साइबर हमले के बाद अमरीकी फ्यूल पाइपलाइन जल्द हो सकती है शुरू

साइबर हमले के बाद अमरीकी फ्यूल पाइपलाइन जल्द हो सकती है शुरू

वॉशिंगटन: एक अमेरिकी ईंधन पाइपलाइन के ऑपरेटर ने बोला कि हमारा लक्ष्य इस हफ्ते के अंत तक परिचालन सेवाओं को रीस्टोर करना है, क्योंकि एक साइबर सुरक्षा हमले के कारण उन्हें अस्थाई रूप से रोक दिया गया था. इस बयान के बाद से इंटरनेशनल बाजार मं क्रूड ऑयल की मूल्य में कमी देखने को मिल रही है. दो दिनों में 2 US डॉलर की गिरावट देखने को मिल चुकी है.

फेजवाइज हो रहा है काम
विदेशी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक देश के पूर्वी और दक्षिण पूर्व हिस्सों में गैसोलीन और डीजल ईंधन ले जाने वाली पाइपलाइन के ऑपरेटर कोलोनियल पाइपलाइन कंपनी ने सोमवार को बोला कि सेवा में वापसी की सुविधा के लिए चरणबद्ध ढंग से कार्य किया जा रहा है. कंपनी ने एक बयान में बोला कि यह योजना हमारे परिचालन निर्णयों को चलाने वाले सुरक्षा और अनुपालन के साथ कई कारकों पर आधारित है और हफ्ते के अंत तक परिचालन सेवा को बहुत ज्यादा हद तक बहाल करने का लक्ष्य है.

7 मई को हुआ था साइबर अटैक
कंपनी ने बोला कि हालांकि इसकी मुख्य लाइनें बंद रहेंगे, पाइपलाइन के कुछ हिस्से बहाली की प्रक्रिया में हैं. बयान में बोला गया है कि प्रासंगिक संघीय नियमों के अनुपालन और ऊर्जा विभाग के साथ निकट परामर्श में हमारी पाइपलाइन के सेगमेंट को एक स्टेप वाइज फैशन में औनलाइन वापस लाया जा रहा है. 7 मई को रैंसमवेयर से जुड़े साइबर अटैक के हमले के बाद औपनिवेशिक पाइपलाइन कंपनी ने अस्थायी रूप से सभी पाइपलाइन परिचालन को रोक दिया था.

100 मिलियन गैलन से अधिक ईंधन का प्रोडक्शन
शटडाउन के बाद, परिवहन विभाग ने क्षेत्रीय वाहक घोषित किया, मोटर वाहक और ड्राइवरों के लिए प्रतिबंध हटाए गए जो परिष्कृत पेट्रोलियम उत्पादों की कमी से जूझ रहे क्षेत्रों को सहायता प्रदान कर रहे हैं. औपनिवेशिक पाइपलाइन अमेरिका का सबसे बड़ा परिष्कृत उत्पाद पाइपलाइन है, जो पूर्वी तट पर रोजाना 100 मिलियन गैलन से अधिक ईंधन का परिवहन करता है.


धरती पर हैं चार नहीं, पांच महासागर? अंटार्कटिका के पास है कुछ सबसे अनोखा

धरती पर हैं चार नहीं, पांच महासागर? अंटार्कटिका के पास है कुछ सबसे अनोखा

हमारी धरती का 75 परसेंट भाग पानी में डूबा हुआ है. सात महाद्वीपों के साथ चार महासागर जीवन का आधार हैं. हालांकि, नैशनल जियोग्राफिक के अनुसार महासागर चार नहीं बल्कि पांच हैं. इसके अनुसार अंटार्कटिका के पास दक्षिणी महासागर भी अपने आप में एक अलग महासागर है और उसे आर्कटिक, अटलांटिक, हिंद और प्रशांत महासागर के साथ स्थान मिलनी चाहिए. नैशनल जियोग्राफिक सोसायटी जियोग्राफर अलेक्स टेट के अनुसार वैज्ञानिक तो अंटार्कटिक दक्षिणी महासागर को अलग मानते रहे हैं लेकिन कभी अंतर्राष्ट्रीय सहमति नहीं बन पाई जबकि दुनिया का यह भाग बहुत खास है. (UK Ministry of Defence/REUTERS)

Southern Ocean of Antarctica: अंटार्कटिका के पास पानी का करंट इतना अलग है कि National Geographic ने इसे अलग महासागर मान लिया है.



