वर्ल्ड हैपिनेस रिपोर्ट के बहाने उदित राज ने साधा निशाना, बोले...       पीएम मोदी ने कहा कि भारत कोरोना से निपटने में अपने मित्रों की हरसंभव मदद करने के लिए तैयार       संकट में मदद देने के लिए US के बाद इजरायल ने हिंदुस्तान को कहा...       जानें कैसे करती है कोरोना से बचाव, 350 रुपये में तैयार की पीपीई किट       जेईई मेन के आवेदनकर्ता को मिला सुनहरा मौका       जम्मू और कश्मीर पर टिप्पणी करने पर हिंदुस्तान ने चाइना को घेरा, कहा...       कोरोना के विरूद्ध दिल्ली सरकार की तैयारी, जानें क्या है 'ऑपरेशन शील्ड'       PM मोदी ने वाराणसी बीजेपी जिलाध्यक्ष को किया फोन, कहा...       कोरोना वायरस के मद्देनजर नेवी में भर्ती पर रोक, एडमिरल करमबीर सिंह बोले...       कोरोना से जंग में लगे पुलिसवालों को मिलेगा 30 लाख का कवर, हरियाणा सरकार बड़ा फैसला!       केरल में COVID-19 वार्ड से पकड़ी गई पांच बिल्लियों की मौत       कोरोना वॉरियर की जान गई तो परिवार को 10 लाख रुपये देगी सरकार       चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि उद्धव ठाकरे को एमएलसी मनोनीत नहीं कर सकते राज्यपाल       OMG! सुपरहीरो बनकर कोरोनावायरस को हराना चाहती हैं ये मॉडल , अंग-अंग दिखाती आई नजर       TV एक्ट्रेस अपने सेक्सी फ़िगर से मचा रही है धमाल, हुस्न का दीदार करते रहे लोग       पीएम मोदी की अपील पर इस मॉडल ने ब्रा और पेंटी पहनकर जलाई मोमबत्तियां, जीत लिया सबका दिल       लॉकडाउन से बोर होकर इस एक्ट्रेस ने शेयर की अपनी कामुक तस्वीरे, जिसे देख दीवाने हुए फैंस       लॉकडाउन के दौरान इस एक्ट्रेस ने की ऑनलाउन चैट शो की शुरुआत       कोरोना की लड़ाई में आखिर शाहरुख खान भी आये आगे       लॉकडाउन के बीच उर्वशी ने दिखया अपना हॉट अवतार      

ईरान के सामने आखिर क्यों लाचार है दुनिया का सबसे ताकतवर देश

ईरान के सामने आखिर क्यों लाचार है दुनिया का सबसे ताकतवर देश

नई दिल्ली/बगदाद: मेजर जनरल सुलेमानी की मृत्यु के बाद सबसे पहले ईरानी संसद ने US आर्मी को आतंकी व पेंटागन को आतंकी संगठन घोषित कर दिया. ये ईरान के पलटवार का प्रथम चरण था. इसके बाद दूसरे चरण के तहत 8 जनवरी की आधी रात को ईरानी आर्मी ने इराक में स्थित अमेरिका के दो सैन्य ठिकानों पर बमबारी कर दी. अमेरिकी सैनिक ठिकानों पर ये हमला मेजर सुलेमानी की मृत्यु के बदले के रूप में देखा जा रहा है. ईरान के इस पलटवार के बाद अब दुनिया की निगाहें इस बात पर हैं कि अब क्या होगा?

मध्य-पूर्व के राष्ट्रों के साथ-साथ सारे दुनिया नज़र जमाए पिछले चार दिनों से इस बात कि प्रतीक्षा कर रही थी कि अपने मेजर जनरल कासिम सुलेमानी की मृत्यु का बदला लेने के लिए ईरान क्या कदम उठाएगा व इसका जवाब आठ जनवरी की देर रात ईरान ने आखिरकार दे ही दिया, इराक में स्थित दो अमेरिकी सैन्य शिविरों पर हमला कर. ये वादा था ईरान का अमेरिका से, दुनिया से, ईरानी जनता से व खुद अमेरिकी हमले में मारे गए जनरल कासिम सुलेमानी की बेटी ज़ैनब से जो खुद ईरानी राष्ट्रपति ने किया था.

