ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए रोजाना पिएं नोनी का जूस

ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए रोजाना पिएं नोनी का जूस

डायबिटीज के मरीजों की संख्या में रोजाना इजाफा हो रहा है। इस बीमारी में रक्त में शर्करा स्तर बढ़ जाता है। साथ ही अग्नाशय से इंसुलिन हार्मोन निकलना बंद हो जाता है। यह स्थिति टाइप 2 डायबिटीज के मरीजों में होती है। विशेषज्ञों की मानें तो डायबिटीज के मरीजों के लिए शुगर कंट्रोल करना टेढ़ी खीर साबित होता है। इसके लिए नियमित दवा का सेवन करें। साथ ही वर्कआउट और उचित खानपान जरूरी है। इसके अलावा, नियमित रूप से ब्लड शुगर की जांच जरूर करानी चाहिए। अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं और ब्लड शुगर कंट्रोल करना चाहते हैं, तो नोनी का सेवन कर सकते हैं। कई शोध में खुलासा हुआ है कि नोनी डायबिटीज रोग में बेहद फायदेमंद होता है। आइए इसके बारे में सब कुछ जानते हैं-

नोनी क्या है


नोनी एक सदाबहार पेड़ है, जो भारत के कई हिस्सों में पाया जाता है। यह मोरिंडा सिट्रफोलिया परिवार का सदस्य है। इसके फल का सेवन किया जाता है। नोनी का इस्तेमाल औषधि के रूप में किया जाता है। इसमें विटामिन ए, सी, बी3, आयरन और एंटी-ऑक्सीडेंट पाया जाता है। इसका इस्तेमाल डायबिटीज समेत कई बीमारियों में फायदेमंद होता है। डॉक्टर भी नोनी का सेवन करने की सलाह देते हैं।

रिसर्च गेट पर छपी एक शोध में नोनी के फायदे को बताया गया है। इस शोध में शामिल लोगों को 3 हफ्ते तक रोजाना 30ml नोनी का जूस पीने की सलाह दी गई। इस शोध से खुलासा हुआ है कि नोनी का जूस शुगर कंट्रोल करने में सक्षम है। इस शोध में शामिल लोगों के शुगर की जांच की गई। इसमें परिणाम संतोषजनक मिला। इसके लिए डायबिटीज के मरीज रोजाना नोनी जूस का सेवन कर सकते हैं। विशेषज्ञों की मानें तो नोनी जूस के सेवन से बढ़ते वजन को भी कंट्रोल किया जा सकता है। इसके सेवन से पाचन तंत्र भी मजबूत होता है।


रोज शराब का सेवन करने से बढ़ता का कैंसर का खतरा

रोज शराब का सेवन करने से बढ़ता का कैंसर का खतरा

शराब पीना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। लेकिन यह बहुत ही कम लोग जानते होंगे की इससे कैंसर का भी खतरा बढ़ जाता है। ज्यादा शराब पीने से त्वचा कैंसर के होने का खतरा बना रहता है। शराब पीने के और भी कई नुकशान है। जिससे दिन पर दिन इंसान अपनी जिंदगी खत्म कर रहा है। 

शराब पीने से बढ़ता है कैंसर का खतरा:

‘ब्रिटिश जर्नल ऑफ डर्मेटोलॉजी’ ने हाल ही में एक रिसर्च किया था। जिसमे में पाया गया है कि रोजाना दस ग्राम ज्यादा शराब लेने से बेसल सेल कार्सिनोमा (बीसीसी) का खतरा 7 फीसदी और स्किन स्केव्मस सेल कार्सिनोमा (सीएससीसी) का खतरा 11 फीसदी बढ़ जाता है। ये नॉन-मेलनोमा त्वचा कैंसर के दो सामान्य प्रकार हैं।

क्या है इसके लक्षण:

मेलानोमा सबसे घातक होता है। इस कैंसर में गले में सूजन या खुजली महसूस कर सकते हैं, यह शरीर पर कहीं भी हो सकता है। इसमें घाव जल्दी जल्दी बढ़ने लगते हैं। घाव के भी कई रंग हो सकते हैं जैसे काला या गुलाबी। सही समय पर इसका उपचार करना बहुत जरुरी होता है वरना धीरे धीरे ये गंभीर रूप ले लेता है।


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