ट्रंप पर महाभियोग, US उपराष्ट्रपति पेंस का समर्थन

ट्रंप पर महाभियोग, US उपराष्ट्रपति पेंस का समर्थन

वाशिंगटन: अमेरिका के निवर्तमान उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने देश के निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कार्यालय से हटाने के लिए संविधान के 25वें संशोधन को लागू करने से इनकार कर दिया। पेंस ने प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैंसी पेलोसी को लिखे पत्र में कहा, ‘हमारे संविधान के तहत, 25वां संशोधन सजा देने या अधिकार छीनने का जरिया नहीं है इस प्रकार से 25वां संशोधन लागू करना खराब उदाहरण  रहेगा। पेलोसी और प्रतिनिधि सभा पेंस और कैबिनेट पर दबाव बना रहे थे कि वे राष्ट्रपति के हजारों समर्थकों द्वारा यूएस कैपिटल(संसद भवन) में छह जनवरी को हमला किए जाने के मद्देनजर ट्रंप को पद से हटाने की कार्रवाई करें।

  महाभियोग के प्रस्ताव पर बहस शुरू
उधर अमेरिकी संसद में ट्रंप के खिलाफ महाभियोग के प्रस्ताव पर बहस शुरू हो गयी है। रिपब्लिकन सीनेटर्स ने भी ट्रंप को हटाने के समर्थन में वोट करने का ऐलान कर दिया है। ट्रंप को 25वें संशोधन के जरिए हटाने का प्रस्ताव मैरीलेंड के डेमोक्रेट रिप्रेजेंटेटिव जेमी रस्किन ने पेश किया था। प्रस्ताव के अनुसार पेंस और अन्य कैबिनेट मेम्बर्स को सेक्शन 4 और 25वें अमेडमेंट का इस्तेमाल कर तुरंत ट्रंप को हटा देना चाहिए।

पेंस ने ख़त में लिखा कि ये किसी भी देश के लिए सबसे शर्म की बात है कि कोई चुना हुआ राष्ट्रपति अपना कार्यकाल न पूरा कर पाए और उसे निकाल दिया जाए। डेमोक्रेट्स की मांग थी कि ट्रंप को हटाकर शपथ ग्रहण तक पेंस कार्यकारी राष्ट्रपति बनाकर जिम्मेदारी संभाले। पेंस ने स्पष्ट कहा कि ट्रंप के कार्यकाल में अब सिर्फ 8 दिन बचे हैं और आप डेमोक्रेट्स चाहते हैं कि मैं राष्ट्रपति को हटाने के लिए 25वें संशोधन का इस्तेमाल करूं।

ट्रंप को हटाने वाली प्रस्‍ताव में कहा गया है कि ट्रंप ने अपने समर्थकों को कैपिटल बिल्डिंग (संसद परिसर) की घेराबंदी के लिए तब उकसाया, जब वहां इलेक्टोरल कॉलेज के मतों की गिनती चल रही थी और लोगों के धावा बोलने की वजह से यह प्रक्रिया बाधित हुई। इस घटना में एक पुलिस अधिकारी समेत पांच लोगों की मौत हो गई।

ट्रंप ने कहा-हिंसा नहीं चाहते
अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा कि महाभियोग की संभावनाओं की वजह से देश में  खासा गुस्सा पैदा  हो रहा है लेकिन वह ‘हिंसा नहीं चाहते हैं। टैक्सास में मेक्सिको से लगती सीमा पर दीवार के मुआयने के लिए जाने से पहले राष्ट्रपति ने संवाददाताओं से बात की थी।  ट्रंप का सीधा इशारा हाल में ही एफबीआई और यूएस नेशनल गार्ड की हिंसा के आशंका वाले बयान के तरफ है।

