मोबाइल के इस्तेमाल से बच्चों में बढ़ रहे हैं इस बीमारी के लक्षण

मोबाइल के इस्तेमाल से बच्चों में बढ़ रहे हैं इस बीमारी के लक्षण

डिजिटल उपकरणों के उपयोग में बढ़ोत्तरी होने से डिजिटल आई स्ट्रेन के केसेस में भी गौरतलब वृद्धि हुई है; क्योंकि डिजिटल उपकरणों द्वारा उत्सर्जित कम उच्च ऊर्जा तरंगें आंखों में प्रवेश करती हैं और रेटिना सेल को डैमेज कर सकती हैं. यह एक आदमी को उम्र से संबंधित मैक्युलर डीजेनेरेशन (एएमडी) से लेकर ड्राई आई तक विभिन्न आंखों की रोंगों के प्रति अधिक संवेदनशील बनाता है. भारतीय जर्नल ऑफ ऑप्थल्मोलॉजी में हाल ही में 217 विद्यार्थियों पर किए गए एक शोध के मुताबिक 109 विद्यार्थी डिजिटल आई स्ट्रेन से पीड़ित थे. उनमें से 26% हल्के केसेस थे, 13% मध्यम केसेस थे और 11% गंभीर ग्रेड के केसेस थे. इन केसेस के सामान्य लक्षण सिरदर्द और खुजली थे.

डिजिटल आई स्ट्रेन से राहत पाने और आंख से सम्बंधित विभिन्न रोंगों को दूर करने के लिए नेत्र योग बहुत कारगर साबित हो सकता है. नेत्र योग में आमतौर पर आंखों की मूवमेंट शामिल होती है. इन मूवमेंट से आंखों की मांसपेशियों को मजबूती मिल सकती है. समय-समय पर नेत्र योग करने से अत्यधिक फायदा मिल सकता है. आइए अहमदाबाद के आईकोनिक आई क्लीनिक के न्यूरो-ओफ्थल्मोलॉजिस्ट और एमएस ओफ्थल्मोलॉजिस्ट डॉ लब्धि शाह से जानते हैं कि आखिर हम किस तरह डिजिटल आई स्‍ट्रेन से स्वयं को बचा सकते हैं.

डॉ लब्धि शाह ने जनसत्ता डॉट कॉम से वार्ता में बताया कि तकनीक के इस नए ज़माने में बच्चे, युवा और वयस्क सभी डिजिटल उपकरणों का इस्तेमाल काफी अधिक करने लगे हैं. डिजिटल उपकरणों का इस्तेमाल Covid-19 महामारी के आने से और अधिक बढ़ गया है क्योंकि इस दौरान लोग रिमोट वर्क मोड में शिफ्ट हो गए थे. इस दौरान औनलाइन क्लास के कारण बच्चों को अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर अधिक समय बिताना पड़ा.हां आंखों से सम्बंधित कुछ योग आसनो के बारे में बताया जा रहा है जिसे करने से डिजिटल आई स्ट्रेन के साथ-साथ सम्पूर्ण आंख से सम्बंधित कामकाज जैसे की कंप्यूटर का उपयोग करने में आंखों को हानि पहुंचने से बचाता है.

20-20-20 नियम का पालन कैसे करें

  • 20 सेकेण्ड के लिए ब्रेक लें
  • 20 फुट दूर किसी चीज को देखें
  • हर 20 मिनट में ऐसा करें

पामिंग कैसे करें

  • किसी शांत स्थान पर बैठ जाएं
  • दोनों हथेलियों को 15 से 20 सेकेण्ड के लिए रगड़ें ताकि वे गर्म हो जाएँ
  • उंगलियों को माथे पर टिकाकर, हाथों को आंखों पर रखें
  • आंखों को बंद करें और गहरी सांस ले तथा हथेली की गर्मी को महसूस करें और इस प्रक्रिया को 6 से 7 बार दोहराएं

