तालिबान ने पाक पर लगाया ये गंभीर आरोप

तालिबान ने  पाक पर लगाया ये गंभीर आरोप

Tension between Pakistan and Taliban:अफगानिस्तान में अगस्त 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से सीमा संघर्षों के बीच इस्लामाबाद के साथ उसके संबंध खराब हो गए हैं. हाल ही में, तालिबान ने इस्लामाबाद पर अफगानिस्तान में लक्ष्यों पर हमला करने के लिए अमेरिकी ड्रोन द्वारा अपने हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करने की अनुमति देने का आरोप लगाया है. बदले में पाक ने तालिबान पर आतंकियों को पनाह देने का आरोप लगाया है.

विशेषज्ञों का बोलना है कि, 1990 के दशक के मध्य में दक्षिणी अफगानिस्तान में तालिबान के उदय के समय से चला आ रहा पुराना गठबंधन अभूतपूर्व दबाव में आ रहा है क्योंकि उनके भलाई भिन्न-भिन्न हैं. वाशिंगटन स्थित हडसन इंस्टीट्यूट के हुसैन हक्कानी, जिन्होंने पहले संयुक्त राज्य अमेरिका में पाक के राजदूत के रूप में कार्य किया था उन्होंने बोला कि, तालिबान ने वर्षों से पाकिस्तानी समर्थन स्वीकार किया हो सकता है, लेकिन हमेशा के लिए पाकिस्तानी प्रॉक्सी नहीं बनना चाहता है.

तालिबान का पाक पर गंभीर आरोप

पिछले महीने तालिबान ने पाक पर अमेरिकी ड्रोन को अफगानिस्तान के अंदर हमले करने के लिए अपने हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करने की अनुमति देने का आरोप लगाया था. 28 अगस्त का दावा जुलाई में काबुल में अमेरिकी ड्रोन हमले में अल-कायदा नेता अयमान अल-जवाहिरी के मारे जाने के बाद आया है. इस्लामाबाद ने जानकारी से इनकार किया.

तालिबान पर मसूद अजहर को पनाह देने का आरोप
आरएफई/आरएल की रिपोर्ट के अनुसार, 14 सितंबर को इस्लामाबाद ने तालिबान गवर्नमेंट पर जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) चरमपंथी समूह के प्रमुख और संयुक्त राष्ट्र-ब्लैक लिस्टेड आतंकी मसूद अजहर को पनाह देने का आरोप लगाया. तालिबान ने पाक के दावों को दृढ़ता से खारिज कर दिया. 23 सितंबर को संयुक्त देश महासभा में अपने भाषण में, पाकिस्तानी प्रधान मंत्री शहबाज शरीफ ने बोला कि इस्लामाबाद, अफगानिस्तान से संचालित प्रमुख आतंकी समूहों द्वारा उत्पन्न खतरे के बारे में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रमुख चिंता को शेयर करता है. शरीफ ने इस्लामिक स्टेट-खोरासन (आईएस-के), तहरीक-ए तालिबान पाक (टीटीपी), अल-कायदा, ईस्ट तुर्किस्तान इस्लामिक मूवमेंट और इस्लामिक मूवमेंट ऑफ उजबेकिस्तान का अफगानिस्तान में स्थित समूहों के रूप में बताया, जिनसे व्यापक रूप से अंतरिम अफगान ऑफिसरों के समर्थन और योगदान से निपटने की आवश्यकता है.

अमेरिका से पाक ने लिए लाखों डॉलर
तालिबान की ओर से 27 सितंबर को उप विदेश मंत्री शेर मोहम्मद अब्बास स्टानिकजई ने दावा किया कि इस्लामाबाद को अमेरिकी ड्रोन को अफगानिस्तान पर उड़ानें संचालित करने की अनुमति देने के लिए वाशिंगटन से लाखों $ प्राप्त हो रहे थे. स्टैनिकजई ने काबुल में एक सभा से पूछा, हम इसे कब तक बर्दाश्त कर सकते हैं?, यदि हम पाकिस्तानी हस्तक्षेप के विरूद्ध उठते हैं, तो हमें कोई नहीं रोक पाएगा.

विशेषज्ञों का बोलना है कि तनाव का एक अन्य साधन टीटीपी पर कार्रवाई करने की तालिबान की अनिच्छा है, जो एक करीबी वैचारिक और संगठनात्मक सहयोगी है. अफगानिस्तान के अंदर अपने ठिकानों से, चरमपंथी समूह ने हाल के सालों में इस्लामाबाद के विरूद्ध अपने विद्रोह को तेज कर दिया है.