पीरियड में गड़बड़ी बन सकती है इस गंभीर रोग की वजह

पीरियड में गड़बड़ी बन सकती है इस गंभीर रोग की वजह

महिलाओं में प्रत्येक माह पीरियड्स आते है. इस बात से तो आप सभी वाकिफ ही होंगे. वैसे तो बहुत सी स्त्रियों को सामान्य रूप से पीरियड्स आते है लेकिन कुछ स्त्रियों को अवधि पूरी होने पर भी पीरियड्स बने रहते है. ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं ऐसा क्यों होता है? जी दरअसल मासिक धर्म की अवधि आम तौर पर 3 से 7 दिनों की रहती है और यदि मासिक धर्म 7 दिन से अधिक का हो जाता है तो उसे लंबी अवधि कहते है. कजी हाँ और एक हफ्ते से अधिक समय तक बने रहने की अवधि को मेनोरेजिया कहते है. आपको बता दें कि मेनोरेजिया के कारण बहुत सी गंभीर रोग हो सकती है. आज हम आपको उन्ही के बारे में बताने जा रहे हैं.

दवाएं - कुछ दवाओं की वजह से पीरियड्स की लंबी अवधि होती है. जी हाँ और इन दवाओं में शामिल है - गर्भनिरोधक दवाई जैसे: अंतर्गर्भाशयी उपकरण और विस्तारित जन्म नियंत्रण की गोलियाँ, एस्पिरिन और अन्य ब्लड थिनर्स, एंटी इंफ्लामेट्रिस दवाएं शामिल है.

हार्मोन की वजह - महिलाओं को प्रत्येक माह यूट्रस में एक परत बनती है. जी हाँ और यह परत पीरियड्स में रक्त के द्वारा शरीर से बाहर निकलती है लेकिन हार्मोन का स्तर बिगड़ जाता है तो यह परत मोटी हो जाती है. इससे अधिक समय तक रक्तस्त्राव होता है. जी दरअसल ओव्यूलेट ना होने की वजह से भी हार्मोन असंतुलित हो जाते है जिससे भी अधिक समय तक पीरियड्स बने रहते है.

प्रेगनेंसी - प्लेसेंटा प्रिविया होने पर गर्भावस्था में भी रक्तस्राव होता है जो की अधिक भी हो सकता है. ऐसे में यदि आपने प्रेगनेंसी टेस्ट करवाया है और रिपोर्ट पॉजिटिव है. जिसके बाद भी आपको रक्तस्त्राव हो रहा है तो आपको अपने चिकित्स्क से संपर्क करना चाहिए.

यूटरस का बढ़ना -  जब यूटरस की परत में पॉलीप्स की मात्रा बढ़ने लगती है तो रक्तस्त्राव अधिक होता है तथा जब यूट्रस में फाइब्रॉएड ट्यूमर होता है तब भी अधिक दिनों तक रक्तस्त्राव होता है.

एडेनोमायोसिस - यह एक ऊतक निर्माण है. जी दरअसल ऐसी स्थिति तब बनती है जब आपका एंडोमेट्रियम या गर्भाशय की परत गर्भाशय की मांसपेशियों में स्वयं को एम्बेड कर लेती है. जी हाँ और इस वजह से मासिक धर्म लम्बी अवधि तक बना रहता है.

कैंसर से - गर्भाशय या ओवरी कैंसर होने के कारण भी ऐसा होता है.

रक्तस्राव की स्थिति - जब शरीर में रक्त को थक्का बनाने की क्षमता प्रभावित होती है, तब भी ऐसा होता है इनमें दो प्रमुख है हीमोफिलिया और वॉन विलेब्रांड रोग.

पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज -  जब बैक्टीरिया प्रजनन अंगों को संक्रमित करते है तब यह रोग होती है. ऐसे में मासिक धर्म चक्र में परिवर्तन के साथ पीआईडी असामान्य योनि स्राव भी करता है.

मोटापा - इसका एक कारण मोटापा भी होता है क्योंकि वसायुक्त ऊतक शरीर में अधिक एस्ट्रोजन का उत्पादन करते है. ऐसे में यह अतिरिक्त एस्ट्रोजन मासिक धर्म की लम्बी अवधि का कारण बनते है.

थायराइड - अगर आपको थायराइड है जिसमें आपको कठिनाई आ रही है तब भी अधिक समय तक पीरियड्स आने की स्थिति बनी रहती है.

