अगले वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा 5.5 फीसद तक सिमटने का अनुमान, कोरोना काल में सरकार के वित्तीय प्रबंधन का दिखेगा असर

अगले वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा 5.5 फीसद तक सिमटने का अनुमान, कोरोना काल में सरकार के वित्तीय प्रबंधन का दिखेगा असर

कोरोना काल में सरकार के वित्तीय प्रबंधन एवं आर्थिक विकास के उपायों का फायदा आगामी वित्त वर्ष में मिलता दिख रहा है। अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2021-22 में राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 5.2 फीसद से 5.5 फीसद तक सिमट सकता है। सरकार की राजस्व प्राप्ति में भी 30 फीसद से अधिक की बढ़ोतरी का अनुमान है। सरकार के खर्च में 10 फीसद तक का इजाफा हो सकता है।

यस बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, 2021-22 में राजकोषीय घाटा जीडीपी के 5.2 फीसद के स्तर पर आ जाएगा, वहीं ब्लूमबर्ग ने राजकोषीय घाटा 5.5 फीसद तक रहने का अनुमान लगाया है। यस बैंक ने चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा जीडीपी के 7.5 फीसद तक और ब्लूमबर्ग ने 6.65 फीसद तक रहने की बात कही है।

अर्थशास्त्रियों का मानना है कि अगले वित्त वर्ष में जीडीपी की विकास दर ऊंची छलांग लगा सकती है, जिससे टैक्स से होने वाली प्राप्ति में 12-13 फीसद का इजाफा हो सकता है। आगामी वित्त वर्ष में विकास दर को लेकर ब्लूमबर्ग का अनुमान 16.9 फीसद और यस बैंक का अनुमान 13.5 फीसद है।

चालू वित्त वर्ष में भी हालात सुधरते दिख रहे हैं। आखिरी तिमाही में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद से चालू वित्त वर्ष में जीडीपी में गिरावट 4.2 से 3.3 फीसद के बीच सिमटने की उम्मीद है।

ब्लूमबर्ग के अर्थशास्त्री अभिषेक गुप्ता के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष में सख्त वित्तीय प्रबंधन के कारण सरकार चौथी तिमाही में टैक्स संग्रह में बढ़ोतरी होगी, जिससे खर्च बढ़ाने में मदद मिलेगी। खर्च में बढ़ोतरी की यह गति नए वित्त वर्ष में भी जारी रहेगी, जिससे टैक्स संग्रह भी बढ़ेगा, जो राजकोषीय घाटे को कम करने में मददगार होगा।


यस बैंक की अर्थशास्त्री राधिका पिपलानी के मुताबिक, आगामी वित्त वर्ष में इनकम टैक्स व कारपोरेट टैक्स में रिकवरी होगी और इनसे सरकार को पांच से छह लाख करोड़ रुपये मिल सकते हैं। चालू वित्त वर्ष में यह वसूली 4.5 लाख करोड़ तक रहने का अनुमान है। यस बैंक का यह भी मानना है कि सेवा क्षेत्र के कोरोना पूर्व की स्थिति में पहुंचने पर ही राजस्व का स्तर पूरी तरह से सामान्य हो सकेगा।


सस्ता हुआ पेट्रोल, इन राज्यों में अच्छी खबर से मिली राहत

सस्ता हुआ पेट्रोल, इन राज्यों में अच्छी खबर से मिली राहत

नई दिल्ली। पेट्रोल-डीजल की बढ़े दामों ने पूरे देश की जनता को परेशान कर दिया है। हर तरफ ईधन को लेकर हाय-हाय मची हुई है। ऐसे में कई राज्यों में हाल ये हैं कि पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। इस मुद्दे पर विपक्ष लगातार केंद्र को अपना निशाना बनाए हुए है। इस पर तेल के दाम रिकॉर्ड स्तरों पर पहुंचने के बाद अब केंद्र सरकार एक्साइज ड्यूटी घटाने को लेकर जोरों से दबाव में है। वहीं अब देश के 4 राज्यों ने टैक्स में कटौती करके ग्राहकों को बड़ी राहत दी है। लेकिन बता दें, जिन राज्यों में ये कटौती की गई है, उनमें से कुछ राज्यों में आने वाले दिनों में चुनाव है।

कच्चे तेल के उत्पादन में कटौती
टैक्स कम करने वाले देशों में पश्चिम बंगाल, राजस्थान, असम और मेघालय है, जहां पेट्रोल-डीजल के रेट कम हुए हैं। बता दें, सबसे पहले राजस्थान ने 29 जनवरी को पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले VAT 38 प्रतिशत से घटाकर 36 प्रतिशत तक कर दिया था।

ऐसे में केंद्र सरकार ने एक्साइड ड्यूटी में किसी भी तरह की कटौती करने से साफ इनकार कर दिया है। इस बारे में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ईंधन के दामों के बढ़ने की वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के उत्पादन में कटौती को बताया है।

आगे धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि ईंधन की कीमतें बढ़ने की दो मुख्य वजहें हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) का उत्पादन कम किया गया है। ऐसे में उत्पादक देश अपना फायदा बढ़ाने के लिए तेल के उत्पादन को कम कर रहे हैं। इसलिए कच्चा तेल खरीदने वाले देशों के लिए यह महंगा पड़ रहा है।

वहीं इससे पहले शनिवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने कहा था कि तेल की बढ़ती कीमतों ने सरकार के समक्ष धर्मसंकट खड़ा कर दिया है। इस पर उन्होंने कहा कि तेल की खुदरा कीमतों को जायज स्तर तक लाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को मिलकर कोई व्यवस्था बनानी होगी।

ये हैं यहां के दाम
हफ्ते के पहले दिन यानी सोमवार को पेट्रोल-डीज़ल के दाम स्थिर रहा है। तेल कंपनियों ने लगातार दूसरे दिन भी पेट्रोल-डीज़ल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला लिया है।

दिल्ली में पेट्रोल 90.58 रुपये और डीजल 80.97 रुपये प्रति लीटर है.

लखनऊ में पेट्रोल 88.86 रुपये और डीजल 81.35 रुपये प्रति लीटर है.

नोएडा में पेट्रोल 88.92 रुपये और डीजल 81.41 रुपये प्रति लीटर है.

चेन्नई में पेट्रोल 92.59 रुपये और डीजल 85.98 रुपये प्रति लीटर है.

मुंबई में पेट्रोल 97.00 रुपये और डीजल 88.06 रुपये प्रति लीटर है.

चंडीगढ़ में पेट्रोल 87.16 रुपये और डीजल 80.67 रुपये प्रति लीटर है.

पटना में पेट्रोल 92.91 रुपये और डीजल 86.22 रुपये प्रति लीटर है.

कोलकाता में पेट्रोल 91.78 रुपये और डीजल 84.56 रुपये प्रति लीटर है.

बैंगलूरु में पेट्रोल 93.61 रुपये और डीजल 85.84 रुपये प्रति लीटर है.

भोपाल में पेट्रोल 98.60 रुपये और डीजल 89.23 रुपये प्रति लीटर है.


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