कुएं से मिला पुलिस के पूर्व एसपीओ का शव,शराब माफिया संदेह में

कुएं से मिला पुलिस के पूर्व एसपीओ का शव,शराब माफिया संदेह में

नालंदा: जिले के हिलसा थाना क्षेत्र के मिलकीपर गांव में कुएं से शनिवार की सुबह एक पुरुष का मृत शरीर बरामद हुआ है मृतक की पहचान कुर्था गांव निवासी महेश्वरी प्रसाद के 32 वर्षीय पुत्र राहुल कुमार सिंह के रूप हुई है तीन वर्ष पहले वह हिलसा थाना में एसपीओ का काम करता था घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मृत शरीर को पोस्टमार्टम के लिए सदर हॉस्पिटल भेज दिया है

इधर, राहुल के भाई अभिषेक कुमार ने बताया कि वह पांच वर्ष हिलसा थाने में एसपीओ का काम किया है विगत तीन वर्ष से इस पद को खत्म कर दिया गया था इसके बाद से हिलसा के मिल्कीपुर गांव में वह परिवार समेत किराए के घर में रहता था शुक्रवार को देर शाम भाई गांव आया हुआ था, जहां से चार लोग उसे फोन करके बुलाए देर रात तक वह घर पर नहीं लौटा तो परिजनों ने खोजबीन प्रारम्भ की

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पूर्व में मृतक के बड़े भाई को भी मारी गई थी गोली

अभिषेक ने बताया कि जब फोन कर पूछा गया तो पता चला कि भाई कुएं में गिर गया है फिर दोबारा फोन कर बताया कि दोस्त के बारात में चला गया है इसपर परिजनों को संदेह हुआ, जिसके बाद पुलिस को इसकी सूचना दी गई भाई ने आरोप लगाया कि शराब माफिया ने सुनियोजित ढंग से उसकी मर्डर की है वहीं, ग्रामीण भूमि टकराव को मर्डर का कारण बात रहे हैं बताया जा रहा है कि दो वर्ष पूर्व में भी इसी रंजिश में मृतक के बड़े भाई को गोली मारी गई थी

जल्द ही मुद्दे का होगा खुलसा

वहीं, हिलसा डीएसपी कृष्ण मुरारी प्रसाद ने बताया कि बीते तीन वर्ष पहले राहुल हिलसा थाना में एसपीओ के पद पर कार्यरत थे मगर यह पद खत्म कर दिया गया है राहुल जमीन की भी खरीद-बिक्री करता था मर्डर क्यों हुई है, इसकी जांच की जा रही है जल्द ही मुद्दे का खुलसा किया जाएगा

क्राइम कंट्रोल में करता था पुलिस की मदद

बता दें कि राहुल सिंह लंबे समय तक हिलसा थाना क्षेत्र में अपराध कंट्रोल करने में पुलिस की सहायता करता था वह अपराध करने वाले लोगों पर निगाह रखता था और  लुटेरों की गतिविधियों को वरीय पुलिस पदाधिकारियों के साथ साझा करता था बताया जाता है कि आज भी राहुल शराब माफिया की नजर में खटकते था वह हिलसा थाने में एसपीओ के पद पर था

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पटना की पहली वुड वुमन लूसी

पटना की पहली वुड वुमन लूसी

पटना की पहली वुड वर्कर लूसी के काम करने के अंदाज को देख कोई भी उनका दीवाना हो जाएगा.

बढ़ईगीरी हमेशा से एक पुरुष प्रधान उद्योग रहा है, लेकिन पटना की एक ऐसी स्त्री जो बढ़ईगीरी के पेशे में आकर सभी रूढ़ियों को तोड़ रही हैं. अनिशाबाद की रहने वाली लूसी जिसने 2017 में अपने पति को खोया जिसके बाद घर को चलाने वाला कोई ना था. 35 वर्ष की लूसी के लिए काफी मुश्किल था ऐसे समाज में रहकर ये सब कर पाना, जहां स्त्री मजदूरी तो कर सकती है लेकिन बढ़ई का काम नहीं कर सकती. पति के चले जाने के बाद लूसी अकेले पर गई, घर में खाने तक के पैसे ना थे, एक तरफ ये समाज की बंदिशे और दूसरी तरफ लूसी को निहारते हुए उसके चार मासूम बच्चे. इसके बाद लूसी अपने चारों बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए दिन रात मेहनत करने लगी और बढ़ई का काम प्रारम्भ कर दिया.सी अपने चारों बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए दिन रात मेहनत करने लगी और बढ़ई का काम प्रारम्भ कर दिया.भास्कर से वार्ता में लूसी बताती है की पति के गुजर जाने के बाद दो समय की रोटी का व्यवस्था करना भी काफी कठिनाई था. चार बच्चों के भोजन-पानी की चिंता थी इसलिए, समाज में लगे बंदिशों को तोड़कर अपने पैर पर खड़ा होने का निर्णय किया. इस काम को सीखने के लिए मैंने किसी तरह की ट्रेनिंग नही ली बस मुझे लगा की मैं यह कर सकती हूं तो मैने इस काम को करना प्रारम्भ कर दिया. आज इस काम के जरिए अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दे पा रही हूं और साथ ही यह बिजनेस भी काफी अच्छा चल रहा है. आज मैं पलंग, सोफा, डाइनिंग टेबल, आदि फर्निचर की सारी चीज़े स्वयं तैयार करती हुं.भास्कर से वार्ता में लूसी बताती है की पति के गुजर जाने के बाद दो समय की रोटी का व्यवस्था करना भी काफी कठिनाई था.

स्वाभिमान के साथ काम करती है लूसी

पटना की पहली वुड वर्कर लूसी के काम करने के अंदाज को देख कोई भी उनका दीवाना हो जाएगा. लूसी मेहनत के अतिरिक्त काफी स्वाभिमान से काम करती है. लकड़ियों से एक से बढ़कर एक डिजाइन की फर्नीचर चंद घंटों में तैयार कर देती है. जब वो लकड़ियों पर कारीगरी करती है तो इतने लगन से अपने कामों में डूब जाती है की उसे अपने आस पास कुछ नहीं दिखता.