अब तक इजराइल और गाजा की लड़ाई में बिछीं 48 लाशें

अब तक  इजराइल और गाजा की लड़ाई में  बिछीं 48 लाशें

Israel Gaza Conflict: इजराइल और गाजा के इस्लामी आतंकी उपद्रवियों के बीच पिछले सप्ताह के अंत में हुई लड़ाई में काफी खून बहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस लड़ाई में फिलीस्तीन की तरफ से मारे जाने वाले लोगों की संख्या गुरुवार को बढ़कर 48 हो गई. लड़ाई में जान गंवाने वालों में 11 वर्ष की एक लड़की भी शामिल है, और अब तक कुल 17 बच्चों की मृत्यु हो चुकी है. दोनों के बीच हुए संघर्ष में 8 और 14 वर्ष के 2 बच्चे भी घायल हुए हैं जिन्हें यरुशलम के एक हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है जहां उनकी स्थिति गंभीर है.

इजराइल पर दागे गए सैकड़ों रॉकेट

गाजा में इस्लामी आतंकी उपद्रवियों को निशाना बनाकर पिछले सप्ताह किए गए हमलों में 300 से अधिक फिलीस्तीनी घायल हुए. हमलों के बाद आतंकी संगठन ने इजराइल पर सैकड़ों रॉकेट दागे हैं. यरुशलम के मुकासिद हॉस्पिटल में 11 वर्षीय लड़की लयान अल शायेर की मृत्यु से लड़ाई में मारे गए बच्चों की संख्या 17 हो गई है. वहीं, 14 वर्षीय नईफ अल-अवदात और 8 वर्षीय मोहम्मद अबु काफिया मुकासिद ICU में भर्ती हैं. इजराइल ने बोला है कि फिलीस्तीनी उपद्रवियों द्वारा दागे गए राकेट लक्ष्य से चूक गए और इन घटनाओं में कम से कम 16 लोगों की मृत्यु हुई है.

पिछले 15 वर्षों में हो चुके हैं 4 युद्ध
माना जा रहा है कि इजराइल के हमलों में 30 से अधिक फिलीस्तीनी मारे गए हैं, जिनमें आम नागरिक और कई विद्रोही शामिल हैं. इजराइल के हमले में मारे गए उपद्रवियों में 2 इस्लामिक आतंकी कमांडर भी शामिल हैं. बता दें शुक्रवार को प्रारम्भ हुई लड़ाई रविवार को संघर्ष विराम के बाद थम गई. इस लड़ाई में इजराइल का कोई नागरिक हताहत नहीं हुआ. इजराइल और गाजा के विद्राही हमास शासकों के बीच पिछले 15 सालों में 4 युद्ध और कई छोटी लड़ाइयां हो चुकी हैं. 

इजराइल की हिरासत में 4400 फिलीस्तीनी
इस बीच फिलीस्तीन के एक कैदी को भूख स्ट्राइक से तबीयत खराब होने के बाद गुरुवार को इजराइल की कारागार से हॉस्पिटल ले जाया गया. शख्स का नाम खलील अववदेह है और वह 160 दिनों से भूख स्ट्राइक पर हैं. गाजा की लड़ाई के दौरान 40 वर्ष का अववदेह का मामला चर्चा में आया. गाजा के उपद्रवियों ने सीजफायर के अनुसार अववदेह की रिहाई की मांग की थी. इजराइल ने अभी लगभग 4400 फिलीस्तीनियों को हिरासत में रखा है, जिनमें खतरनाक हमले करने वाले विद्रोही, तथा विरोध प्रदर्शन या पथराव के लिए अरैस्ट किए गए लोग भी शामिल हैं.