इन सतहों पर सबसे ज्यादा फैलता है कोरोना वायरस

इन सतहों पर सबसे ज्यादा फैलता है कोरोना वायरस

घर हो या बाहर, कोई भी कोरोना वायरस से पूरी तरह सुरक्षित नहीं है. एक नई स्टडी में बताया गया है कि कोरोना वायरस एक सतह से दूसरी सतह पर कितनी आसानी और तेजी से फैल रहा है. ये स्टडी ऑस्ट्रेलिया के शोधकर्ताओं ने की है. चिंता की बात ये है कि ये सतहें ऐसी हैं जिनका इस्तेमाल हम अपनी आम दिनचर्या में करते हैं. आइए जानते हैं कि कौन सी है वो सतहें जिन्हें स्टडी में सबसे अधिक संक्रामक बताया गया है.

पब्लिक ट्रांसपोर्ट की खिड़की-मेट्रो और बस जैसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सेवाएं शुरू हो चुकी हैं. स्टडी में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की खिड़कियों और पोल्स को सबसे अधिक संक्रामक बताया गया है. खिड़कियां और खंभे स्टील या कांच जैसी मैटेरियल से बनते हैं. इन सतहों पर वायरस आसानी से चिपक जाते हैं. चढ़ने-उतरने के दौरान कई यात्री इन सतहों का इस्तेमाल करते हैं, जिसकी वजह से ये और अधिक संक्रामक हो जाते हैं. पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करते समय इन सतहों को छूने से बचें.
स्टडी के अनुसार कोरोना वायरस 20 डिग्री तापमान में, 28 दिनों तक नोट पर रह सकता है. नोट के लेन-देन से वायरस के एक से दूसरे में फैलने का खतरा हो सकता है. इस समय जितना हो सके प्लास्टिक मनी का इस्तेमाल करें. इससे आप वायरस के संपर्क में आने से बचे रहेंगे.

अस्पताल का वेटिंगरूम- वैसे तो इस समय अस्पतालों में साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखा जा रहा है लेकिन फिर भी अस्पताल के वेटिंग रूम में संक्रमण की संभावना ज्यादा रहती है. वेटिंग रूम लोगों से भरा रहता और लोग बाहर से आते-जाते रहते हैं जिसकी वजह से यहां वायरस फैलने का ज्यादा खतरा होता है. इस समय अस्पताल के चक्कर लगाने से बचें. अगर अस्पताल जाना भी पड़े तो किसी भी सतह को छूने से बचें और मास्क, फेस शील्ड, सैनिटाइजर और ग्लव्स का इस्तेमाल जरूर करें.

ATM का स्क्रीन और बटन-  ATM के बटन, ग्लास और स्क्रीन पर किटाणु आसानी से आ सकते हैं. पैसा निकालने के लिए हर कोई ATM के बटन और स्क्रीन को छूता है. इससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है. इस समय ATM से पैसे निकालने की बजाय ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करें. अगर ATM जाना भी हो तो पैसे निकालने के तुरंत बाद हाथों को सैनिटाइज करें और घर आकर साबुन से हाथ धोएं.

स्टेनलेस स्टील- स्टडी के अनुसार ज्यादा हीट पर वायरस देर तक नहीं टिकता लेकिन स्टेनलेस स्टील पर ये आसानी से घंटों तक रह सकता है. किचन में इस्तेमाल होने वाले ज्यादातर बर्तन स्टील के ही होते हैं. ऐसे में संक्रमण का खतरा ज्यादा हो जाता है. अपने किचन में रखे स्टील के बर्तनों और किचन की सारी सतहों को अच्छी तरह साफ करते रहें.

घर के अंदर कोरोना से कैसे बचें-अपने घर की अच्छे से साफ-सफाई करें. सारी सतहों को सैनिटाइज करें. अगर आप कहीं बाहर से आ रहे हैं तो घर की किसी भी चीज को छुए बिना हाथों को पहले अच्छे से धोएं और कपड़ों को बदल लें. अपने घर का वेंटिलेशन सिस्टम सही रखें. घर की खिड़कियों को खुली रखें ताकी ताजी हवा और सूरज की रोशनी घर के अंदर तक आ सके.


खतरनाक है चिकनगुनिया ! पहले ही जान लें इससे जुड़ी हर एक बात

खतरनाक है चिकनगुनिया ! पहले ही जान लें इससे जुड़ी हर एक बात

चिकनगुनिया बुखार भी मच्छर की वजह से होने वाली बीमारियों में से एक है। चिकनगुनिया ऐसी बीमारी है, जो ठीक तो कुछ दिनों में हो जाती है, लेकिन इसका असर एक दो महीने नहीं बल्कि कई सालों तक रहता है। इस बीमारी के दौरान हड्डियों में होने वाला दर्ज कई दिनों तक ठीक नहीं होता है। ऐसे में इसका बचाव करना बहुत जरूरी है और पहले से ही ध्यान रखना आवश्यक है। जानते हैं इस बीमारी से जुड़ी हर एक बात...

चिकनगुनिया के लक्षण

आमतौर पर, इस बीमारी को जोड़ों के दर्द के साथ अचानक बुखार और कंपकंपी शुरू होने से जाना जाता है। इसके अलावा मरीज को मांसपेशियों में दर्द, थकान और मतली, सिरदर्द, चकत्ते/दाने और जॉइंट पेन की शिकायत होती है। यह दर्द चिकनगुनिया बुखार ठीक होने के बाद भी बना रहता है।

चिकनगुनिया के कारण

चिकनगुनिया वायरस संक्रमित मच्छर के काटने से फैलता है। मच्छर चिकनगुनिया वायरस से पीड़ित व्यक्ति को काटने पर स्वयं संक्रमित हो जाता है। चिकनगुनिया के वायरस को 'साइलेंट' संक्रमण (बीमारी के बिना संक्रमण) के रूप में देखा जाता है।

चिकनगुनिया का क्या है इलाज?

चिकनगुनिया का कोई विशेष उपचार उपलब्ध नहीं है और कोशिश की जाती है कि किसी दवाई के माध्यम से लक्षणों को कम किया जाए। ऐसे में दर्द से राहत में स्‍टेरॉइड रहित एंटी इंफ्लेमेटरी दवाएं सहायता करती है। एंटीवायरल दवाएं जैसे कि ऐसीक्लोविर (यह सीरियस मामले में डॉक्टर की ओर से दी जाती है।) दी जाती है। साथ ही अधिक से अधिक मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन हाइड्रेटेड रखने में मदद करता है।

चिकनगुनिया की रोकथाम

चिकनगुनिया संक्रमण का उपचार करने के लिए चिकनगुनिया वायरस का टीका उपलब्ध नहीं है और चिकनगुनिया की दवाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। मच्छर के काटने से बचना ही चिकनगुनिया की रोकथाम है। मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट करना रोकथाम का अहम सहारा है। चिकनगुनिया की रोकथाम मच्छरों की ओर से प्रसारित होने वाली अन्य वायरल संक्रामक बीमारियों की तरह होती है।

चिकनगुनिया से बचने के लिए करें ये उपाय

- कीट दूर भागने वाले उत्पादों जैसे कि डीईईटी, पिक्काडीन का उपयोग करें और स्किन पर यूकेलिप्टस नींबू का तेल लगाएं।

- हमेशा पैकेज पर लिखे निर्देशों का पालन करें।

- शरीर को पूरी तरह ढकने वाले कपड़े पहनें ताकि मच्छरों के काटने से बचा जा सके।

- मच्छरों को अंदर आने से रोकने के लिए खिड़कियों और दरवाजों पर कोई प्रबंध कर लें।  


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