पटना के बेउर जेल में बंद खुशबू अपने दो बेटों के लिए करेगी जीउतिया, 122 अन्‍य बंदी भी करेंगी उपवास

पटना के बेउर जेल में बंद खुशबू अपने दो बेटों के लिए करेगी जीउतिया, 122 अन्‍य बंदी भी करेंगी उपवास

जिम ट्रेनर को गोली मरवाने के मामले में पटना के बेउर जेल में बंद फिजियोथेरापिस्‍ट राजीव सिंह की पत्‍नी खुशबू सिंह अपने दोनों बेटों के लिए जिउतिया का व्रत रखेगी। बेउर जेल में बंद 123 महिला कैदियों ने जेल प्रशासन को लिखकर जिउति‍या व्रत करने की सूचना दी है। मंगलवार को दी गई सूचना में व्रतियों के नाम में खुशबू सिंह का नाम भी है। जेल प्रशासन की तरफ से नहाय-खाय की व्यवस्था की गई है। खुशबू के दो बच्‍चे हैं। जिनके लिए वह व्रत रखेगी।

फिलहाल दोनों बच्‍चे अपनी नानी के घर में रह रहे हैं। बताया जाता है कि रविवार को पति से मुलाकात के बाद खुशबू सिंह ने व्रत का निर्णय लिया है। बता दें कि जेल में कुल 146 महिला बंदी हैं। उनमें से 123 उपवास करेंगी।  मंगलवार को नहाय-खाय और बुधवार को इसका उपवास होगा। जेल प्रशासन की ओर से मडुआ का आटा, नोनी का साग, सब्‍जी आदि की व्‍यवस्‍था की गई है।  

18 सितंबर को जिम ट्रेनर को मारी गई थी गोलियां

18 सितंबर की सुबह जिम ट्रेनर को कदमकुआंं इलाके में पांच गोलियां मारी गई थीं। हालांकि जिम ट्रेनर विक्रम कुमार की जान बच गई। उसके बयान पर  फिजियोथेरापिस्‍ट राजीव कुमार सिंह और उनकी पत्‍नी खुशबू सिंह समेत शूटरों व अन्‍य को गिरफ्तार किया गया। इस घटना की मास्‍टरमाइंड खुशबू सिंह को ही पुलिस बता रही है। आरोप है कि अपने पुराने मित्र के साथ मिलकर उसने विक्रम की हत्‍या की साजिश रची। इस मामले में छह अन्‍य आरोपित भी जेल में बंद हैं। पुलिस को एक तस्‍वीर भी मिली जिसमें जिम ट्रेनर और खुशबू सिंह साथ नजर आ रहे हैं। एक आडियो भी वायरल हुआ जिसमें महिला उस जिम ट्रेनर को गालियां देती सुनाई दे रही है। बहरहाल पति- पत्‍नी के जेल जाने के बाद से दोनों बच्‍चे अपने नानीघर में हैं। 


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तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) प्रशासन लालबाग आवासीय परिसर की सुरक्षा को लेकर उदासीन बना हुआ है। नौ अक्टूबर की रात पीजी इतिहास विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डा. राधिक मिश्रा से लूट के बाद भी लालबाग की सुरक्षा ताक पर है। 13 दिन बीत जाने के बाद भी सुरक्षा को लेकर कोई ठोस इंतजाम नहीं किया गया है। इस कारण दोबारा किसी बड़ी घटना से इंकार नहीं किया जा सकता है। परिसर के सुरक्षा फाइलों में हो रही है।


प्रवेश द्वार पर बेरोकटोक आवाजाही

घटना के इतने दिन बाद कई बार अधिकारियों ने परिसर का निरीक्षण किया। मुख्य द्वार पर 24 घंटे अलग-अलग शिफ्ट में गार्ड के तैनाती की बात हुई। दो दिनों तक गार्ड की मौजूदगी रही, लेकिन स्थिति फिर जस की तस हो गई है। मुख्य द्वार लोगों का बेरोकटोक आना जाना लगा हुआ है।

क्वार्टर का ग्रिल और गेट तक बदमाशों ने बेच डाला

लालबाग के क्वार्टर नंबर 19 की बुरी हालत है। एक शिक्षक के क्वार्टर खाली करने के बाद बदमाशों ने आवास का ग्रिल से लेकर दरवाजा तो चोरी कर बेच दिया, किंतु लालबाग की सुरक्षा में तैनात गार्डों को इसकी भनक तक नहीं लगी। इसकी कई बार मौखिक सूचना प्राक्टर डा. रतन मंडल को भी दी गई, किंतु इस पर कोई सुध नहीं ली।


जर्जर क्वार्टर में बदमाशों की होती है अड्डेबाजी

परिसर में रहने वाले शिक्षकों ने बताया कि खाली क्वार्टर में स्थानीय कुछ असामाजिक तत्व जुआ खेलते हुए नशा करते हैं। उन्हें रोकने टोकने वाला कोई नहीं है। जब शिक्षक गार्ड को बदमाशों को खदेडऩे की बात कहते हैं तो वे भी भय के कारण बदमाशों से उलझना नहीं चाहते हैं। विवि प्रशासन भी ऐसे मामलों में रूचि नहीं लेती है।

अवैध तरीके से रखे जाते हैं लोग

असिस्टेंट प्रोफेसर के साथ लूट की घटना के बाद पुलिस को जानकारी मिली कि एक संदिग्ध नौकरानी को एक शिक्षिका ने अवैध तरीके से क्वार्टर में जगह दी है। उस शिक्षका को कुलसचिव ने ऐसा करने के लिए चेतावनी भी दी थी। हालांकि शिक्षिका ने कहा था कि कई बार उसे खाली करने को कहा था, ङ्क्षकतु वह खाली नहीं कर रही है।

एक दर्जन से ज्यादा चोर रास्ते


परिसर में प्रवेश के लिए एक दर्जन से ज्यादा चोर रास्ते बने हुए हैं। जगह-जगह चाहरदीवारी टूटी हुई है। इसकी मरम्मती के लिए कई बार योजनाएं बनी, लेकिन फाइलों में ही निर्देश और योजनाएं बनती रही, ङ्क्षकतु स्थिति जस की तस बनी हुई है।

दिन भर मनचलों का लगा रहता आना-जाना

परिसर में दिन भर मनचलों का आना-जाना लगा रहता है। वे लहरियाकट स्टाइल में बाइक लेकर मुख्य द्वार से अंदर प्रवेश करते हैं और गल्र्स हास्टल के मुख्य रास्ते से बाइक लेकर वापस बाहर निकल जाते हैं। इस बीच कई बार छात्राएं छेडख़ानी की भी शिकार हुई हैं। इसकी शिकायत विवि प्रशासन को भी हुई है, ङ्क्षकतु उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।


टीएमबीयू की हर स्थिति पर नजर है। जो लोग जवाबदेही से भाग रहे हैं, उन्हें कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आवासीय परिसर और वहां रहने वाले शिक्षकों और छात्राओं की सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं होगा। अगले हफ्ते आने के बाद पूरे मामले की समीक्षा के बाद कड़े निर्णय लिए जाएंगे।