गिलॉय से लेकर हल्दी तक, ये हैं 2020 के टॉप 8 इम्यूनिटी बूस्टर्स

गिलॉय से लेकर हल्दी तक, ये हैं 2020 के टॉप 8 इम्यूनिटी बूस्टर्स

कोरोना वायरस संक्रमण जब से फैलना शुरू हुआ, तभी से इम्यूनिटी एक ऐसा शब्द बन गया जिसे साल 2020 में सबसे ज़्यादा सर्च किया गया। इस जानलेवा वायरस के खिलाफ लड़ने के लिए अपनी इम्यूनिटी को मज़बूत करने के साथ बढ़ावा देना सभी को लिए ज़रूरी हो गया।

इस मुश्किल वक्त में, हमने प्राकृतिक खाने की एहमियत को समझा कि खुद को स्वस्थ रखने के लिए ये कितना ज़रूरी है। साल 2020 में इम्यूनिटी को बढ़ावा देने वाली ये 8 चीज़ें छाई रहीं।

अश्वगंधा

इम्यूनिटी को बढ़ावा देने के अपने गुणों की वजह से अश्वगंधा इस साल काफी पॉपुलर रही। साथ ही ये बेचैनी और तनाव में भी मददगार साबित होती है, जो इस पूरे साल महामारी की वजह से एक आम समस्या रही। 

गिलॉय

गिलॉय को जूस, दवा और काढ़े के रूप में लिया जाता है और इसीलिए ये इम्यूनिटी को मज़बूत करने की लिस्ट में सबसे ऊपर है। बच्चों से लेकर बुज़ुर्गों तक, शायद ही ऐसा कोई हो जिसने इस साल गिलॉय का सेवन न किया हो। गिलॉय एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है, जो फ्री-रैडिकल्स और बीमार करने वाले वायरस से लड़ने में मदद करते हैं। ये शरीर को डिटॉक्स करने के साथ खून को साफ करता है और रिकवरी को बढ़ावा देता है।


आंवला

आंवला विटामिन-सी, विटामिन-ए, फ्लावोनॉइड और पॉलीफेनॉल से भरपूर होता है। आंवला का सेवन करने से सफेद रक्त कोशिकाओं को बढ़ाने में मदद मिलती है, जो हैं शरीर में विदेशी कणों से लड़ते हैं। आंवला के जीवाणुरोधी और एंटी-इंफ्लामेट्री गुण मौसमी फ्लू को रोकने में मदद कर सकते हैं।  


हल्दी

भारत के ज़्यादातर खानों में हल्दी का उपयोग किया जाता है। हल्दी एक शक्तिशाली इम्यूनिटी बूस्टर है। आमतौर पर हल्दी पाउडर का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन इसकी जड़ें भी काफी फायदेमंद होती हैं। हल्दी में मौजूद कर्क्यूमिन में एंटी-इंफ्लामेट्री गुण होते हैं और ये इम्यूनिटी को बढ़ावा देने में मददगार साबित होती है। सिर्फ इतना ही नहीं, ये एंटी-फंगल, एंटीवायरल और एंटीबैक्टीरियल गुणों से भरपूर होता है।     

काली मिर्च

सब्जियों से लेकर काढ़े और सलाद तक, काली मिर्च का उपयोग भारतीय खाने में काफी आम है। शोध के अनुसार, काली मिर्च एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती है और इसमें एंटीमाइक्रोबियल और गैस्ट्रोप्रोटेक्टिव गुण भी होते हैं, जो इम्यूनिटी को बढ़ावा देने में काफी काम आते हैं।

नींद और इम्यूनिटी आपस में जुड़े हुए हैं। अगर किसी की नींद अच्छी नहीं है तो उसके बीमार पड़ने के आसार बढ़ जाते हैं। एक शोध में पता चला कि जो लोग 6 घंटे से कम की नींद लेते हैं, उन्हें उन लोगों की तुलना में ठंड लगने की अधिक संभावना होती है, जो हर दिन 6 घंटे या उससे अधिक सोते हैं। इसलिए जब हम बीमार होते हैं, तो ज़्यादा से ज़्यादा सोने की सलाह दी जाती है ताकि आपका इम्यून सिस्टम बीमारी से आसानी से लड़ सके। वयस्कों को हर दिन कम से कम 7 घंटे की नींद लेनी चाहिए, वहीं बच्चों को 8-10 घंटे सोना चाहिए।

