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कैलाश विजयवर्गीय ने राहुल पर निशाना साधा, कहा...

कैलाश विजयवर्गीय ने राहुल पर निशाना साधा, कहा...

इंदौर: भाजपा के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने शुक्रवार को राहुल गांधी द्वारा पुलवामा अटैक को लेकर किए गए ट्वीट पर तंज कसते हुए बोला कि राहुल गांधी नादान हैं, उन्हें इस बात का पता नहीं कि कब व किस समय कौन से सवाल उठाने चाहिए? देश की सुरक्षा व सेना पर कभी प्रश्न नहीं उठाना चाहिए। विजयवर्गीय ने यह बात पितृ पर्वत पर तैयार 66 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर आयोजित प्रेसवार्ता के बीच कही। वही शुक्रवार को राहुल गांधी ने पुलवामा अटैक को लेकर हुई जाँच व इसके पीछे किसको लाभ पहुंचा, के साथ तीन सवाल उठाते हुए ट्विटर हैंडल से लिखा है था।

ज्योतिरादित्य सिंधिया के ट्वीट, जिसमें उन्होंने बोला है कि सरकार को अपने घोषणा-पत्र में किए वादों को पूर्ण करना चाहिए। यदि जनता परेशान हुई तो वह ढाल की तरह उनके साथ खड़े होंगे, पर विजयवर्गीय ने बोला कि इससे आप खुद ही समझ लीजिए कि सरकार की हालत क्या है। वही विजयवर्गीय ने पितृ पर्वत पर 11 करोड़ की लागत से तैयार 66 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर भी जानकारी दी। इसी के साथ 14 फरवरी से 19 दिनों के इस आयोजन में इंदौर की 70 मंडलियां सवा लाख सुंरदकांड का पाठ करेंगी। 3 मार्च को नगर भोज का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन किसी छोटे कुंभ से कम नहीं होगा। विजयवर्गीय की माने तो इसके लिए गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी आवेदन किया गया है।

इंदौर में पितृ पर्वत पर प्रदेश की सबसे ऊंची 66 फीट की हनुमान प्रतिमा सोना-चांदी, तांबा, जस्ता, सीसा, कैडियम जैसे अष्ट धातु से मिल कर बनी है। वही इस प्रतिमा पर लगभग 11 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। मूर्तिकार प्रभात रॉय के अनुसार, मूर्ति का वजन करीब 108 टन है। इसमें 9 टन की गदा व 3 टन की उनकी छतरी है। इस छतरी पर 9 इंच आकार में 108 बार राम नाम लिखा हुआ है। हनुमानजी के हाथ में जो मंजीरे हैं, उनकी लंबाई 11 फीट है। भगवान राम की भक्ति में बैठे हनुमान की इस प्रतिमा के साथ 15 बाय 12 फीट की रामकथा भी तैयार की गई है।


जानिए क्यों पड़ी इस दिन की जरुरत, भारत में मनाया गया पहला प्रोटीन डे ?

जानिए क्यों पड़ी इस दिन की जरुरत, भारत में मनाया गया पहला प्रोटीन डे ?

हर कोई जानता है कि हमारे शरीर के लिए प्रोटीन बेहद आवश्यक पोषक तत्व है, जो हमारे विकास में बड़ा सहयोग देता है. प्रोटीन का पर्याप्त सेवन व रेगुलर डायट में उसे शामिल करना बहुत ज्यादा आवश्यक है. किन्तु, जानकारी के अभाव में हमारे देश में लोग प्रोटीन के प्रति जागरुकता में पीछे हैं. इसी दूरी को मिटाने के लिए हिंदुस्तान में 27 फ़रवरी को प्रोटीन डे मना गया था.

अब से प्रति साल 27 फरवरी को प्रोटीन डे मनाया जाएगा. इसकी आरंभ की है एक राष्ट्रीय स्तर के पब्लिक हेल्थ कैंपेन ‘राइट टू प्रोटीन ने’. हिंदुस्तान से पहले व भी कई देश प्रोटीन की आवश्यकता व उसकी जागरुकता के लिए इस दिवस को अपना चुके हैं. हिंदुस्तान में इस दिन की आरंभ हिंदुस्तान में प्रोटीन की ओर लोगों का ध्यान आकर्षित करने, जागरुकता फैलाने व इसके फायदों के विषय में शिक्षित करने के लिए की गई है. कैंपेन से संबंधित लोगों का बोलना है कि इस दिवस को मनाने से लोगों को बड़े स्तर पर प्लांट व एनिमल प्रोटीन की विभिन्न किस्मों के बारे में पता चलेगा.

यही नहीं, वे डेली मील में बेहतर पोषण व स्वास्थ्य के लिए प्रोटीन की जरुरत के बारे में आवश्यक बातें जान सकेंगे. प्रोटीन डे 2020 की थीम ‘प्रोटीन में क्या है’ चुनी गई है. जिसका उद्देश्य है कि लोग खुद व दूसरों से प्रोटीन की विशेषता व फायदों की बात करें व जागरुकता फैलाएं. राइट टू प्रोटीन कैंपेन समाज में विशेषज्ञों के द्वारा प्रोटीन की जागरूकता व फैक्ट्स और मिथ को बताने का मकसद रखता है.

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