फालसे का जूस के जानिए बेहतरीन फायदे

फालसे का जूस के जानिए बेहतरीन फायदे

चिलचिलाती धूप लगने से हम सभी की हालत खराब रहती है. ऐसे में काफी थकान और सुस्ती महसूस होती है. गर्मी से राहत पाने के लिए लोग कई तरह के ठंडे फूड्स भी डाइट में शामिल करते हैं. इस लिस्ट में तरबूज और खीरे जैसे फूड्स भी शामिल हैं. जी दरअसल ये फूड्स पानी से भरपूर होते हैं और स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होते हैं. इसी के साथ ये शरीर को ठंडक पहुंचाने का काम करते हैं. हालाँकि गर्मियों में आप फालसे (Phalsa) जैसे फूड्स भी डाइट में शामिल कर सकते हैं. आप सभी फालसे से बना जूस (Phalsa Juice) पी सकते हैं. जी दरअसल यह स्वादिष्ट होने के साथ स्वास्थ्य के लिए भी बहुत लाभकारी होता है. अब हम आपको बताते हैं आपको इससे स्वास्थ्य को होने वाले लाभ के बारे में.

ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करता है- फालसे में आयरन भरपूर मात्रा में होता है. यह खून को बढ़ाने में सहायता करता है. इसी के साथ इसका जूस पीने से ब्लड सर्कुलेशन में सुधार होता है. जी दरअसल ये हीमोग्लोबिन लेवल को बढ़ाने का काम करता है. ये एनीमिया जैसी रोंगों को दूर करता है.

मांसपेशियां होती है मजबूत- फालसे में कई सारे पोषक तत्व होते हैं. जी दरअसल इसमें पोटैशियम और प्रोटीन होता है. ये दोनों पोषक तत्व हमारी मांसपेशियों को मजबूत बनाने में सहायता करते हैं. यदि आप नियमित रूप से इसका सेवन करें तो आपको फायदा होगा.

शरीर को ठंडक पहुंचाने का काम करता है- फालसे में विटामिन सी भरपूर मात्रा में होता है. जी दरअसल इसमें शरीर को ठंडक पहुंचाने वाले गुण भी होते हैं. इसी के साथ ये जूस शरीर में पानी की कमी को पूरा करता है. इसके अतिरिक्त यह सनस्ट्रोक से बचाने का काम करता है और इस जूस में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते है जो हमारे शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले हानि से बचाने में सहायता करते हैं.

पाचन तंत्र को स्वस्थ- फालसे में पोटैशियम भरपूर मात्रा में होता है. ये पाचन तंत्र को स्वस्थ रखता है. ये दस्त जैसे परेशानियों से बचाने में सहायता करता है.

ब्लड प्रेशर कंट्रोल- फालसे के जूस में चिकित्सीय गुण होते हैं. ये ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में सहायता करता है. इसी के साथ ये कोलेस्ट्रोल के लेवल को कंट्रोल में रखता है. इसका जूस पीने से लिवर ठीक ढंग से काम करता है.

कैसे बनाएं फालसे का जूस- इसके लिए आपको 250 ग्राम फालसे, 1 चम्मच ब्राउन शुगर, आधा चम्मच काला नमक और कुछ आइस क्यूब्स की आवश्यकता होगी. अब इस जूस को बनाने के लिए सबसे पहले फालसे को पानी से अच्छे से धो लें. उसके बाद इसके पानी को सुखा लें और फालसे को मिक्सी में डालें. अब इसमें थोड़ा पानी डालें और इसका पेस्ट बना लें. 1 से 2 बार मिक्सी चलाने के बाद इसमें थोड़ा नमक और चानी डालें. इसे फिर से ग्राइंड करें. इसके बाद इसे छलनी से छान लें. इसमें आइस क्यूबस डालें. इसका सेवन करें.