फोकस शिफ्टिंग कैसे करें

  • आरामदायक हालत में बैठ जाए और सामान्य रूप से सांस लेते रहें.
  • अंगूठे को ऊपर की ओर सीध में रखते हुए एक हाथ को सामने की ओर सीधा रखें.
  • अंगूठे पर फोकस रखें और अंगूठे को नाक की ओर ले जाएं.
  • कुछ सेकंड के लिए रुकें और फिर अंगूठे पर नजर बनाए रखते हुए हाथ को पहले जैसी स्थिति में वापस ले जाएं और 10 बार ऐसा करें.

ब्लिंकिंग कैसे करें

  • आंखों को खोलकर रखते हुए आरामदायक हालत में बैठ जाएं.
  • 10 बार जल्दी-जल्दी पलक झपकाएं
  • इसके बाद आंखो को बंद कर लें और 20 से 25 सेकेण्ड के लिए आराम दें.
  • इस प्रक्रिया को 5 से 6 बार करें

भारत में पिछले 24 घंटों में कोविड-19 के 16 हजार से अधिक केस

भारत में पिछले 24 घंटों में कोविड-19 के 16 हजार से अधिक केस
कोविड-19 बना जानलेवा, संक्रमण से 5 रोगियों की मौत" : राष्ट्र की राजधानी में एक बार फिर कोविड-19 वायरस जानलेना बन गया है दिल्ली में एक दिन में कोविड के 648 न‌ए मुद्दे सामने आए, जबकि संक्रमण से 5 रोगियों की मृत्यु हो गई है पॉजिटिविटी दर में भी उछाल आया है कोविड-19 संक्रमण रेट 4.29 फीसदी हु‌ई पिछले 24 घंटों के दौरान दिल्ली में कोविड-19 के कुल 15103 टेस्ट किए गए और 785 रोगी ठीक हुए

 देश की राजधानी में एक बार फिर कोविड-19 वायरस जानलेना बन गया है दिल्ली में एक दिन में कोविड के 648 न‌ए मुद्दे सामने आए, जबकि संक्रमण से 5 रोगियों की मृत्यु हो गई है पॉजिटिविटी दर में भी उछाल आया है कोविड-19 संक्रमण रेट 4.29 फीसदी हु‌ई पिछले 24 घंटों के दौरान दिल्ली में कोविड-19 के कुल 15103 टेस्ट किए गए और 785 रोगी ठीक हुए फिलहाल, दिल्ली में कोविड-19 के कुल 3268 सक्रिय रोगी हैं और कंटोनमेंट जोन की संख्या घटकर 370 हो गई है

भारत में पिछले 24 घंटों में कोविड-19 के 16 हजार से अधिक केस

भारत में पिछले 24 घंटों में 16,103 नए मुद्दे सामने आए हैं, जो एक दिन पहले के मुकाबले करीब एक हजार कम है एक्टिव मामलों की संख्या 1 लाख 11 हजार से अधिक हो गई है स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, हिंदुस्तान में पिछले 24 घंटों में कोविड-19 के 16,103 मुद्दे सामने आए हैं, वहीं 31 लोगों की मृत्यु भी हो गई है इस समय दैनिक पॉजिटिविटी रेट 4.27 प्रतिशत हो गई है जो कि पिछले दिनों के मुकाबले बढ़ी है 

कोरोना वैक्सीनेशन में हिंदुस्तान गवर्नमेंट लगातार आगे

भारत में अब तक 1 अरब 97 करोड़ से अधिक कोविड-19 की वैक्सीन लग चुकी हैं यही वजह है कि कोविड-19 के मामलों के लगातार सामने आने के बावजूद राष्ट्र की स्वास्थ्य प्रबंध पर अधिक असर नहीं पड़ा है कोविड-19 संक्रमित अधिकांश लोग घरों पर ही आईसोलेट होकर अपना उपचार करा रहे हैं