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ब्रह्मांड में मिला अब तक का दूसरा सबसे बड़ा ‘ब्लैक हॉल’

 ब्रह्मांड में मिला अब तक का दूसरा सबसे बड़ा ‘ब्लैक हॉल’

नई दिल्ली: खगोलविदों ने पृथ्वी से लगभग 70 करोड़ प्रकाश साल दूर एक विशालकाय ब्लैक हॉल खोजा है, जो दूसरा सबसे बड़ा है. खगोलविदों के मुताबिक इसका वजन सूर्य से 40 अरब गुना अधिक है. सबसे बड़ा ब्लैकहोल टीओएन 618 है, जो केनेस वेनेटिकी तारामंडल में है. यह सूर्य के द्रव्यमान से 66 अरब गुना भारी है. सूर्य का वजन दो ऑक्टालियन माना जाता है. ये गैलेक्सी होम 15ए में उपस्थित है. इसका फैलाव सूर्य व पृथ्वी के बीच दूरी से 800 गुना अधिक है, जो 100 अरब किलोमीटर से अधिक है.

ब्लैक हॉल का अनुमान प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष तरीका से किया जाता है. आमतौर पर अप्रत्यक्ष ढंग से ही अनुमान किया जाता है. लेकिन पहली बार खगोलविदों ने पृथ्वी से 7 करोड़ प्रकाश साल दूर झांकने का कोशिश किया है. हाल ही ‘द एस्ट्रोफिजिक्स जर्नल’ में प्रकाशित पेपर में लेखक जेम्स थॉमस ने बताया कि इससे पहले कभी इतनी दूरी का अवलोकन नहीं किया गया है. अन्य लेखक रॉबर्टो स्गालिया ने कहा, यह पहले के अप्रत्यक्ष प्रणाली से माप की बजाय कहीं अधिक सटीक है.

क्या है ब्लैक हॉल
ब्लैक हॉल अंतरिक्ष में विशाल खगोलीय संरचना है. जैसे पृथ्वी पर गुरुत्वाकर्षण है, वैसे ही ब्लैक हॉल का गुरुत्वाकर्षण बल इतना अधिक होता है कि प्रकाश की किरणें भी इससे बाहर नहीं आ पाती. यानी यह प्रकाश को भी अवशोषित कर लेता है. यदि कोई पिंड, तारा अथवा ग्रह ब्लैक हॉल के निकट से गुजरता है तो वह इसके गुरुत्वाकर्षण से बच नहीं पाता व इसमें समा जाता है. इसका द्रव्यमान लाखों सूर्य के बराबर होता है.


अमेरिका के सुरों में चाइना के प्रति आया बदलाव

अमेरिका के सुरों में चाइना के प्रति आया बदलाव

नई दिल्ली/वाशिंगटन: एकाएक बढ़ा ही जा रहा कोरोना का प्रकोप आज पूरी संसार के लिए महामारी का रूप लेता रहा है। वही इस वायरस की चपेट में आने से अब तक 88000 से अधिक मौते हो चुकी है। लेकिन अब भी यह मृत्यु का खेल थमा नहीं है। इस वायरस ने आज पूरी संसार को हिला कर रख दिया है। कई राष्ट्रों के अस्पतालों में बेड भी नहीं बचे है तो कही खुद डाक्टर इस वायरस का शिकार बनते जा रहें है। वहीं कोविड 19 को चीनी वायरस बताने वाले अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के सुरों में चाइना को लेकर दिखाई देने वाली आक्रामकता अब आकस्मित खत्‍म हो गई है। चाइना के राष्‍ट्रपति शी चिनफिंग के साथ बात करने के बाद यह बदलाव दिखाई दिया है। इसके बाद सेक्रेट्री ऑफ स्‍टेट माइक पोंपेइ ने बोला कि कोरोना वायरस की समस्‍या वैश्विक समस्‍या है। इस वक्‍त आवश्यकता है कि सभी देश एक साथ मिलकर इसको खत्‍म करने के लिए कार्य करें। उन्‍होंने ये बयान चाइना के संदर्भ में पूछे गए एक सवाल के जवाब में दिया था।

मिली जानकारी के अनुसार मार्च को राष्‍ट्रपति ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कोरोना वायरस का चीनी वायरस का नाम दिया था। उन्‍होंने बोला था कि चाइना ने इसको पूरी संसार में फैलाने का कार्य किया है। इसके बाद चाइना ने भी जवाबी हमला कहा था। ये सिलसिला लगातार बहुत ज्यादा दिनों तक चलता रहा था। इतना ही नहीं जब चाइना के व्यक्तिगत प्रोटेक्टिव इक्‍यूपमेंट में कमी की बात कहकर उनको वापस किया जाने लगा तब भी चाइना ने इसको लेकर अमेरिका पर उसके विरूद्ध साजिश रचने का आरोप लगाया था। जहां तक ट्रंप की बात है तो वो जो शब्‍द अपने बयानों में इस्‍तेमाल करते हैं उसको अब पूरी संसार जान चुकी है। चीनी वायरस का जिक्र उन्‍होंने केवल एक बार नहीं बल्कि कई बार किया था। लेकिन वैसे अब दोनों ही नेता इसको तूल नहीं देना चाहते हैं।

गौरतलब है कि इस वायरस को लेकर जहां अमेरिका ने चाइना पर आरोप लगाया था वहीं चाइना ने भी अमेरिका पर दोषारोपण किया था। चाइना की तरफ से बोला गया था कि अमेरिका ने साजिश के तौर पर इस वायरस को चाइना के वुहान में फैलाया था। के मुताबिक अमेरिका में उपस्थित चाइना के राजदूत क्‍यूई तियानकई का इस विषय में दिया गया बयान बेहद सियासी था। उन्‍होंने विदेशी मीडिया से वार्ता के दौरान चाइना के अमेरिका के प्रति प्रेम की बात की व बोला कि चाइना अमेरिका के हित के लिए हर संभव प्रयास करेगा।