शरीर का कौन सा अंग इस्तेमाल करता है सबसे ज्यादा ऊर्जा

शरीर का कौन सा अंग इस्तेमाल करता है सबसे ज्यादा ऊर्जा

इंसान को कोई भी काम करने के लिए ऊर्जा (Why energy is needed for body) की आवश्यकता होती है ये ऊर्जा उसे खाने से मिलती है पर क्या आप जानते हैं कि शरीर के कुछ अंगों को अधिक ऊर्जा की आवश्यकता पड़ती है जबकि कुछ को कम ऐसे में ये प्रश्न पूछना तो लाजमी है कि आखिर कौन सा हिस्सा सबसे अधिक ऊर्जा का इस्तेमाल (Which organ uses most energy) करता है और इसे ये ऊर्जा मिलती कैसे है?

बिना पहेलियां बुझाए आपको सीधे शब्दों में इसका उत्तर देते हैं दिमाग यानी ब्रेन ( brain uses the most energy in body), आदमी के शरीर का ऐसा अंग है जिसके बिना आदमी एक कदम भी आगे नहीं बढ़ा सकता यही अंग सबसे अधिक ऊर्जा का इस्तेमाल करता है वैसे सोचने वाली बात ये भी है कि जिस अंग का इतना जटिल काम है, वो अधिक ऊर्जा तो इस्तेमाल करेगा ही चलिए आपको दिमाग के द्वारा ली जाने वाली ऊर्जा के बारे कुछ अनोखी बातें बताते हैं

दिमाग के लिए क्या है ईंधन
हार्वर्ड मेडिकल विद्यालय की एक रिपोर्ट के मुताबिक ग्लूकोज, शुगर का एक रूप, शरीर की प्रत्येक कोशिका के लिए ऊर्जा का प्राथमिक साधन है ब्रेन में सबसे अधिक संख्या में नर्व सेल, न्यूरॉन आदि होते हैं इसलिए उसे ऊर्जा का सबसे अधिक काम होता है बड़ी मात्रा में शुगर से मिलने वाली ऊर्जा दिमाग के पास ही जाती है शुगर दिमाग का प्रमुख ईंधन है

दिमाग सबसे अधिक ऊर्जा का इस्तेमाल करता है (प्रतीकात्मक फोटो: Canva)

दिमाग के हिस्से भिन्न-भिन्न तरह से इस्तेमाल करते हैं ऊर्जा
अब प्रश्न ये उठता है कि दिमाग कितनी ऊर्जा का इस्तेमाल करता है ब्रेन फैक्ट्स की रिपोर्ट के मुताबिक आराम कर रहे शख्स के शरीर की 20 प्रतिशत ऊर्जा दिमाग इस्तेमाल करता है यदि ब्रेन में भी हम और अंदर जाकर इस बारे में विस्तार से बात करें तो दिमाग में ग्रे मैटर और व्हाइट मैटर जैसे दो भाग होते हैं ग्रे मैटर अधिक ऊर्जा का इस्तेमाल करता है जबकि व्हाइट मैटर कम दिमाग को इस ऊर्जा की सबसे अधिक आवश्यकता सोचने, और शरीर के बाकी हिस्सों को संदेश भेजने में इस्तेमाल होती है हमारे सोने के दौरान भी ब्रेन चलता रहता है, ऐसे में उसे सक्रिय रखने में ये ऊर्जा जाती है

दिमाग केवल 10 प्रतिशत ही काम करता है?
आपने कई बार ये सुना होगा कि आम आदमी दिमाग का केवल 10 प्रतिशत (Why humans use 10 percent of brain) हिस्सा इस्तेमाल करता है और कोई जादूई गोली खाने से वो 90 प्रतिशत इस्तेमाल करने लगेगा ये केवल एक अफवाह है एक तरह ये बात सच है कि दिमाग कम हिस्सा इस्तेमाल करता है, मगर ऐसा इसलिए नहीं होता क्योंकि दिमाग में कोई कमी है ऐसा इसलिए होता है जिससे दिमाग अपनी ऊर्जा को बचा सके यदि हमने किसी तरह दिमाग में स्थित तीन गुना न्यूरॉन्स को एक बार में सक्रिय कर दिया तो उसे ऊर्जा और ऑक्सीजन की उतनी ही तेजी से आवश्यकता पड़ेगी, जितनी पैर की मांसपेशियों को दौड़ते समय पड़ती है