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कोरोना वायरस से बचाव के लिए क्या खाएं, किससे बचें

कोरोना वायरस से बचाव के लिए क्या खाएं, किससे बचें

कोविड-19 (Covid-19) के मुद्दे हिंदुस्तान समेत संसार से तमाम राष्ट्रों में फैल चुके हैं। पिछले 4 दिनों में पूरी संसार में 1 लाख से ज्यादा मरीज सामने आए। चूंकि कोरोना वायरस नया है व वैज्ञानिक भी इसके बारे में कुछ नहीं जानते इसलिए लोगों को इम्युनिटी मजबूत रखने की सलाह दी जा रही है। जानते हैं, क्या खाना इम्युनिटी बढ़ाता है व वैसे क्या खाने से बचना अच्छा है।

कि अभी इम्यून सिस्टम बढ़िया करने के लिए सिर्फ मल्टीविटामिन की टेबलेट ही बहुत ज्यादा नहीं, बल्कि खाने में सुधार करना होगा। इस बारे में एक प्रतिष्ठित व्यक्तिगत अस्पताल के सीनियर कंसल्टेंट- इंटरनल मेडिसिन, 

डॉ शर्मा के अनुसार वायरस नया है तो इसके बारे में कुछ नहीं बोला जा सकता, लेकिन इतना पक्का है कि दूसरे वायरस की तरह ये भी मजबूत इम्युनिटी वालों का कुछ नहीं बिगाड़ पाता। इम्युनिटी यानी शरीर की बीमारियों से लड़ने की क्षमता के लिए महत्वपूर्ण है कि हम हाई-प्रोटीन डायट लें। आमतौर पर हमारे रोजमर्रा के खाने में प्रोटीन लगभग 15% तक रहता है। लेकिन अब हमें इसे 'रिलेटिवली हाई' रखने की आवश्यकता है यानी लगभग 25 तक। कार्बोहाइडेड की मात्रा लगभग 50 फीसदी तक हो। इसके अतिरिक्त ज्यादा से ज्यादा ऐसी चीजें खानी चाहिए जिसमें आयरन की मात्रा ज्यादा हो। सूखे मेवों में रात को भिगोए हुए बादाम इम्युनिटी बढ़ाते हैं। साथ ही अखरोट व किशमिश खाना भी शरीर को मजबूती देता है।


फलों में ऐसे फलों को अहमियत दें जो लाल या पीले रंग वाले हैं जैसे संतरा, मौसंबी, बेर, बेरी, किवि व पपीता। ये सारे ही फल शरीर में विटामिन सी, आयरन व ओमेगा-3 फैटी एसिड बढ़ाकर शरीर को मजबूती देते हैं ताकि वो बीमारियों से लड़ सके।

इसके साथ ही कुछ आर्युवेदिक नुस्खे भी अपनाए जा सकते हैं, जिनका अगर लाभ न हो तो भी कोई नुकसान नहीं है। जैसे प्रातः काल खाली पेट तुलसी के धुले हुए पत्ते लेकर खाएं व उसके तुरंत बाद दूध या पानी पी लें। कुछ पीना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि तुलसी में थोड़ी मात्रा में मर्करी होती है। मर्करी खाने पर दांतों में पीलापन आ जाता है, वहीं दूध या पानी पीने पर ये भय नहीं रहता। इसके अतिरिक्त दोपहर के खाने से पहले 2 लौंग चबा सकते हैं। इसके आधे घंटे बाद ही कुछ खाएं। लौंग भी इम्युनिटी के लिए लाभकारी होती है।

इम्युनिटी बढ़ाने वाली चीजों के अतिरिक्त बेसिक हाइजीन भी बनाए रखना है। जैसे बार-बार हाथ धोना व सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखना। हाथ धोने का एक खास उपाय अपनाएं, जिसमें साबुन पूरी हथेली में अच्छी तरह लगे। सादे पानी से हाथ धोने का कोई लाभ नहीं है क्योंकि इस वायरस पर लिपिड की एक लेयर होती है जो सादे पानी से धोने पर बची रहती है। वहीं साबुन से हाथ धोने पर हाथ वायरसमुक्त हो जाते हैं।
वैसे हम फेज 2 में हैं। अगर फेज 3 में पहुंच गए तो अस्पतालों में स्थान नहीं बचेगी। हमारे यहां हर 1000 की आबादी पर 0.5 बेड हैं व हर साढ़े 1200 मरीजों पर एक डॉक्टर। इटली जैसे सुविधाओं से युक्त देश में जब फेज 3 में ऐसा हाल हुआ तो हमारे देश का अंदाजा इसी आंकड़े से लग सकता है।

