हांगकांग को चीनी शासन को सौंपने की 25वीं वर्षगांठ के मौके पर चिनफिंग यहां पहुंचे

हांगकांग को चीनी शासन को सौंपने की 25वीं वर्षगांठ के मौके पर चिनफिंग यहां पहुंचे

चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने हांगकांग के लिए एक देश, दो प्रणाली नीति का बचाव किया.हांगकांग को चीनी शासन को सौंपने की 25वीं वर्षगांठ के मौके पर चिनफिंग बृहस्पतिवार को यहां पहुंचे. ब्रिटेन ने एक जुलाई, 1997 को हांगकांग चीन को लौटा दिया था.

हांगकांग. चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने हांगकांग के लिए अपनी ‘‘एक देश, दो प्रणाली’’ नीति का शुक्रवार को बचाव करते हुए अमेरिका, ब्रिटेन और अन्य राष्ट्रों के उन आरोपों का खारिज कर दिया, जिसमें दावा किया गया है कि चीन ने इस नीति के जरिए 50 साल के लिए हांगकांग को स्वतंत्रता एवं स्वायत्तता देने के वादे को कमजोर किया है.
हांगकांग को चीनी शासन को सौंपने की 25वीं वर्षगांठ के मौके पर चिनफिंग बृहस्पतिवार को यहां पहुंचे. ब्रिटेन ने एक जुलाई, 1997 को हांगकांग चीन को लौटा दिया था. कोविड-19 वायरस के प्रकोप के कारण करीब ढाई वर्ष बाद शी हांगकांग की यात्रा पर आए हैं.
इस मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में शी ने कहा, ‘‘ एक देश, दो प्रणाली’’ की नीति ने सार्वभौमिक रूप से कामयाबी प्राप्त की है.

यह नीति हांगकांग को उसके स्वयं के कानून और अपनी गवर्नमेंट बनाने का अधिकार देती है.
शी ने कहा, ‘‘ इस तरह की सफल प्रबंध को बदलने के लिए कोई वजह उपस्थित नहीं है, बल्कि इसे लंबे समय तक कायम रखना चाहिए.’’
उनका यह बयान हांगकांग के लोगों को आश्वस्त करने का एक कोशिश प्रतीत होता है कि 50 साल के बाद भी हांगकांग की स्वतंत्रता कायम रहेगी.
उन्होंने आगाह किया कि हांगकांग के मामलों में विदेशी हस्तक्षेप या देशद्रोहियों के प्रति कोई सहिष्णुता नहीं बरती जाएगी. उन्होंने बोला कि ‘‘ राष्ट्रीय संप्रभुता, सुरक्षा और विकास के हितों की रक्षा करना’’ सर्वोच्च अहमियत है.
शी ने कहा, ‘‘ दुनिया को कोई भी राष्ट्र या क्षेत्र विदेशी या देशद्रोही ताकतों को सत्ता पर अतिक्रमण करने की अनुमति नहीं देगा.’’
शी अंतिम बार इस खास दिन का उत्सव मनाने एक जुलाई 2017 को हांगकांग आए थे.
चिनफिंग के नेतृत्व में, चीन ने विरोध प्रदर्शनों पर नकेल कसने और असंतोष को शांत करने के लिए कठोर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लागू करने, विद्यालयों में ‘देशभक्ति’ संबंधी पाठ्यक्रम प्रारम्भ करने और चुनाव कानूनों में परिवर्तन करने समेत हांगकांग में कई परिवर्तन किए हैं.
इससे पहले, शी ने इस खास मौके पर जॉन ली को हांगकांग के नए नेता के रूप में शुक्रवार को शपथ दिलाई. ली, एक पूर्व सुरक्षा अधिकारी हैं. शहर में 2019 के लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनों के बाद से असंतोष जताने वाली घटनाओं पर कार्रवाई उनकी नज़र में ही की गई.

ली ने शपथ ग्रहण करते हुए शहर के लघु-संविधान, मूल कानून को बनाए रखने और हांगकांग के प्रति निष्ठा रखने का संकल्प किया. उन्होंने चीन गवर्नमेंट के प्रति जवाबदेह रहने का भी संकल्प किया.
ली ने शपथ ग्रहण कार्यक्रम से पहले सुबह हांगकांग को चीनी शासन को सौंपने की 25वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया था. इस कार्यक्रम में शी चिनफिंग, शहर की निवर्तमान नेता कैरी लैम सहित कई अन्य लोगों ने शिरकत की थी.
ध्वजारोहण कार्यक्रम तेज हवाओं के बीच आयोजित किया गया और चीन तथा हांगकांग के झंडे लाने वाले पुलिस ऑफिसरों ने ब्रिटिश शैली के मार्च की स्थान चीनी ‘गूज़-स्टेपिंग’ शैली में मार्च किया.