हमारी धरती का 75 परसेंट भाग पानी में डूबा हुआ है. सात महाद्वीपों के साथ चार महासागर जीवन का आधार हैं. हालांकि, नैशनल जियोग्राफिक के अनुसार महासागर चार नहीं बल्कि पांच हैं. इसके अनुसार अंटार्कटिका के पास दक्षिणी महासागर भी अपने आप में एक अलग महासागर है और उसे आर्कटिक, अटलांटिक, हिंद और प्रशांत महासागर के साथ स्थान मिलनी चाहिए. नैशनल जियोग्राफिक सोसायटी जियोग्राफर अलेक्स टेट के अनुसार वैज्ञानिक तो अंटार्कटिक दक्षिणी महासागर को अलग मानते रहे हैं लेकिन कभी अंतर्राष्ट्रीय सहमति नहीं बन पाई जबकि दुनिया का यह भाग बहुत खास है. (UK Ministry of Defence/REUTERS)



अब तक कहां छिपा था?

नैशनल जियोग्राफिक के अनुसार यह महासागर अंटार्कटिका के तट से 60 डिग्री दक्षिण की ओर है और दूसरे राष्ट्रों से किसी महाद्वीप नहीं बल्कि अपने करंट की वजह से अलग होता है. इसके अंदर आने वाले क्षेत्र अमेरिका से दोगुना है. सोसायटी आमतौर पर इंटरनैशनल हाइड्रोग्राफिक ऑर्गनाइजेशन के नामों को मानती है जिसने 1937 की गाइडलाइन्स में दक्षिणी महासागर को अलग माना था लेकिन 1953 में इसे बाहर कर दिया. इसके बावजूद अमेरिका के जियोग्राफिक नेम्स बोर्ड ने 1999 से दक्षिणी महासागर नाम का इस्तेमाल किया है. फरवरी में National Oceanic and Atmospheric Administration ने इसे मान लिया. (फोटो: British Antarctic Survey Reuters)



खतरों से घिरा

यह कदम कई अर्थ में खास है. नैशनल जियोग्राफिक एक्सप्लोरर एनरिक साला ने बताया है कि दक्षिणी महासगर में बहुत अनोखे और गम्भीर जलीय ईकोसिस्टम पाए जाते हैं जहां वेल, पेंग्विन्स और सील्स जैसे जीव रहते हैं. ऐसी हजारों प्रजातियां हैं जो केवल यहीं रहती हैं, और कहीं नहीं पाई जातीं. इस क्षेत्र में मछली पकड़ने की गतिविधियों का बहुत ज्यादा प्रभाव पड़ा है. ऐसे में संरक्षण की आवश्यकता के चलते भी इसे अलग से मान्यता देना अहम हो जाता है. इसके अतिरिक्त जलवायु बदलाव का प्रभाव भी पड़ रहा है. पिछले महीने दुनिया का सबसे बड़ा हिमखंड अंटार्कटिका से अलग हो गया. फरवरी में भी एक विशाल हिमखंड टूट गया था. (Reuters)



कब बना था?

एक खास अंटार्कटिक सर्कमपोलर करंट भारी मात्रा में पानी ट्रांसपोर्ट करता है और पूरे विश्व में ऐसे सर्कुलेशन सिस्टम को चलाता है जो धरती पर गर्मी ट्रांसपोर्ट करता है. नैशनल जियोग्राफिक 1915 से मैप तैयार कर रहा है और इसके करंट के आधार पर कार्टोग्राफर्स ने यह निर्णय किया है. वर्ल्ड वाइड फंड के अनुसार यह महासागर सबसे हाल में बना महासागर हुआ. यह 3 करोड़ वर्ष पहले बना था जब अंटार्कटिका और दक्षिण अमेरिका एक-दूसर से अलग हुए थे. टेट का बोलना है कि इस महासागर के बारे में लोगों को अलग से बताया-पढ़ाया नहीं गया तो इसकी जरूरतों, सम्मान और खतरों को समझा नहीं जा सकेगा.


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