NSA ओ'ब्रायन ने सैंडर्स के आरोपों को किया खारिज, बोले...       शत्रुघ्न सिन्हा ने PAK राष्ट्रपति आरिफ अल्वी से की मुलाकात, कहा...       मरने वालों की 2,442 हुई संख्या, कोरोना ने निगली कई जिंदगियां       कोरोना से भयभीत हुआ चीन, चिनफिंग बोले...       मोदी के रहते कश्मीर में कुछ नहीं हो सकता : इमरान खान       रेप के बाद नाबालिग ने दिया बेटी को जन्म, फिर किया ये काम       एक दिन के नवजात मासूम को मिली ऐसी सजा, सुनकर हो जाएंगे हैरान       कमरे में अकेली बेटी को देख बिगड़ गई पिता की नियत       मुख्यमंत्री नितीश कुमार का बड़ा बयान, कहा...       संघ प्रमुख डॉ मोहन भागवत का बड़ा बयान, कहा...       विपक्ष पर हमलावर हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया, कहा...       कितनी दूर है दिल्ली से अमेरिका, ट्रंप के दौरे से पहले गूगल पर सर्च कर रहे लोग       इस बार दिल्ली में रामवीर सिंह विधूड़ी को मिला मौका       अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हिन्दी में ट्वीट पर प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी बोले...       मनमोहन सिंह ने कहा कि अब तक 9 भारतीय प्रधानमंत्रियों ने किया अमेरिकी दौरा       US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप भी खाएंगे हरिओम के पान       नियॉन रंग की टाई में दिखें डोनाल्ड ट्रंप, सफेद रंग के जंपसूट में हिंदुस्तान पहुंची मेलानिया ट्रंप       ओबामा को परोसी गई थी ये फिश, ट्राउट का स्वाद नहीं चख पाएंगे ट्रंप       आज के दिन श्रीदेवी ने संसार को किया था अलविदा       बिग बॉस 13 से निकलते ही जमकर प्रसिद्ध हुए आसिम रियाज      

आज आ सकती हैं बड़ी गिरावट सोने की कीमतों में

आज आ सकती हैं बड़ी गिरावट सोने की कीमतों में

नई दिल्ली: अमेरिका व ईरान के बीच तनाव घटने से विदेशी बाजार में सोने के दाम लुढ़क गए है। कॉमैक्स पर सोने की कीमतें 1610 डॉलर प्रति औंस का उच्चतम स्तर छूने के बाद 1546 डॉलर प्रति औंस पर आ गई है। वहीं, घरेलू मार्केट में भी एमसीएक्स (Multi Commodity Exchange) पर भी गोल्ड वायदा (Gold Future Price 09 January 2020) की कीमतें 700 रुपये प्रति दस ग्राम तक गिर गई है। ऐसे में कमोडिटी एक्सपर्ट्स का मान रहे हैं कि दिल्ली के सर्राफा मार्केट में भी सोना सस्ता होने कि सम्भावना है। आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि बुधवार को दिल्ली सर्राफा मार्केट में 10 ग्राम सोने की कीमतें 41,325 रुपये से बढ़कर 41,810 रुपये पर पहुंच गई थी। इस दौरान कीमतों में 485 रुपये प्रति दस ग्राम की तेजी आई।

घरेलू मार्केट में भी सस्ता होने कि सम्भावना है सोना- एक्सपर्ट्स का बोलना है कि अमेरिका व ईरान के बीच तनाव घटने से दुनियाभर के शेयर बाजारों में बड़ा उछाल आया है। इसी का प्रभाव भारतीय शेयर मार्केट पर भी दिख रहा है। BSE का 30 शेयरों वाला प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 500 अंक से ज्यादा उछल गया है। इसीलिए माना जा रहा है कि निवेशकों का रुझान बदलने से सोने की कीमतों में गिरावट आ सकती है।

