मदरसे पर हुए आत्मघाती हमले में तालिबान के एक प्रमुख शख्सियत शेख रहीमुल्ला हक्कानी की मौत

मदरसे पर हुए आत्मघाती हमले में तालिबान के एक प्रमुख शख्सियत शेख रहीमुल्ला हक्कानी की मौत
तालिबान के ऑफिसरों और
सूत्रों के अनुसार, गुरुवार को काबुल में एक मदरसे पर हुए आत्मघाती हमले
में तालिबान के एक प्रमुख शख्सियत शेख रहीमुल्ला हक्कानी की मृत्यु हो गई.
हमलावर ने कृत्रिम पैर में रखे विस्फोटक को उड़ा दिया.
खामा प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, तालिबान के उप प्रवक्ता बिलाल करीमी ने
घटना की सत्यता की पुष्टि की और बोला कि काबुल के पुलिस जिला 2 के शश दरक
इलाके में हुए विस्फोट ने शेख रहीमुल्ला हक्कानी को शहीद कर दिया.

वह
पहले इस्लामिक स्टेट (आईएस) समूह का निशाना रहा था, हालांकि अब यह स्पष्ट
नहीं है कि उसे किसने मारा क्योंकि अभी तक किसी भी समूह ने इसकी जिम्मेदारी
नहीं ली है.

खामा प्रेस ने बताया कि शेख हक्कानी इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत (आईएस-के) के कट्टर विरोधी और तालिबान प्रशासन के समर्थक थे.

वह
उन तालिबान ऑफिसरों में से थे जिन्होंने स्त्रियों और लड़कियों की शिक्षा
का समर्थन किया, बीबीसी के एक इंटरव्यू में उन्होंने बोला था कि शरिया
कानून में कोई भी तर्क स्त्री शिक्षा को प्रतिबंधित नहीं करता है.

हालांकि, हाल के महीनों में लगातार हमले हुए हैं, जिनमें से कई का दावा इस्लामिक स्टेट ने किया है.

बीबीसी
की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले वर्ष तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद से
वह राष्ट्र में मारे जाने वाले सबसे बड़े लोगों में से एक हैं.

एक ही नाम साझा करने के बावजूद, वह अफगानिस्तान के हक्कानी आतंकी समूह नेटवर्क से संबंधित नहीं था.