डायट के बारे में ही University of Manchester में इम्युनोलॉजी की प्रोफेसर Sheena Cruickshank का मानना है कि हमारे शरीर के इम्यून सिस्टम में कई blind spot होते हैं यानी इम्यून सिस्टम कई बीमारियों की पहचान नहीं कर पाता व बीमारी का शिकार हो जाता है। ऐसे में अच्छी डायट रखना व अच्छी जीवन स्टाइल ही हमें बचा सकती है।


नींद कम लेने से इम्यून सिस्टम होने कि सम्भावना है कमजोर

नींद कम लेने से इम्यून सिस्टम होने कि सम्भावना है कमजोर

कोरोना वायरस (coronavirus) से बचाव के लिए सारे देश में लॉकडाउन (Lockdown) है। लॉकडाउन के चलते कई लोग वर्क फ्रॉम होम भी कर रहे हैं। इस दौरान वो लैपटॉप की स्क्रीन या फिर अपने मोबाइल फोन के सम्पर्क में कई घंटे रहते हैं। कार्य समाप्त होने के बाद भी कुछ लोग मोबाइल स्क्रॉल करते रहते हैं जिससे वजह से उन्हें नींद आने में बहुत ज्यादा कठिनाई होती है। रात को देर से सोना व प्रातः काल शिफ्ट के लिए जल्दी उठ जाने से कई बार लोगों की नींद पूरी नहीं होती है जिसका सीधा प्रभाव न केवल उनके चेहरे व स्वभाव पर पड़ता है बल्कि उनकी इम्यूनिटी क्षमता भी बहुत ज्यादा निर्बल हो जाती है। लेकिन क्या आप कम सोने के नुकसान जानते हैं। एनडीटीवी के हवाले से आइए जानते कम नींद लेने के नुकसान

इम्यूनिटी सिस्टम पर पड़ता है बुरा असर:
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आप कम नींद लेते हैं तो इम्यूनिटी बहुत ज्यादा कम हो सकती है। हालांकि निर्बल इम्यूनिटी के पीछे व भी कई वजहें जिम्मेदार हो सकती हैं।

सेक्सुअल डिसऑर्डर की समस्या:

नींद कम ले पाने का सीधा असर लोगों की यौन क्षमता पर भी पड़ता है। दरअसल, टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन की वजह से ही स्त्रियों व पुरुषों में यौन संबंध बनाने की ख़्वाहिश होती है। जब आप सोते हैं तो टेस्टोस्टेरॉन का लेवल बढ़ जाता है।

याददाश्त होती है कमजोर:
कम नींद लेने से लोगों का मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है। इसका सीधा प्रभाव उनकी याददाश्त पर भी पड़ता है। लोगों की लॉन्ग टर्म मेमोरी प्रभावित होती है व वो बातों को बहुत ज्यादा जल्दी भूलने लगते हैं।

निर्णय लेने की क्षमता होती है प्रभावित:
कम नींद लेने से आपकी फैसला लेने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। कई बार आपने शायद ऐसा महसूस किया होगा कि आप किसी बात को लेकर क्विक डिसिजन नहीं ले पा रहे हैं व फैसला लेने के बाद भी आप उसे लेकर श्योर नहीं हैं। नींद कम लेने की वजह से अक्सर फैसला लेते वक्त लोग असमंजस का शिकार हो जाते हैं।

बढ़ सकता है स्ट्रेस:
कम नींद लेने का सीधा प्रभाव हमारे मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। दरअसल, सोने से दिमाग फ्रेश रहता है व ऊर्जा से भरा रहता है। लेकिन जब नींद पूरी नहीं हो पाती है तो दिमाग भी फ्रेश नहीं महसूस करता हैं। यही वजह है कि कम नींद लेने से स्ट्रेस बढ़ सकता है।