कम उम्र में बालों के सफेद होने से हैं परेशान तो नाभि पर लगाए ये चीज

कम उम्र में बालों के सफेद होने से हैं परेशान तो नाभि पर लगाए ये चीज

सफेल बाल आज के समय में कई लोगों की कठिनाई बन चुके हैं. जी हाँ, कई लोगों को सफ़ेद बाल बहुत परेशान करते हैं और समय से पहले इनका होना बहुत बुरा होता है. ऐसे में इनको काला करने के लिए लोग नए-नए ढंग ढूंढते हैं. जी हाँ और कई तरह के तरीका या फिर दवाएं भी लेते हैं, हालाँकि रिज़ल्ट ठीक नहीं निकलता. लेकिन आज हम आपको बताने जा रहे हैं एक ऐसी चीज जो सबके किचन में उपस्थित होती है और उसके द्वारा सफ़ेद बालों को काला किया जा सकता है. जी हाँ और वो चीज है घी. घी से समय से पहले सफेद हुए बालों को काला किया जा सकता है. सिर्फ यही नहीं बल्कि इसका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता है.

जी दरअसल घी को प्रत्येक दिन अपनी नाभि पर लगाए और ध्यान रहे एक दिन भी इसे लगाना भूले नहीं, इससे आपके बाल काले हो जाएंगे. इसी के साथ ही बाल मजबूत भी हो जाएंगे. ध्यान रहे नाभि के अतिरिक्त इसे बालों पर भी लागू कर सकते हैं. जी दरअसल यदि आपके हेयर ड्राई है तो इसके लगाने से बाल मुलायम हो जाएंगे. इसके अतिरिक्त आप चाहे तो धोने से पहले बाल में घी लगाए और इसे एक से दो घंटे के लिए छोड़ दे. उसके बाद शैंपू करें. इससे बाल मुलायम हो जाएंगे. वहीं यदि डैंड्रफ की प्रॉब्लम है तो घी लगाने से इसमें भी लाभ होता है. जी दरअसल घी स्वास्थ्य के लिए तो लाभकारी होता ही है लेकिन बालों के स्कैल्प में इंफेक्शन से बचाव भी करता है.

आज के समय में लड़कियों को दो मुंहे बालों की बहुत परेशानी होती है. जी हाँ और इसके लिए वो ट्रीटेमेंट कराती है जिसमें पैसे खर्च होते हैं. हालाँकि इस परेशानी से निजात घी बहुत सरलता से दिलाता है. जी दरअसल घी बालों में लगाने से दो मुंहे बाल से छुटाकारा पाया जा सकता है. इसके अतिरिक्त घी को खाने में इस्तेमाल करने से स्वास्थ्य अच्छी होती है और हड्डियां मजबूत बनती है. लेकिन जिन्हें कोलेस्ट्रॉल की परेशानी है उन्हें कम मात्रा में घी लेना चाहिए.


शरीर का कौन सा अंग इस्तेमाल करता है सबसे ज्यादा ऊर्जा

शरीर का कौन सा अंग इस्तेमाल करता है सबसे ज्यादा ऊर्जा

इंसान को कोई भी काम करने के लिए ऊर्जा (Why energy is needed for body) की आवश्यकता होती है ये ऊर्जा उसे खाने से मिलती है पर क्या आप जानते हैं कि शरीर के कुछ अंगों को अधिक ऊर्जा की आवश्यकता पड़ती है जबकि कुछ को कम ऐसे में ये प्रश्न पूछना तो लाजमी है कि आखिर कौन सा हिस्सा सबसे अधिक ऊर्जा का इस्तेमाल (Which organ uses most energy) करता है और इसे ये ऊर्जा मिलती कैसे है?

बिना पहेलियां बुझाए आपको सीधे शब्दों में इसका उत्तर देते हैं दिमाग यानी ब्रेन ( brain uses the most energy in body), आदमी के शरीर का ऐसा अंग है जिसके बिना आदमी एक कदम भी आगे नहीं बढ़ा सकता यही अंग सबसे अधिक ऊर्जा का इस्तेमाल करता है वैसे सोचने वाली बात ये भी है कि जिस अंग का इतना जटिल काम है, वो अधिक ऊर्जा तो इस्तेमाल करेगा ही चलिए आपको दिमाग के द्वारा ली जाने वाली ऊर्जा के बारे कुछ अनोखी बातें बताते हैं

दिमाग के लिए क्या है ईंधन
हार्वर्ड मेडिकल विद्यालय की एक रिपोर्ट के मुताबिक ग्लूकोज, शुगर का एक रूप, शरीर की प्रत्येक कोशिका के लिए ऊर्जा का प्राथमिक साधन है ब्रेन में सबसे अधिक संख्या में नर्व सेल, न्यूरॉन आदि होते हैं इसलिए उसे ऊर्जा का सबसे अधिक काम होता है बड़ी मात्रा में शुगर से मिलने वाली ऊर्जा दिमाग के पास ही जाती है शुगर दिमाग का प्रमुख ईंधन है

दिमाग सबसे अधिक ऊर्जा का इस्तेमाल करता है (प्रतीकात्मक फोटो: Canva)

दिमाग के हिस्से भिन्न-भिन्न तरह से इस्तेमाल करते हैं ऊर्जा
अब प्रश्न ये उठता है कि दिमाग कितनी ऊर्जा का इस्तेमाल करता है ब्रेन फैक्ट्स की रिपोर्ट के मुताबिक आराम कर रहे शख्स के शरीर की 20 प्रतिशत ऊर्जा दिमाग इस्तेमाल करता है यदि ब्रेन में भी हम और अंदर जाकर इस बारे में विस्तार से बात करें तो दिमाग में ग्रे मैटर और व्हाइट मैटर जैसे दो भाग होते हैं ग्रे मैटर अधिक ऊर्जा का इस्तेमाल करता है जबकि व्हाइट मैटर कम दिमाग को इस ऊर्जा की सबसे अधिक आवश्यकता सोचने, और शरीर के बाकी हिस्सों को संदेश भेजने में इस्तेमाल होती है हमारे सोने के दौरान भी ब्रेन चलता रहता है, ऐसे में उसे सक्रिय रखने में ये ऊर्जा जाती है

दिमाग केवल 10 प्रतिशत ही काम करता है?
आपने कई बार ये सुना होगा कि आम आदमी दिमाग का केवल 10 प्रतिशत (Why humans use 10 percent of brain) हिस्सा इस्तेमाल करता है और कोई जादूई गोली खाने से वो 90 प्रतिशत इस्तेमाल करने लगेगा ये केवल एक अफवाह है एक तरह ये बात सच है कि दिमाग कम हिस्सा इस्तेमाल करता है, मगर ऐसा इसलिए नहीं होता क्योंकि दिमाग में कोई कमी है ऐसा इसलिए होता है जिससे दिमाग अपनी ऊर्जा को बचा सके यदि हमने किसी तरह दिमाग में स्थित तीन गुना न्यूरॉन्स को एक बार में सक्रिय कर दिया तो उसे ऊर्जा और ऑक्सीजन की उतनी ही तेजी से आवश्यकता पड़ेगी, जितनी पैर की मांसपेशियों को दौड़ते समय पड़ती है