निजी अस्पतालों को जगह-मांग के आधार पर ही मिलेगी वैक्सीन, नहीं चलेगा कोटे वाला हिसाब

निजी अस्पतालों को जगह-मांग के आधार पर ही मिलेगी वैक्सीन, नहीं चलेगा कोटे वाला हिसाब

भारत सरकार ने कोविड-19 टीकाकरण नीति को पहले से भी आसान किया है। सरकार ने टीकाकरण अभियान को रफ्तार देने के लिए पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन देने का फैसला किया है। इसी कड़ी में निजी अस्पतालों को जगह और मांग के आधार पर वैक्सीन की खुराक उपलब्ध कराई जाएगी। टीकाकरण अभियान में व्यापक भागीदारी और वितरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तैयार किए गए नियमों के आधार पर अलग-अलग अस्पतालों में वितरित किया जाएगा।

केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि राज्यों को टीकों का कुल  25% हिस्सा मिलता है।  हालांकि अब निजी अस्पतालों के आसपास रहने वाली आबादी के हिसाब से उन्हें वैक्सीन मुहैया कराई जाएगी। बता दें कि  18 से 44 साल की आयु वाले लोगों को वैक्सीन लगाने के लिए पहले राज्यों को खुले बाजार से वैक्सीन लेनी पड़ती थी, लेकिन नई गाइडलाइंस के मुताबिक,  राज्य सरकारों को कोई खरीद नहीं करनी होगी। वे सिर्फ केंद्र से मिली वैक्सीन को लगाएंगे। इस नियम में निजी अस्पतालों को केंद्र से  25% डोज के अलावा वैक्सीन निर्माताओं से सीधे खरीदने की भी छूट मिली है।

आबादी को ध्यान में रखकर देनी होगी वैक्सीन की खुराक
नई गाइडलाइंस के मुताबिक, राज्यों को "बड़े और छोटे निजी अस्पतालों के आसपास आबादी को ध्यान में रखकर वैक्सीन उपलब्ध कराना है। नए नियमों में साफ तौर से कहा गया है कि केंद्र कुल मांग के आधार पर, निजी अस्पतालों को टीकों की आपूर्ति और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म के माध्यम से भुगतान की सुविधा प्रदान करेगा। 

21 जून से 18 प्लस लोगों को मिलेगी वैक्सीन
गौरतलब है कि पिछले दिनों राष्ट्र के नाम संबोधन में पीएम मोदी ने मुफ्त टीकाकरण का एलान किया था। उन्होंने कहा कि 21 जून से 18 साल से ज्यादा उम्र वाले हर व्यक्ति को सरकार मुफ्त में टीका लगाएगी। हालांकि निजी अस्पतालों में वैक्सीन के लिए पहले की तरह कीमत चुकानी होगी।

सरकार ने निजी अस्पतालों के लिए तय किए दाम
सरकार ने निजी अस्पतालों के लिए वैक्सीन की कीमत तय कर दी है। सरकारी अस्पतालों में वैक्सीन मुफ्त लगाई जाएगी। वहीं निजी अस्पतालों में टीका लगवाने के लिए पैसे देने होंगे। हालांकि निजी अस्पताल अनाप-शनाप  दाम नहीं वसूल सकेंगे। केंद्र सरकार ने निजी अस्पतालों के लिए कोविशील्ड के दाम 780 रुपये तय किए हैं, कोवैक्सिन की कीमत 1,410 रुपये और स्पुतनिक वी के लिए 1,145 रुपये की कीमत तय की गई है।


स्‍वतंत्रता दिवस को लेकर प्‍लेटफॉर्म से ट्रेनों तक की चेकिंग शुरू

स्‍वतंत्रता दिवस को लेकर प्‍लेटफॉर्म से ट्रेनों तक की चेकिंग शुरू

स्वतंत्रता दिवस पर सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए गया जंक्शन पर बुधवार की देर रात आरपीएफ व जीआरपी के अधिकारी व पुलिस कर्मियों के द्वारा सर्कुलेटिंग एरिया, वेटिंग रूम, पार्सल कार्यालय, ट्रेन, प्लेटफार्म पर डाग स्क्वाड के साथ सघन जांच की गई।

वहीं, गया जंक्शन से गुजरने वाली हावड़ा-नई दिल्ली राजधानी, भुवनेश्वर-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस, सियालदह नई-दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस समेत अन्य एक्सप्रेस ट्रेनों में सघन जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान ट्रेनों के कोंच में संदिग्ध वस्तुओं और सामान की विशेष रूप से जांच की गई। इस संबंध में रेल थानाध्यक्ष संतोष कुमार ने बताया कि यह जांच रेलवे के उच्चाधिकारियों के आदेशानुसार की गई।

आरपीएफ व जीआरपी के अधिकारियों ने डाग स्क्वाड के साथ सर्कुलेटिंग एरिया में फोर व्हीलर चालकों एवं टू व्हीलर प्राइवेट पार्किंग स्टैंड के कर्मियों को सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई बातें बताई गई। आरपीएफ इंस्पेक्टर एएस सिद्दीकी ने कहा कि सर्कुलेटिंग एरिया में कोई भी अनक्लेम्ड फोर व्हीलर या टू व्हीलर नजर में आने पर तुरंत जीआरपी एवं आरपीएफ को सूचित करने को कहा गया है।


साथ ही पार्सल कार्यालय में जाकर पार्सल की जांच की गई। इसमें कोई भी अनक्लेम्ड या अनबुक्ड पार्सल नहीं पाया गया। पार्सल ऑफिस में ड्यूटी में तैनात स्टाफ को कोई भी अनक्लेमड या अनबक्ड लगेज बरामद होने पर तत्काल आरपीएफ व जीआरपी को सूचित करने का निर्देश पार्सल आफिस के रेलकर्मी व मजदूरों को दिया गया। आरपीएफ व जीआरपी की टीम ने पूर्व में हुई घटनाओं को ध्यान में रखते हुए सावधानी बरतने की बात कहीं। इस मौके पर आरपीएफ के सब इंस्पेक्टर विक्रमदेव सिंह के अलावे अधिकारी व जीआरपी के सभी पदाधिकारी व जवान शामिल थे।