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैन्सी पेलोसी के नेतृत्व में डेमोक्रेटिक सांसद पहले ही विद्रोह को उकसावा देने के लिए ट्रंप के खिलाफ महाभियोग के प्रस्ताव को पेश कर चुके हैं।  जिसके बाद कार्यवाही को आगे बढ़ने के लिए डेमोक्रेटिक सांसदों ने ट्रंप की पार्टी रिपब्लिकन के सांसदों का सहयोग भी मांगा है डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के पहले ऐसे राष्ट्रपति बन गए हैं जिनके एक कार्यकाल में दो बार महाभियोग प्रस्ताव लाया गया है।

अवैध आव्रजन के खिलाफ अपने अभियान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को पिछले सप्ताह कैपिटल बिल्डिंग (अमेरिकी संसद भवन) में उनके कथित उकसावे के चलते हिंसक भीड़ के घुसने संबंधी घटना की जिम्मेदार लेने से इंकार किया। ट्रंप ने कहा, ‘ लोग सोचते हैं कि जो भी मैंने कहा था वो पूरी तरह सही था।’ कैपिटल में हुई हिंसा के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आए ट्रंप ने यह टिप्पणी की।

वह अवैध आव्रजन के खिलाफ अपने अभियान के लिए मंगलवार को टेक्सास के लिए रवाना होने वाले थे। हालांकि, उनके कार्यकाल के केवल आठ दिन शेष हैं और दूसरी तरफ संसद में उनके खिलाफ दूसरी बार महाभियोग प्रस्ताव लाने की कवायद जारी रही थी। ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि ‘असली समस्या’ उनकी बयानबाजी नहीं थी, बल्कि डेमोक्रेट्स द्वारा ‘ब्लैक लाइव मैटर’ के प्रदर्शनों और सिएटल एवं पोर्टलैंड में इस गर्मी में हुई हिंसा के संबंध में किया गया वर्णन, बयानबाजी थी।


प्रेसिडेंट इलेक्ट ने 1.9 ट्रिलियन डॉलर के राहत पैकेज का ऐलान किया, हर जरूरतमंद के खाते में 1400 डॉलर आएंगे

प्रेसिडेंट इलेक्ट ने 1.9 ट्रिलियन डॉलर के राहत पैकेज का ऐलान किया, हर जरूरतमंद के खाते में 1400 डॉलर आएंगे

20 जनवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति बनने जा रहे जो बाइडेन ने अपना सबसे अहम चुनावी वादा निभाने का ऐलान कर दिया। बाइडेन ने कोरोना की वजह से गंभीर रूप से प्रभावित हुई अमेरिकी अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए 1.9 ट्रिलियन डॉलर के राहत पैकेज का ऐलान किया। इसको कुछ हिस्सों में बांटा गया है।

पैकेज को अमेरिकी संसद के दोनों सदनों से पास कराना होगा। मोटे तौर पर देखें तो पैकेज लागू होने के बाद हर अमेरिकी के खाते में 1400 डॉलर आएंगे। इस पैकेज में छोटे कारोबारियों को भी राहत दी गई है। पैकेज को अमेरिकन रेस्क्यू प्लान नाम दिया गया है।

पैकेज में किसके लिए क्या
बाइडेन के पैकेज का सिर्फ एक मकसद है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाया जाए। पैकेज में जिस तरह फंड अलॉकेट करने का प्रपोजल है, उससे साफ हो जाता है कि कारोबार, शिक्षा और हर अमेरिकी को राहत देने का फैसला किया गया है। इसके साथ ही वैक्सीनेशन पर भी फोकस किया गया है।

  • 415 अरब डॉलर : कोरोना के खिलाफ जंग पर खर्च किए जाएंगे।
  • 440 अरब डॉलर : स्मॉल स्केल बिजनेस (छोटे कारोबारों) की हालत सुधारने पर खर्च होंगे।
  • हर एलिजिबल अमेरिकी के अकाउंट में 1400 डॉलर​ ​ट्रांसफर होंगे।
  • प्रति घंटे के हिसाब से कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन (मिनिमम वेज) 15 डॉलर ​​​दिया जाएगा। पहले यह 7 डॉलर था।

