अंतर्राष्ट्रीय

सऊदी अरब  संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ एक एग्रीमेंट पर चर्चा

सऊदी अरब और इजरायल के बीच संबंध कभी सामान्य नहीं रहे हैं लेकिन अब दोनों शत्रु राष्ट्र दोस्त बनने जा रहे हैं संयुक्त राज्य अमेरिका लंबे समय से इसकी मध्यस्थता कर रहा है अमेरिकी कोशिसऊदी अरब  संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ एक एग्रीमेंट पर चर्चा शें रंग लाती दिख रही हैं सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने बोला है कि उनका राष्ट्र इजराइल के साथ संबंध सामान्य करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है उन्होंने बोला कि अन्य खाड़ी राष्ट्रों के इसी तरह के कदमों के बाद और सऊदी-इजरायल समझौते के लिए अमेरिका के बड़े दबाव के बीच दोनों राष्ट्र आपसी संबंध पटरी पर लाने की दिशा में काम कर रहे हैं

क्राउन प्रिंस ने अमेरिकी फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में कहा, “हर दिन, हम करीब आ रहे हैं” हालांकि उन्होंने बोला कि फिलिस्तीनियों के साथ व्यवहार एक अहम मामला बना हुआ है सऊदी अरब और इजरायल के बीच संबंधों को पटरी पर लाने की कोशिशें अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के हस्तक्षेप के बाद हुई हैं बाइडेन प्रशासन ने क्षेत्रीय ताकतों को एकजुट होने का आह्वान किया है, ताकि पूरी दुनिया में शांति और सद्भाव लाया जा सके

अमेरिका का ऑफर
इधर, कर रहा है, जिसमें अमेरिका रक्षा समझौते और नागरिक परमाणु कार्यक्रम को विकसित करने में सऊदी अरब  की सहायता करेगा और बदले में सऊदी अरब इजरायल से संबंध सामान्य बनाएगा अमेरिका ने सऊदी अरब को यह ऑफर दिया है कि यदि वह इजरायल के साथ संबंध बेहतर बनाता है तो वह रियाद के साथ जापान और दक्षिण कोरिया जैसा सेना समझौता करेगा

दोस्ती में कई दांव-पेच
हालांकि, सऊदी अरब और इजरायल के बीच संबंध सामान्य होना इतना सरल नहीं है क्योंकि दोनों राष्ट्र फिलिस्तीन को लेकर उलझन में हैं और दोनों के बीच वार्ता के केंद्रबिंदु में कई जटिलताएं हैं सऊदी अरब ने बोला है कि फिलिस्तीनी राज्य के निर्माण के लिए मिलकर काम करना होगा सऊदी की यह शर्त इजरायल के लिए सबसे बड़ी कठिन हो सकती है क्राउन प्रिंस ने कहा, ‘हमारे लिए, फिलिस्तीन का मामला बहुत जरूरी है हमें उसे सुलझाना होगा’ इसके अतिरिक्त उन्होंने बोला कि अभी तक इस मामले पर एक अच्छी वार्ता चल रही है

क्राउन प्रिंस ने क्या कहा
उन्होंने कहा, “फिलिस्तीनी मामला रियाद के लिए बहुत जरूरी है” जब उनसे पूछा गया कि सामान्यीकरण समझौता पाने के लिए क्या करना होगा, तो उन्होंने कहा, “हमें उस हिस्से को हल करने की आवश्यकता है हमें देखना होगा कि हम कहाँ तक जा सकते हैं हमें आशा है कि यह एक मुकाम तक पहुंचेगा, इससे फिलिस्तीनियों का जीवन सरल हो जाएगा और इजराइल भी मध्य पूर्व में एक बड़ा भागीदार हो जाएगा

अमेरिका को क्या फायदा
दरअसल अमेरिका चाहता है कि मध्य-पूर्व की क्षेत्रीय ताकतों के बीच संबंध सामान्य हों अमेरिकी ऑफिसरों के मुताबिक, यदि ये रिजनल मेगा डील साकार होता है तो जो बाइडेन की विदेश नीति की बड़ी जीत होगी और यह जीत उनके लिए अगले वर्ष होने वाले राष्ट्रपति चुनावों में मददगार साबित हो सकती है

बता दें कि सऊदी अरब और इजरायल दोनों लंबे समय से ईरान के प्रतिद्वंद्वी रहे हैं लेकिन मार्च में रियाद और तेहरान के राजनयिक संबंधों को बहाल करने पर सहमति के बाद से संबंधों में सुधार हुआ है तेहरान ने परमाणु हथियार की मांग से इनकार किया है, लेकिन वह सालों से अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शक के केंद्र में है

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