बिहार से नहीं टला कोरोना का खतरा, नौ दिन बाद रोहतास में मिला एक संक्रमित

बिहार से नहीं टला कोरोना का खतरा, नौ दिन बाद रोहतास में मिला एक संक्रमित

लगभग एक सप्ताह पूर्व कोरोना संक्रमण से मुक्त रोहतास जिले में गुरुवार को कोविड-19 एक मामला सामने आया है। आरटीपीसीआर, एंटीजन कीट, ट्रूनाट  मशीन से की गई पांच हजार से अधिक सैंपल जांच में एक व्यक्ति में कोरोना का लक्षण मिला है, जिसे होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दी गई है। हालांकि मौसम को देखते हुए टेस्टिंग का काम तेजी से किया जा रहा है। साथ ही कोरोना संक्रमण के प्रसार को पूरी तरह से रोकने के लिए वैक्सीनेशन कार्य भी युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। सदर अस्पताल में 24 घंटे कोविड टीकाकरण कार्य किया जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक गुरुवार को 5347 सैंपल संग्रहित कर जांच की गई। जिसमें से एक सैंपल में कोरोना का लक्षण मिला है। संबंधित व्यक्ति को होम आइसोलेशन में रहने तमाम सावधानियां को बरतने की सलाह दी गई है। मौसम को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मास्क का उपयोग व दो गज दूरी का अनुपालन नितांत रूप से करने का निर्देश दिया जा रहा है ताकि कोरोना संक्रमण के प्रसार को पूरी तरह से रोका जा सके। गत आठ सितंबर को जिला कोरोना संक्रमण से मुक्त हुआ था।


रोहतास में एक कोरोना संक्रमित मिलने के बाद राज्‍यभर में खतरे की आशंका बढ़ गई है। डब्‍ल्‍यूएचओ की रिसर्च के मुताबिक एक से हजार का आंकड़ा पार करने में एक सप्‍ताह से अधिक समय नहीं लगता। ऐसे में लोगों को कोरोना का लक्षण मिलते ही टेस्‍ट करवाना चाहिए। साथ ही स्‍वस्‍थ लोग जिन्‍होंने अब तक वैक्‍सीन नहीं ली है, वे जल्‍द वैक्‍सीन की डोज लें, क्‍योंकि इसे ही संक्रमण से बचाव का एकमात्र माध्‍यम बताया गया है।

 
दूसरी तरह डॉक्‍टर अब भी मास्‍क लगाने की सलाह दे रहे हैं। डॉक्‍टरों की हिदायत है कि बिना काम के वे घर से नहीं निकले। भीड़ वाली जगह पर मास्‍क जरूर लगाएं। दो साल से अधिक उम्र के बच्‍चों के लिए भी मास्‍क लगाना आवश्‍यक है।


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तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) प्रशासन लालबाग आवासीय परिसर की सुरक्षा को लेकर उदासीन बना हुआ है। नौ अक्टूबर की रात पीजी इतिहास विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डा. राधिक मिश्रा से लूट के बाद भी लालबाग की सुरक्षा ताक पर है। 13 दिन बीत जाने के बाद भी सुरक्षा को लेकर कोई ठोस इंतजाम नहीं किया गया है। इस कारण दोबारा किसी बड़ी घटना से इंकार नहीं किया जा सकता है। परिसर के सुरक्षा फाइलों में हो रही है।


प्रवेश द्वार पर बेरोकटोक आवाजाही

घटना के इतने दिन बाद कई बार अधिकारियों ने परिसर का निरीक्षण किया। मुख्य द्वार पर 24 घंटे अलग-अलग शिफ्ट में गार्ड के तैनाती की बात हुई। दो दिनों तक गार्ड की मौजूदगी रही, लेकिन स्थिति फिर जस की तस हो गई है। मुख्य द्वार लोगों का बेरोकटोक आना जाना लगा हुआ है।

क्वार्टर का ग्रिल और गेट तक बदमाशों ने बेच डाला

लालबाग के क्वार्टर नंबर 19 की बुरी हालत है। एक शिक्षक के क्वार्टर खाली करने के बाद बदमाशों ने आवास का ग्रिल से लेकर दरवाजा तो चोरी कर बेच दिया, किंतु लालबाग की सुरक्षा में तैनात गार्डों को इसकी भनक तक नहीं लगी। इसकी कई बार मौखिक सूचना प्राक्टर डा. रतन मंडल को भी दी गई, किंतु इस पर कोई सुध नहीं ली।


जर्जर क्वार्टर में बदमाशों की होती है अड्डेबाजी

परिसर में रहने वाले शिक्षकों ने बताया कि खाली क्वार्टर में स्थानीय कुछ असामाजिक तत्व जुआ खेलते हुए नशा करते हैं। उन्हें रोकने टोकने वाला कोई नहीं है। जब शिक्षक गार्ड को बदमाशों को खदेडऩे की बात कहते हैं तो वे भी भय के कारण बदमाशों से उलझना नहीं चाहते हैं। विवि प्रशासन भी ऐसे मामलों में रूचि नहीं लेती है।

अवैध तरीके से रखे जाते हैं लोग

असिस्टेंट प्रोफेसर के साथ लूट की घटना के बाद पुलिस को जानकारी मिली कि एक संदिग्ध नौकरानी को एक शिक्षिका ने अवैध तरीके से क्वार्टर में जगह दी है। उस शिक्षका को कुलसचिव ने ऐसा करने के लिए चेतावनी भी दी थी। हालांकि शिक्षिका ने कहा था कि कई बार उसे खाली करने को कहा था, ङ्क्षकतु वह खाली नहीं कर रही है।

एक दर्जन से ज्यादा चोर रास्ते


परिसर में प्रवेश के लिए एक दर्जन से ज्यादा चोर रास्ते बने हुए हैं। जगह-जगह चाहरदीवारी टूटी हुई है। इसकी मरम्मती के लिए कई बार योजनाएं बनी, लेकिन फाइलों में ही निर्देश और योजनाएं बनती रही, ङ्क्षकतु स्थिति जस की तस बनी हुई है।

दिन भर मनचलों का लगा रहता आना-जाना

परिसर में दिन भर मनचलों का आना-जाना लगा रहता है। वे लहरियाकट स्टाइल में बाइक लेकर मुख्य द्वार से अंदर प्रवेश करते हैं और गल्र्स हास्टल के मुख्य रास्ते से बाइक लेकर वापस बाहर निकल जाते हैं। इस बीच कई बार छात्राएं छेडख़ानी की भी शिकार हुई हैं। इसकी शिकायत विवि प्रशासन को भी हुई है, ङ्क्षकतु उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।


टीएमबीयू की हर स्थिति पर नजर है। जो लोग जवाबदेही से भाग रहे हैं, उन्हें कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आवासीय परिसर और वहां रहने वाले शिक्षकों और छात्राओं की सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं होगा। अगले हफ्ते आने के बाद पूरे मामले की समीक्षा के बाद कड़े निर्णय लिए जाएंगे।