बीजिंग ने किया खारिज, नाटो ने चाइना को माना सबसे बड़ा खतरा

बीजिंग ने किया खारिज, नाटो ने चाइना को माना सबसे बड़ा खतरा

नई दिल्ली/बीजिंग: चाइना को नाटो सदस्यों द्वारा ‘चुनौती’ माना जाता है. पहली बार एक बयान पर हस्ताक्षर किए जाने के बाद बीजिंग ने बोला कि वह अन्य राष्ट्रों के लिए खतरा नहीं है व वह एक ‘शांति पसंद शक्ति’है. नाटो महासचिव जेंन्स स्टोल्टनबर्ग ने मंगलवार को बोला कि गठबंधन को चाइना की अमरीका व यूरोप तक पहुंच रखने वाली मिसाइलों सहित उसकी बढ़ती सैन्य शक्ति से संयुक्त रूप से निपटना है.

गठबंधन ने बुधवार को एक घोषणा में बोला कि इसने नाटो के 29 मेम्बर राष्ट्रों के लंदन में हुए शिखर सम्मेलन के बाद ‘चीन के बढ़ते असर व अंतर्राष्ट्रीय नीतियों को मौका व चुनौती दोनों के रूप में माना है.’ चाइना के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनिंग ने गुरुवार को कहा, ‘चीन की शक्ति में वृद्धि का मतलब शांतिपूर्ण शक्ति में वृद्धि है खतरे तथा किसी देश के आकार के बीच आवश्यक रूप से कोई संबंध नहीं है.’ उन्होंने नियमित संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘विश्व के सामने आज सबसे बड़ा खतरा एकपक्षवाद व दादागीरी है.’