बक्सर में किसानों को खदेड़ा गया: टेंट को तोड़ने और तिरंगा को फाड़ने का आरोप

बक्सर में किसानों को खदेड़ा गया: टेंट को तोड़ने और तिरंगा को फाड़ने का आरोप

बक्सर के चौसा में बुधवार की रात अचानक किसानों के धरने पर पहुंचे पुलिस द्वारा हाथापाई और टेंट को तोड़ने और टेंट के चारो तरफ लगे तिरंगा को फाड़ने का CCTV फुटेज सामने आया है.जिसमे साफ देखा जा सकता है.कि रात 12 बजे के बाद भारी संख्या में सर्च लाइट के साथ किसानों के धरना स्थल पर पुलिस पहुंची है.

यहां से मारते पीटते किसानों को वहां से खदेड़ती है. कुछ किसानों को हिरासत में लेने के बाद चारो तरफ लगे तिरंगा को फाड़ निचे जमीन पर गिरा दिया गया.टेंट को तोड़ दिया गया.अभी तक पुलिस किसानों को मारने पुटने टेंट और तिरंगा को फाड़ने की बात गलत बोला जा रहा था.लेकिन पुलिस को पता नही था कि टेंट के पास CCTV कैमरा भी है.

बक्सर के चौसा में 1320 मेगावॉट थर्मल पावर के निर्माण किसानों की जमीन जा रही है.लेकिन किसानों का बोलना है कि उसका उचित मुवावजा नही दिया जा रहा है.जिले के सभी ऑफिसरों का दरवाजा खटखटाने के बाद जब सभी ने हाथ खड़े कर दिए तो किसान 17 अक्टूबर से ही शांतिपूर्ण धरने पर बैठ गए. इसके 44 वे दिन प्रशासन द्वारा ऑफिसरों के साथ दुर्व्यवहार और सरकारी काम मे बाधा डालने का आरोप लगा 5 किसानों को अरैस्ट कर लिया गया.

इससे गुस्साए किसानों ने बुधवार को बक्सर कोचस स्टेट हाइवे जाम कर सड़क पर ही लिट्टी चोखा भी लगा कर खाया और ठिठुरती ठंड के कारण अपने टेंट में जा बैठ गये.जहां रात पुलिस पहुंच किसानों को पीटने के बाद टेंट और लगे तिरंगे को फाड़ और तोड़ दिया गया.

हालांकि, इस संबंध में जब मुफस्सिल थानाध्यक्ष अमित कुमार से पूछा गया तो उन्होंने इस बात से साफ इंकार कर दिए. लेकिन, धरना स्थल के पास लगा CCTV फुटेज सब कुछ बता रही है. किसानों के धरना स्थल पर पहुंच पुलिस ने क्या क्या किया है.अब देखना यह है कि किसानों पर कठोर दिखने वाली जिला प्रशासन अपने कर्तव्यों का पालन इस पुलिसिया कार्रवाई कैसे करती है.