अगर आपको भी लगती है ज्यादा ठण्ड, तो...

अगर आपको भी लगती है ज्यादा ठण्ड, तो...

अक्सर ऐसे लोगो को देखा गया है जिन्हे कुछ ज्यादा ठण्ड लगती है जबकि आमतौर पर इतनी ठण्ड होती नहीं है अगर आप भी इनमे से एक है तो आपको ये जानना जरुरी है की ऐसा होना आम बात नहीं है ये एक समस्या हैखासतौर पर जब आपको अपने रुटीन में ऐसा कुछ ना नजर आए, जो ठंड महसूस होने की वजह हो. जैसे, आपने बहुत ज्यादा देर तक पानी में कार्य नहीं किया है या आपको फीवर भी नहीं है लेकिन ठंड से आपकी हालत बेकार हो रही है. यहां जानें क्यों अधिक ठंड लगने पर आपको अपनी स्वास्थ्य पर बहुत अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है

-बहुत अधिक डायटिंग करने या फास्ट फूड पर निर्भर रहने के कारण शरीर को पूरा पोषण नहीं मिल पाता है. इस कारण ज्यादातर बच्चे व टीनेजर्स प्रॉपर न्यूट्रिशन की कमी के चलते एनिमिया के शिकार हो जाते हैं. यह स्थिति आमतौर पर गर्ल्स में अधिक देखने को मिलती है. शरीर में खून की कमी होने पर भी ठंड अधिक महसूस होती है.

-शरीर में ब्ल्ड सर्कुलेशन अच्छा से ना हो पाना भी हर समय ठंड महसूस होने की वजह होता है. यह स्थिति आमतौर पर डायटबीटीज व हार्ट पेशंट्स में देखने को मिलती है. इसके अतिरिक्त मसल्स का स्टिफ होना, जोड़ो में दर्द होना या पेट में क्रैंप्स के साथ दर्द होना भी ठंड लगने की निशानी होती है. इनका कारण भी शरीर में ब्लड सर्कुलेशन अच्छा से ना हो पाना होता है. इस स्थिति की मुख्य वजह ब्लड की थिकनेस व ठीक डायट का अभाव होता है.

- अगर आप पूरी 7 से 8 घंटे की नींद नहीं ले पाते हैं तो इस स्थिति में अधिक ठंड लगने का अहसास होता है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि अगर बॉडी को प्रॉपर रेस्ट नहीं मिल पाता है तो वह अपना टेंप्रेचर मेंटेन नहीं रख पाती. नींद पूरी ना होने की स्थिति में मेटाबॉलिज़म स्लो कार्य करने लगता है, इससे शरीर में ऊर्जा का उत्पादन कम होता है व अधिक ठंड लगती है.

-शरीर में हॉर्मोन की गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार होती है हाइपोथाइरॉइडिज़म की स्थिति. यह एक हॉर्मोनल डिसऑर्डर है. इस स्थिति में बॉडी में हॉर्मोन्स का उत्पादन उतनी मात्रा में नहीं हो पाता है, जितनी बॉडी को आवश्यकता होती है. इसके चलते मेटाबॉलिज़म बॉडी टेम्प्रेचर मेंटेन नहीं कर पाता है व आपको ज्यादा ठंड लगती है.