन पहल है। भारत-नेपाल प्राचीन काल से दो शरीर हैं, लेकिन हमारी सांस्कृतिक विरासत एक-दूसरे को एकात्म में जोड़ती है। दोनों राष्ट्रों का एक-दूसरे से हित जुड़ा है। उन्होंने बोला कि इंडियन आर्मी में नेपाल के लोग एक सामान्य सिपाही से लेकर उच्च पदों पर हैं। ये हिंदुस्तान का विश्वास है। इसी विश्वास पर साझी विरासत टिकी है।

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि योगी ने आगे बोला कि नेपाल टूरिज्म का सबसे बड़ा हब बन सकता है। पीएम नरेंद्र मोदी ने काशी विश्वनाथ से पशुपतिनाथ जी को जोड़ा है। जनकपुरी से अयोध्या को जोड़ा गया। वाराणसी अगर स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित हो रहा है तो काठमांडू क्यों पीछे रहे? सीएम ने बोला कि नेपाल को पहचानना होगा कि उसका दुश्मन कौन है व मित्र कौन है? सुझाव दिया कि काशी विश्वनाथ मंदिर की तरह नेपाल अपने मंदिरों व सांस्कृतिक धरोहर को रोजगार से जोड़ सकता है।


जानिए क्यों पड़ी इस दिन की जरुरत, भारत में मनाया गया पहला प्रोटीन डे ?

जानिए क्यों पड़ी इस दिन की जरुरत, भारत में मनाया गया पहला प्रोटीन डे ?

हर कोई जानता है कि हमारे शरीर के लिए प्रोटीन बेहद आवश्यक पोषक तत्व है, जो हमारे विकास में बड़ा सहयोग देता है. प्रोटीन का पर्याप्त सेवन व रेगुलर डायट में उसे शामिल करना बहुत ज्यादा आवश्यक है. किन्तु, जानकारी के अभाव में हमारे देश में लोग प्रोटीन के प्रति जागरुकता में पीछे हैं. इसी दूरी को मिटाने के लिए हिंदुस्तान में 27 फ़रवरी को प्रोटीन डे मना गया था.

अब से प्रति साल 27 फरवरी को प्रोटीन डे मनाया जाएगा. इसकी आरंभ की है एक राष्ट्रीय स्तर के पब्लिक हेल्थ कैंपेन ‘राइट टू प्रोटीन ने’. हिंदुस्तान से पहले व भी कई देश प्रोटीन की आवश्यकता व उसकी जागरुकता के लिए इस दिवस को अपना चुके हैं. हिंदुस्तान में इस दिन की आरंभ हिंदुस्तान में प्रोटीन की ओर लोगों का ध्यान आकर्षित करने, जागरुकता फैलाने व इसके फायदों के विषय में शिक्षित करने के लिए की गई है. कैंपेन से संबंधित लोगों का बोलना है कि इस दिवस को मनाने से लोगों को बड़े स्तर पर प्लांट व एनिमल प्रोटीन की विभिन्न किस्मों के बारे में पता चलेगा.

यही नहीं, वे डेली मील में बेहतर पोषण व स्वास्थ्य के लिए प्रोटीन की जरुरत के बारे में आवश्यक बातें जान सकेंगे. प्रोटीन डे 2020 की थीम ‘प्रोटीन में क्या है’ चुनी गई है. जिसका उद्देश्य है कि लोग खुद व दूसरों से प्रोटीन की विशेषता व फायदों की बात करें व जागरुकता फैलाएं. राइट टू प्रोटीन कैंपेन समाज में विशेषज्ञों के द्वारा प्रोटीन की जागरूकता व फैक्ट्स और मिथ को बताने का मकसद रखता है.

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