एंडोमेट्रियोसिस -  यह उस समय होता है जब गर्भाशय की कोशिकाओं के छोटे टुकड़े गर्भाशय के बाहर फैलते है तो ऐसा होता है, जैसे- अंडाशय, फैलोपियन ट्यूब, मूत्राशय या योनि में.


शरीर का कौन सा अंग इस्तेमाल करता है सबसे ज्यादा ऊर्जा

शरीर का कौन सा अंग इस्तेमाल करता है सबसे ज्यादा ऊर्जा

इंसान को कोई भी काम करने के लिए ऊर्जा (Why energy is needed for body) की आवश्यकता होती है ये ऊर्जा उसे खाने से मिलती है पर क्या आप जानते हैं कि शरीर के कुछ अंगों को अधिक ऊर्जा की आवश्यकता पड़ती है जबकि कुछ को कम ऐसे में ये प्रश्न पूछना तो लाजमी है कि आखिर कौन सा हिस्सा सबसे अधिक ऊर्जा का इस्तेमाल (Which organ uses most energy) करता है और इसे ये ऊर्जा मिलती कैसे है?

बिना पहेलियां बुझाए आपको सीधे शब्दों में इसका उत्तर देते हैं दिमाग यानी ब्रेन ( brain uses the most energy in body), आदमी के शरीर का ऐसा अंग है जिसके बिना आदमी एक कदम भी आगे नहीं बढ़ा सकता यही अंग सबसे अधिक ऊर्जा का इस्तेमाल करता है वैसे सोचने वाली बात ये भी है कि जिस अंग का इतना जटिल काम है, वो अधिक ऊर्जा तो इस्तेमाल करेगा ही चलिए आपको दिमाग के द्वारा ली जाने वाली ऊर्जा के बारे कुछ अनोखी बातें बताते हैं

दिमाग के लिए क्या है ईंधन
हार्वर्ड मेडिकल विद्यालय की एक रिपोर्ट के मुताबिक ग्लूकोज, शुगर का एक रूप, शरीर की प्रत्येक कोशिका के लिए ऊर्जा का प्राथमिक साधन है ब्रेन में सबसे अधिक संख्या में नर्व सेल, न्यूरॉन आदि होते हैं इसलिए उसे ऊर्जा का सबसे अधिक काम होता है बड़ी मात्रा में शुगर से मिलने वाली ऊर्जा दिमाग के पास ही जाती है शुगर दिमाग का प्रमुख ईंधन है

दिमाग सबसे अधिक ऊर्जा का इस्तेमाल करता है (प्रतीकात्मक फोटो: Canva)

दिमाग के हिस्से भिन्न-भिन्न तरह से इस्तेमाल करते हैं ऊर्जा
अब प्रश्न ये उठता है कि दिमाग कितनी ऊर्जा का इस्तेमाल करता है ब्रेन फैक्ट्स की रिपोर्ट के मुताबिक आराम कर रहे शख्स के शरीर की 20 प्रतिशत ऊर्जा दिमाग इस्तेमाल करता है यदि ब्रेन में भी हम और अंदर जाकर इस बारे में विस्तार से बात करें तो दिमाग में ग्रे मैटर और व्हाइट मैटर जैसे दो भाग होते हैं ग्रे मैटर अधिक ऊर्जा का इस्तेमाल करता है जबकि व्हाइट मैटर कम दिमाग को इस ऊर्जा की सबसे अधिक आवश्यकता सोचने, और शरीर के बाकी हिस्सों को संदेश भेजने में इस्तेमाल होती है हमारे सोने के दौरान भी ब्रेन चलता रहता है, ऐसे में उसे सक्रिय रखने में ये ऊर्जा जाती है

दिमाग केवल 10 प्रतिशत ही काम करता है?
आपने कई बार ये सुना होगा कि आम आदमी दिमाग का केवल 10 प्रतिशत (Why humans use 10 percent of brain) हिस्सा इस्तेमाल करता है और कोई जादूई गोली खाने से वो 90 प्रतिशत इस्तेमाल करने लगेगा ये केवल एक अफवाह है एक तरह ये बात सच है कि दिमाग कम हिस्सा इस्तेमाल करता है, मगर ऐसा इसलिए नहीं होता क्योंकि दिमाग में कोई कमी है ऐसा इसलिए होता है जिससे दिमाग अपनी ऊर्जा को बचा सके यदि हमने किसी तरह दिमाग में स्थित तीन गुना न्यूरॉन्स को एक बार में सक्रिय कर दिया तो उसे ऊर्जा और ऑक्सीजन की उतनी ही तेजी से आवश्यकता पड़ेगी, जितनी पैर की मांसपेशियों को दौड़ते समय पड़ती है