पिछले मॉनसून में की तुलना इस मॉनसून में कम हुई बारिश

पिछले मॉनसून में की तुलना इस मॉनसून में कम हुई बारिश

झारखंड में मॉनसून एक बार फिर से एक्टिव हो गया है राज्य में पूर्व पश्चिम क्षेत्र में बनें मॉनसून ट्रैंच और बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव के कारण पांच जुलाई तक बारिश होने की आसार है मौसम विभाग ने बारिश के दौरान वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी किया है वहीं आज यानी शनिवार को देवघर, दुमका, गढ़वा, गिरिडीह, पलामू, रांची, सरायकेला-खरसावां, पश्चिम सिंहभूम जिले के कुछ भागों में हल्के से मध्यम दर्जे की मेघ गर्जन के साथ वर्षा होने की आसार है

पिछले मॉनसून में की तुलना इस मॉनसून में कम हुई बारिश

मौसम विभाग की मानें तो झारखंड में इस बार मॉनसून में काफी पीछे चल रहा है पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष काफी कम बारिश हुई है झारखंड में इस मॉनसून में 189.5 मिलीमीटर बारिश होती थी लेकिन अब तक सिर्फ 95.7 मिमी तक बारिश हुई है इस तरह एक वर्ष पहले की तुलना में इस वर्ष 93.8 मिमी कम वर्षा हुई है उत्तर पूर्वी हिस्से को छोड़ दें तो बाकी जगहों पर औसतन कम बारिश दर्ज की गयी है

संताल परगना में सबसे अधिक बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटे के दौरान संताल परगना के कई इलाकों में अच्छी बारिश हुई दुमका के खुसियारी में करीब 80 मिमी बारिश हुई इसके अतिरिक्त जामताड़ा में 45 मिमी, बोकारो में 75, चक्रधरपुर में 62 और धनबाद में 54 मिमी के करीब वर्षा हुई राजधानी में अब तक 102 मिमी बारिश हो गयी है जमशेदपुर में सबसे अधिक 286 मिमी बारिश मॉनसून में हो गयी है

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मॉनसून की सक्रियता में दिखी थी कमी

मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी पश्चिमी ट्रफ का असर अभी भी देखने को मिल रहा है यह 1.5 किलोमीटर एबोव सी लेबल तक एक्सटेंड हो रहा है पिछले नौ दिनों में मॉनसून में कमी देखी गयी है और आने वाले दिनों में पूर्व और पश्चिम में टर्फ, निम्न दबाव का क्षेत्र है, उसके एक्टिव होने से उत्तर हिंदुस्तान और साथ-साथ अरब सागर से नमी वाली हवाएं और बंगाल की खाड़ी से नमी वाली हवाओं का असर देखने को मिल रहा है