करमैन में जनरल कासिम सुलेमानी को दफ़न किए जाने से बस कुछ देर पहले ईरान के सरहदी क्षेत्र में हलचल तेज हो चुकी थी. ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स खास अभियान पर थी. बस तय समय का इंतजार था. समय अच्छा वही चुना गया था, जिस समय 3 जनवरी को अमेरिका ने ड्रोन अटैक में ईरानी मेजर जनरल कासिम सुलेमानी, डिप्टी कमांडर अबू महदी अल-मुहांदिस व उनके साथियों पर मिसाइल छोड़ी थीं. ईरान अच्छा उसी समय मेजर सुलेमानी का बदला लेना चाहता था व तय समय आते ही 8 जनवरी की रात 1.20 मिनट पर मिसाइल दाग दी जाती है. इसके बाद अगले 55 मिनट तक मिसाइलों के दागे जाने का दौर जारी रहता है. ईरान ने जवाबी हमले में कुल 17 मिसाइलें दागी थीं.


अमेरिका के सुरों में चाइना के प्रति आया बदलाव

अमेरिका के सुरों में चाइना के प्रति आया बदलाव

नई दिल्ली/वाशिंगटन: एकाएक बढ़ा ही जा रहा कोरोना का प्रकोप आज पूरी संसार के लिए महामारी का रूप लेता रहा है। वही इस वायरस की चपेट में आने से अब तक 88000 से अधिक मौते हो चुकी है। लेकिन अब भी यह मृत्यु का खेल थमा नहीं है। इस वायरस ने आज पूरी संसार को हिला कर रख दिया है। कई राष्ट्रों के अस्पतालों में बेड भी नहीं बचे है तो कही खुद डाक्टर इस वायरस का शिकार बनते जा रहें है। वहीं कोविड 19 को चीनी वायरस बताने वाले अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के सुरों में चाइना को लेकर दिखाई देने वाली आक्रामकता अब आकस्मित खत्‍म हो गई है। चाइना के राष्‍ट्रपति शी चिनफिंग के साथ बात करने के बाद यह बदलाव दिखाई दिया है। इसके बाद सेक्रेट्री ऑफ स्‍टेट माइक पोंपेइ ने बोला कि कोरोना वायरस की समस्‍या वैश्विक समस्‍या है। इस वक्‍त आवश्यकता है कि सभी देश एक साथ मिलकर इसको खत्‍म करने के लिए कार्य करें। उन्‍होंने ये बयान चाइना के संदर्भ में पूछे गए एक सवाल के जवाब में दिया था।

मिली जानकारी के अनुसार मार्च को राष्‍ट्रपति ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कोरोना वायरस का चीनी वायरस का नाम दिया था। उन्‍होंने बोला था कि चाइना ने इसको पूरी संसार में फैलाने का कार्य किया है। इसके बाद चाइना ने भी जवाबी हमला कहा था। ये सिलसिला लगातार बहुत ज्यादा दिनों तक चलता रहा था। इतना ही नहीं जब चाइना के व्यक्तिगत प्रोटेक्टिव इक्‍यूपमेंट में कमी की बात कहकर उनको वापस किया जाने लगा तब भी चाइना ने इसको लेकर अमेरिका पर उसके विरूद्ध साजिश रचने का आरोप लगाया था। जहां तक ट्रंप की बात है तो वो जो शब्‍द अपने बयानों में इस्‍तेमाल करते हैं उसको अब पूरी संसार जान चुकी है। चीनी वायरस का जिक्र उन्‍होंने केवल एक बार नहीं बल्कि कई बार किया था। लेकिन वैसे अब दोनों ही नेता इसको तूल नहीं देना चाहते हैं।

गौरतलब है कि इस वायरस को लेकर जहां अमेरिका ने चाइना पर आरोप लगाया था वहीं चाइना ने भी अमेरिका पर दोषारोपण किया था। चाइना की तरफ से बोला गया था कि अमेरिका ने साजिश के तौर पर इस वायरस को चाइना के वुहान में फैलाया था। के मुताबिक अमेरिका में उपस्थित चाइना के राजदूत क्‍यूई तियानकई का इस विषय में दिया गया बयान बेहद सियासी था। उन्‍होंने विदेशी मीडिया से वार्ता के दौरान चाइना के अमेरिका के प्रति प्रेम की बात की व बोला कि चाइना अमेरिका के हित के लिए हर संभव प्रयास करेगा।