संसार का सबसे बड़ा गोल्ड ईटीएफ फंड एसपीडीआर की होल्डिंग्स ने भी बिकवाली प्रारम्भ की है। इसीलिए माना जा रहा है कीमतों में गिरावट आ सकती है।

जनवरी में अब तक सोना 5 प्रतिशत से ज्यादा महंगा हुआ- साल 2020 के पहले सप्ताह में सोने की कीमतों में 5.5 प्रतिशत तक का उछाल दर्ज किया गया है।

हिंदुस्तान के घरेलू मार्केट में गोल्ड के दाम 42,000 रुपये प्रति दस ग्राम के रिकॉर्ड स्तर को छू गए हैं। इंटरनेशनल बाजार में भी 7 वर्षों के बाद सोने में रिकॉर्ड तेजी दर्ज की गई।

दिल्ली में बुधवार सोने की मूल्य 42,070 रुपये प्रति तोला तक जा पहुंची। जयपुर में ये दाम 42,080 रुपये दर्ज किए गए। मुंबई में बुधवार सोना 42,095 रुपये पर ट्रेड करता देखा गया। लखनऊ में गोल्ड में थोड़ी नरमी दिखाई दी। यहां सोने के दाम 41,955 रुपये रिकॉर्ड की गई। बेंगलुरू में सबसे ज्यादा मूल्य 42,160 रुपये थी।


पीयूष गोयल ने खिलौनों के बहाने कारोबारियों की खिंचाई की, कहा...

पीयूष गोयल ने खिलौनों के बहाने कारोबारियों की खिंचाई की, कहा...

नई दिल्ली: वाणिज्य-उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने खिलौनों के बहाने कारोबारियों पर तंज कसा है. ऑल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन (एआईएमए) के प्रोग्राम में शुक्रवार को गोयल ने बोला कि खिलौनों पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने के बाद यह इंडस्ट्री बेहद सक्रिय हो गई है. गोयल ने खिलौना उद्योग से तीन सवाल किए- आपने पहले खिलौनों का स्तर क्यों नहीं सुधारा? हमारे बच्चों को अच्छे खिलौने क्यों नहीं दिए? घरेलू उद्योगों की अनदेखी कर दूसरे राष्ट्रों से आने वाले घटिया सामान पर निर्भर क्यों हो गए?

'उद्योग संगठन कुर्सियां कैसे भरते हैं, यह समझ से परे'
गोयल ने उद्योग संगठनों के कार्यक्रमों में गैर-मौजूद रहने पर भी उद्योगपतियों की खिंचाई की. उन्होंने बोला कि उद्योगपति कठिन में होने पर ही संगठनों को याद करते हैं, ऐसा नहीं होना चाहिए. सीआईआई, फिक्की व एसोचैम के कार्यक्रमों में कई बार यह नोटिस कर चुका हूं कि इनमें संगठन के मौजूदा अध्यक्ष, पूर्व अध्यक्ष व कुछ ऑफिसर ही शामिल होते हैं. मुझे समझ नहीं आता कि आयोजक बाकीकुर्सियां कैसे भरते हैं?

'उद्योग संगठनों का देश के प्रति कर्तव्य भी है'
सरकार ने बजट में खिलौनों पर इंपोर्ट ड्यूटी 20% से बढ़ाकर 60% करने का ऐलान किया था. खिलौना उद्योग ड्यूटी में बढ़ोतरी वापस लेने की मांग कर रहाहै. गोयल का बोलना है कि व्यापार, उद्योग व कारोबारी जगत के लोगों की जब देश को आवश्यकता होती है तब वे कहां होते हैं? गोयलने एआईएमए के अध्यक्ष संजय किर्लोस्कर व पूर्व अध्यक्ष हर्ष पति सिंघानिया से बोला कि आप अपने सभी साथियों व दोस्तों को बता दें कि वे उद्योग संगठनों को गंभीरता से लें. ये संगठन सिर्फ मुसीबत में मदद का जरिया भर नहींहैं, बल्कि इनका देश के प्रति भी कर्तव्य है.

Loading...