क्या पैकेज में कुछ दिक्कत आ सकती है?
बिल्कुल आ सकती है। नवंबर-दिसंबर में जब ट्रम्प राहत पैकेज लेकर आए थे तब, बाइडेन और उनकी डेमोक्रेटिक पार्टी ने कई सवाल उठाए थे। सीनेट में अब भी रिपब्लिकन पार्टी का बहुमत है। वो आपत्ति जता सकते हैं। दूसरी बात, पैकेज में डिफेंस सेक्टर के लिए अलग से कोई ऐलान नहीं किया गया है। इस पर आपत्ति हो सकती है।

बाइडेन ने क्या कहा?
बाइडेन ने कहा- संकट बड़ा और रास्ता मुश्किल है। अब हम और वक्त बर्बाद नहीं कर सकते। जो करना है वो, फौरन करना है। बाइडेन चाहते हैं कि 100 दिन में करीब 10 करोड़ अमेरिकी नागरिकों को वैक्सीनेट किया जाए। वे बेरोजगारी भत्ता 300 डॉलर से बढ़ाकर 400 डॉलर हर महीने करना चाहते हैं। स्कूल फिर खोलने के लिए 130 अरब डॉलर खर्च किए जाने की योजना है।

भारत की कुल अर्थव्यवस्था के आधे से ज्यादा का राहत पैकेज
भारत की कुल अर्थव्यवस्था इस वक्त करीब 3 ट्रिलियन डॉलर की है। इस लिहाज से देखें तो बाइडेन ने जो राहत पैकेज घोषित किया है वो भारत की अर्थव्यवस्था के आधे से भी ज्यादा है।


अभी अभी : सरकार का बड़ा ऐलान! कर्मचारियों को तोहफा, अब होगी पैसों की बारिश       क्या बिना रजिस्ट्रेशन वैक्सीन लगवाई जा सकती है? जानें       फिर बेनतीजा रही किसान नेताओं और सरकार के बीच वार्ता       सेना ने किया कमाल, पहली बार साथ उड़े 75 ड्रोन्स       Schools in Himachal Pradesh: 15 फरवरी से तैयार रहें, हुआ ये बड़ा ऐलान       मंत्रालय ने दी ये जानकारी, वैक्सीन लगवाने से पहले जान लें साइड इफेक्ट्स       झारखंड: सोशल मीडिया पर कैंपेन चलाने वालों पर होगा एक्शन       सेना के भयानक हथियार, हिले चीन-पाकिस्तान       अब घर तक शराब पहुंचाएगी सरकार       हरसिमरत का राहुल पर निशाना, बोलीं...       भारत में बनी इस वैक्सीन को लेकर अमेरिकी मीडिया ने खड़े किये सवाल       इन 2 राशियों को मिलेगा लाभ, जानें किसका होगा बुरा हाल       शतभिषा नक्षत्र में ये 2 राशियां रहें सावधान!       UPPCL Junior engineer recruitment 2021: यूपीपीसीएल ने जूनियर इंजीनियर के पदों पर निकली भर्तियां, इस तारीख तक करें आवेदन       IFFI 2020: 51वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का हुआ आगाज, इस बार ये है खास       रिषभ पंत को इसके कारण शेन वॉर्न और मार्क वॉ ने दी नसीहत, कहा- दायरे में रहकर करें अपना काम       पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा- कोरोना वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित, मैं खुद चाहता था लगवाना       OHB समूह के लिए लाॅन्च होगा कम्युनिकेशन सैटेलाइट       Republic Day Parade 2021: दिल्ली-NCR में 15 फरवरी तक ड्रोन व ग्लाइडर उड़ाने पर रहेगा प्रतिबंध       ये दे रहे हैं तन, मन और धन से किसान आंदोलन को धार