चीनी की मात्रा कम करें

ज़्यादा चीनी खाने से शरीर में इंफ्लामेंशन बढ़ता है, जिससे बीमार होना आसान हो जाता है। ज़्यादा मीठे से मोटापा और ज़्यादा वज़न के शिकार भी हो जाते हैं, जिससे कई तरह की बीमारियां आपको अपना शिकार बना लेती हैं।

खूब पानी पिएं

कम पानी पीने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है, जिससे आपके मूड, शारीरिक प्रदर्शन, पाचन, हृदय और गुर्दे का कार्य में बाधा उत्पन्न हो सकती है। जिसकी वजह से बीमारी होने की संभावना बढ़ सकती है। इसलिए दिन में कम से कम 8 ग्लास पानी ज़रूर पिएं।


Sore Throat Cure: बदलते मौसम में गले की खराश से परेशान है तो करें ये घरेलू उपाय

Sore Throat Cure: बदलते मौसम में गले की खराश से परेशान है तो करें ये घरेलू उपाय

सर्दी का मौसम जैसे-जैसे विदाई ले रहा है वैसे-वैसे मौसम के बदलाव का असर सेहत पर भी दिख रहा है। मोटे कपड़े कम होते जा रहे हैं और गर्म चीजों की जगह ठंडी चीजें ले रही हैं, मौसमी बदलाव का असर हमारी सेहत पर साफ दिख रहा है। इस मौसम में सबसे ज्यादा परेशान गला ही करता है। इस मौसम में ठंडे पानी, कोल्ड्रिंक्स और ठंडी चीजों के सेवन से गले की खराश होना आम बात है। मौसम के बदलाव के कारण सर्दी, जुकाम एवं गले में दर्द या गले में खराश रहती है। बदलते मौसम में अगर खान-पान का ख्याल नहीं रखा जाए तो ये परेशानी किसी को भी अपनी चपेट में ले लेती है। गले में दर्द एवं खराश के कारण व्यक्ति को कुछ भी निगलने में कठिनाई होती है।

गले की खराश का सबसे ज्यादा असर रात में दिखता है। सोने से गले में कांटे पड़ते हैं, सुबह-सुबह आवाज नहीं निकलती। आप भी मौसम की वजह से होने वाली गले की खराश से परेशान हैं तो हम आपको कुछ देसी उपायों के बारे में बताते हैं जिन्हें अपनाकर आप गले की ख़राश को ठीक कर सकते हैं।


रात को हल्दी का गर्म दूध पीएं:

सोते समय हल्दी का दूध पीए। हल्दी में संक्रमण को दूर करने की क्षमता होती है, जो गले के संक्रमण को ठीक करने में मदद करती है।

काली मिर्च और तुलसी का सेवन करें:

एक कप पानी में 4 से 5 कालीमिर्च एवं तुलसी की 5 पत्तियों को उबालकर काढ़ा बना लें और इस काढ़े को पिएं। इस काढ़े का सेवन रात को करेंगे तो फायदा मिलेगा। काली मिर्च और तुलसी औषधीय गुणों से भरपूर होती है जो गले के संक्रमण को दूर करने में मददगार है।


लहसुन का करें इस्तेमाल:

लहसुन में एंटी-बैक्टीरियल तत्व पाए जाते हैं, इसलिए यह गले के संक्रमण को दूर करने में मदद करता है। लहसुन की कली को कुछ देर के लिए अपने दांतों के बीच रखें। इसका रस चूसने से गले को आराम मिलेगा।

गर्म पानी से गरारे करें: 

गले में खराश है तो गुनगुने पानी में नमक डाल कर गरारे करें। गरारे करने से गले की खराश दूर होगी और गले का संक्रमण भी ठीक हो जाएगा। गुनगुने पानी में नमक डालकर गरारे करना गले के लिए एक अच्छा इलाज है। 


शहद का करें सेवन:

गले की खराश दूर करने के लिए शहद का सेवन करें। शहद में गले की सूजन और जलन को कम करने वाले गुण पाए जाते हैं। यह उपाय गले की खराश से राहत दिलाएगा।


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