वायरस से अछूता देश उत्तर कोरिया भी संक्रमण की चपेट में...

वायरस से अछूता देश उत्तर कोरिया भी संक्रमण की चपेट में...

कोरोना वायरस ने दुनिया के कई राष्ट्रों में कहर मचा रखा है अब इस वायरस से अछूता राष्ट्र उत्तर कोरिया भी संक्रमण की चपेट में आ गया है दरअसल न्यूज एजेंसी के मुताबिक उत्तर कोरिया में कोविड-19 का संक्रमण बढ़ता जा रहा है कोविड के कारण शुक्रवार आए रिपोर्ट के मुताबिक यहां बुखार से छह लोगों की मृत्यु हो गई है  साथ ही 1,87,000 लोगों में बुखार के लक्षण पाए गए लक्षण वाले सभी लोगों को आइसोलेशन में रखकर उनका उपचार किया जा रहा है

बता दें कि गुरुवार को राष्ट्र में कोविड के नए वेरिएंट ओमिक्रोन का पहला मामला सामने आने की समाचार आई थी जिसके बाद संक्रमण से बचने के लिए प्रशासन ने पूरे राष्ट्र में लॉकडाउन लगा दिया था ऑफिसरों की माने तो ओमिक्रोन से संक्रमित जिस आदमी के बारे में पता चला है वह काफी दिनों से बुखार से पीड़ित था जब जांच हुई तो पाया गया कि वह कोविड-19 के नए वेरिएंट की चपेट में है 

अमेरिका में अबतक कोविड-19 से 10 लाख से अधिक लोगों की मौत

पूरी दुनिया को अपने संक्रमण का शिकार बनाने वाले इस वायरस के सबसे अधिक मुद्दे अबतक अमेरिका में ही दर्ज किए गए हैं ताजा आंकड़ों की माने तो गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने अपने एक बयान में बोला था कि अमेरिका में अबतक कोविड-19 से 10 लाख से अधिक लोगों की मृत्यु हुई है, जो कि हमारे लिए एक बहुत दुखद आंकड़ा है यह उन लोगों के दर्द को स्वीकार करने का पल है, जिन्होंने अपनों को खोया है


किम जोंग उन के सामने गंभीर संकट

किम जोंग उन के सामने गंभीर संकट

 एक दशक से अधिक अवधि के दौरान उत्तर कोरिया (North Korea) के नेता के रूप में किम जोंग उन (Kim Jong-un) ने अपने शासन में ‘आत्म निर्भरता’ पर जोर दिया और अंतर्राष्ट्रीय योगदान को दरकिनार किया लेकिन अपने राष्ट्र में Covid-19 संक्रमण बढ़ने के कारण वह विदेशी योगदान लेने को लेकर गंभीर दुविधा में फंसे दिख रहे हैं

भारी दुविधा में फंसे किम जोंग उन

इसके पहले उन्होंने अपनी लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था को घरेलू रणनीति से ठीक करने का कोशिश किया लेकिन उत्तर कोरिया में हजारों लोगों के Covid-19 से संक्रमित होने की संभावना के चलते किम का अभिमान दांव पर है किम इस समय चौराहे पर खड़े हैं, जहां उन्हें या तो अपने अभिमान से सौदा करके रोग से लड़ने के लिए विदेशी सहायता प्राप्त करनी होगी या फिर अकेले चलना होगा लेकिन अकेले चलने से बड़ी संख्या में लोगों के Covid-19 से मरने की संभावना है, जिससे उनका नेतृत्व कमजोर हो सकता है

अन्य राष्ट्रों की सहायता लेंगे किम जोंग उन?

सियोल स्थित क्यूंगनम यूनिवर्सिटी (Yeungnam University) के सूदूर पूर्वी शोध संस्थान की प्रोफेसर लिम एउल-चुल कहते हैं कि यिद किम अमेरिकी या पश्चिमी राष्ट्रों की सहायता स्वीकार करते हैं, तो उन्होंने जिस ‘आत्म निर्भरता’ की नीति का पालन दृढ़ता से किया है, उसे झटका लग सकता है और उन पर लोगों का विश्वास कमजोर हो सकता है

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प्रोफेसर कहते हैं कि यदि वे कुछ नहीं करते यानी अकेले चलते हैं, तो संक्रमण से बड़ी संख्या में लोगों की मृत्यु के रूप में एक आपदा का सामना करना पड़ सकता है उन्होंने बोला कि पिछले सप्ताह Covid-19 संक्रमण बढ़ने के बाद से उत्तर कोरिया में 56 लोगों की मृत्यु हो चुकी है, जबकि डेढ़ लाख से अधिक अन्य लोग बीमार हैं

कोरोना एक गंभीर संकट

बाहरी पर्यक्षकों का बोलना है कि रोग के ज्यादातर मुद्दे कोविड-19 वायरस के कारण हैं उत्तर कोरिया का सरकारी मीडिया कुछ भी कहे, लेकिन कोविड-19 वायरस संक्रमण के कई गुना और गंभीर होने की संभावना है उत्तर कोरिया में Covid-19 की पर्याप्त जांच का अभाव है और जानकारों के अनुसार उत्तर कोरिया Covid-19 के कारण होने वाली मौतों को छिपा रहा है, ताकि संभावित अस्थिरता से बचा जा सके क्योंकि जनता में अस्थिरता किम को सियासी रूप से हानि पहुंचा सकता है

मौत का आंकड़ा छुपा रहे हैं किम जोंग उन?

कुछ पर्यक्षकों ने बोला कि उत्तर कोरिया में बताया गया मृत्यु का आंकड़ा कम है, जहां कि 2.6 करोड़ जनसंख्या में से ज्यादातर लोगों को Covid-19 का टीका नहीं लगाया गया है उत्तर कोरिया सार्वजनिक रूप से मौतों की असली संख्या को छिपाने में सक्षम हो सकता है, लेकिन राष्ट्र में आवाजाही और पृथकवास नियमों को लेकर कड़े प्रतिबंध इसकी कृषि को हानि पहुंचा सकते हैं 2 वर्ष से अधिक समय से जारी महामारी और सीमा बंद रहने के कारण इसकी अर्थव्यवस्था पहले से ही डांवाडोल है

सियोल यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ कोरियन स्टडीज के प्रोफेसर यांग मू-जिन ने बोला कि उत्तर कोरिया चिकित्सा आपूर्ति और भोजन और दैनिक आवश्यकताओं की कमी को लेकर भी चिंतित है, जो सीमा बंद होने के दौरान बाजारों से नदारद हैं किम ने इसके पहले संयुक्त देश समर्थित ‘कोवाक्स’ वितरण कार्यक्रम द्वारा दी जाने वाली टीकों की लाखों खुराक को अस्वीकार कर दिया था

क्या निर्णय लेंगे किम जोंग उन?

एक अन्य प्रोफेसर ने बोला कि किम अंततः चीनी सहायता प्राप्त करना चाहेंगे, लेकिन वह दक्षिण कोरिया और संयुक्त राज्य अमेरिका या कोवाक्स से सहायता नहीं लेंगे, क्योंकि इससे उनकी प्रतिष्ठा प्रभावित होगी बाहरी सहायता प्राप्त करना उत्तर कोरिया को एक मुश्किल स्थिति में डाल देगा किम ने पिछले दो सालों के दौरान बार-बार अपने राष्ट्र को महामारी के लिए ‘अभेद्य’ बताया था लेकिन गत शनिवार को उन्होंने बोला कि उनका राष्ट्र ‘उथल-पुथल’ का सामना कर रहा है