विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरान के ऑफिसरों ने सऊदी के साथ द्विपक्षीय मुद्दों पर सीधी वार्ता की पुष्टि की

विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरान के ऑफिसरों ने सऊदी के साथ द्विपक्षीय मुद्दों पर सीधी वार्ता की पुष्टि की

ईरानी ऑफिसरों ने उन रिपोर्टों की पुष्टि की है कि सोमवार को सऊदी अरब के साथ सीधी चर्चा हुई थी. "विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधि सईद खतीबजादेह ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा," वार्ता और द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों के बारे में बात की गई है. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सऊदी और ईरानी ऑफिसरों ने हाल के हफ्तों में इराक में कम से कम दो बार मुलाकात की है. दोनों राष्ट्रों ने 2016 में राजनयिक संबंधों को तोड़ दिया और वर्तमान में यमन सहित कई प्रॉक्सी संघर्षों का सामना कर रहे हैं.

तेहरान ने पहले बैठकों की पुष्टि नहीं की थी लेकिन इराकी राष्ट्रपति बरहम सलीह ने बोला कि उनके देश ने दोनों राष्ट्रों के प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की वार्ता की मेजबानी की है. सुन्नी सऊदी अरब और शिया ईरान एक दूसरे को कट्टर शत्रु मानते हैं और इस क्षेत्र में आर्थिक और सियासी प्रधानता के लिए दशकों से प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं. सऊदी अरब ईरान से जुड़े हौथी विद्रोहियों के विरूद्ध अपनी लड़ाई में यमनी सरकार का समर्थन करने वाले एक सैन्य गठबंधन का नेतृत्व कर रहा है.

हालांकि, सऊदी और ईरानी ऑफिसरों ने हाल ही में अपनी भाषा नरम कर दी है और बोला है कि वे सुलह के लिए तैयार हैं. सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने प्रदेश टेलीविजन से बोला कि यदि तेहरान ने निगेटिव व्यवहार को खत्म कर दिया तो रियाद ईरान के साथ सकारात्मक और विशेष संबंध चाहता है. ईरान ने पिछले सालों की तुलना में टोन के एक चिह्नित बदलाव में, राष्ट्रों के बीच मतभेदों को हल करने के लिए रचनात्मक वार्ता की आशा करते हुए यह कहा.


धरती पर हैं चार नहीं, पांच महासागर? अंटार्कटिका के पास है कुछ सबसे अनोखा

धरती पर हैं चार नहीं, पांच महासागर? अंटार्कटिका के पास है कुछ सबसे अनोखा

हमारी धरती का 75 परसेंट भाग पानी में डूबा हुआ है. सात महाद्वीपों के साथ चार महासागर जीवन का आधार हैं. हालांकि, नैशनल जियोग्राफिक के अनुसार महासागर चार नहीं बल्कि पांच हैं. इसके अनुसार अंटार्कटिका के पास दक्षिणी महासागर भी अपने आप में एक अलग महासागर है और उसे आर्कटिक, अटलांटिक, हिंद और प्रशांत महासागर के साथ स्थान मिलनी चाहिए. नैशनल जियोग्राफिक सोसायटी जियोग्राफर अलेक्स टेट के अनुसार वैज्ञानिक तो अंटार्कटिक दक्षिणी महासागर को अलग मानते रहे हैं लेकिन कभी अंतर्राष्ट्रीय सहमति नहीं बन पाई जबकि दुनिया का यह भाग बहुत खास है. (UK Ministry of Defence/REUTERS)

Southern Ocean of Antarctica: अंटार्कटिका के पास पानी का करंट इतना अलग है कि National Geographic ने इसे अलग महासागर मान लिया है.



हमारी धरती का 75 परसेंट भाग पानी में डूबा हुआ है. सात महाद्वीपों के साथ चार महासागर जीवन का आधार हैं. हालांकि, नैशनल जियोग्राफिक के अनुसार महासागर चार नहीं बल्कि पांच हैं. इसके अनुसार अंटार्कटिका के पास दक्षिणी महासागर भी अपने आप में एक अलग महासागर है और उसे आर्कटिक, अटलांटिक, हिंद और प्रशांत महासागर के साथ स्थान मिलनी चाहिए. नैशनल जियोग्राफिक सोसायटी जियोग्राफर अलेक्स टेट के अनुसार वैज्ञानिक तो अंटार्कटिक दक्षिणी महासागर को अलग मानते रहे हैं लेकिन कभी अंतर्राष्ट्रीय सहमति नहीं बन पाई जबकि दुनिया का यह भाग बहुत खास है. (UK Ministry of Defence/REUTERS)



अब तक कहां छिपा था?

नैशनल जियोग्राफिक के अनुसार यह महासागर अंटार्कटिका के तट से 60 डिग्री दक्षिण की ओर है और दूसरे राष्ट्रों से किसी महाद्वीप नहीं बल्कि अपने करंट की वजह से अलग होता है. इसके अंदर आने वाले क्षेत्र अमेरिका से दोगुना है. सोसायटी आमतौर पर इंटरनैशनल हाइड्रोग्राफिक ऑर्गनाइजेशन के नामों को मानती है जिसने 1937 की गाइडलाइन्स में दक्षिणी महासागर को अलग माना था लेकिन 1953 में इसे बाहर कर दिया. इसके बावजूद अमेरिका के जियोग्राफिक नेम्स बोर्ड ने 1999 से दक्षिणी महासागर नाम का इस्तेमाल किया है. फरवरी में National Oceanic and Atmospheric Administration ने इसे मान लिया. (फोटो: British Antarctic Survey Reuters)



खतरों से घिरा

यह कदम कई अर्थ में खास है. नैशनल जियोग्राफिक एक्सप्लोरर एनरिक साला ने बताया है कि दक्षिणी महासगर में बहुत अनोखे और गम्भीर जलीय ईकोसिस्टम पाए जाते हैं जहां वेल, पेंग्विन्स और सील्स जैसे जीव रहते हैं. ऐसी हजारों प्रजातियां हैं जो केवल यहीं रहती हैं, और कहीं नहीं पाई जातीं. इस क्षेत्र में मछली पकड़ने की गतिविधियों का बहुत ज्यादा प्रभाव पड़ा है. ऐसे में संरक्षण की आवश्यकता के चलते भी इसे अलग से मान्यता देना अहम हो जाता है. इसके अतिरिक्त जलवायु बदलाव का प्रभाव भी पड़ रहा है. पिछले महीने दुनिया का सबसे बड़ा हिमखंड अंटार्कटिका से अलग हो गया. फरवरी में भी एक विशाल हिमखंड टूट गया था. (Reuters)



कब बना था?

एक खास अंटार्कटिक सर्कमपोलर करंट भारी मात्रा में पानी ट्रांसपोर्ट करता है और पूरे विश्व में ऐसे सर्कुलेशन सिस्टम को चलाता है जो धरती पर गर्मी ट्रांसपोर्ट करता है. नैशनल जियोग्राफिक 1915 से मैप तैयार कर रहा है और इसके करंट के आधार पर कार्टोग्राफर्स ने यह निर्णय किया है. वर्ल्ड वाइड फंड के अनुसार यह महासागर सबसे हाल में बना महासागर हुआ. यह 3 करोड़ वर्ष पहले बना था जब अंटार्कटिका और दक्षिण अमेरिका एक-दूसर से अलग हुए थे. टेट का बोलना है कि इस महासागर के बारे में लोगों को अलग से बताया-पढ़ाया नहीं गया तो इसकी जरूरतों, सम्मान और खतरों को समझा नहीं जा सकेगा.


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