लिव इन में रह रही महिला ने की खुदकुशी,महिला का शव लटका रहा पेड़ पर

लिव इन में रह रही महिला ने की खुदकुशी,महिला का शव लटका रहा पेड़ पर

 उदयपुर के फलासिया थाना क्षेत्र में एक बार फिर आदिवासी समाज की मौताणा प्रथा का भयावह रूप सामने आया है करीब 20 घंटे तक एक स्त्री का मृत शरीर पेड़ पर लटका रहा इस दौरान परिजन मृत शरीर के पास बैठकर ही मौताणे की राशि तय करने के लिए चर्चा करते रहे आखिर 2 लाख रुपये मौताणा राशि तय हुई फिर पुलिस ने पेड़ पर लटके स्त्री के मृत शरीर को नीचे उतारा और मृत शरीर को मोर्चरी में रखवाया हांलाकि इस दौरान फलासिया थाना पुलिस और क्षेत्रीय प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे है, जो परिजनों से समझाइश का कोशिश कर रहे है लेकिन मौताणा राशि तय होने के बाद ही मृत शरीर को नीचे उतारा जा सका

दरअसल फलासिया थाना क्षेत्र के बेडनपाडा गांव में थावरी नाम की स्त्री पिछले करीब दो वर्ष से पीपलबारां निवासी भरत पिता भूरा वडेरा के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रह रही थी, दोनों के एक बेटा भी है थावरी मंगलवार शाम को परिवार के लोगों को वापस आने का बोल कर घर से बाहर निकली थी देर रात तक जब वह घर नहीं लौटी तो परिवार के लोग उसकी तलाश में निकले 

करीब 11 बजे परिजनों को घर से महज 200 मीटर दूरी पर उसका मृत शरीर पेड़ पर लटका मिला सूचना मिलने पर फलासिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पुलिस ने घटना की जानकारी थावरी के पीहर पक्ष के लोगों को दी मौके पर पहुंचे पीहर पक्ष के लोगों ने भरत और उसके परिवार के लोगों पर थावरी की मर्डर कर मृत शरीर पेड़ पर लटकाने का आरोप लगाते हुए मौताणे की मांग की, यही नहीं मौताणा राशि तय नहीं होने तक मृत शरीर को पेड़ से उतारने से भी मना कर दिया

बुधवार सुबह फिर दोनों पक्षों के बीच मौताणा वार्ता प्रारम्भ हुई इस दौरान फलासिया थानाधिकारी प्रभुलाल और तहसीलदार प्रदीप मालवीया भी मौके पर मौजुद रहे दोपहर तक मौताणा राशि तय नहीं हो पाई इस पर ऑफिसरों ने पीहर पक्ष के लोगों से समझाइश का कोशिश किया लेकिन वे मौताणा राशि की मांग पर अडे रहे लेकिन शाम करीब 7 बजे दोनों पक्षों के बीच 2 लाख रुपये मौताणा राशि तय हुई, इसके बाद पीहर पक्ष के लोगों ने मृत शरीर को नीचे उतारने पर अपनी सहमती दे दी हांलाकि अभी तक स्त्री के आत्महत्या करने के कारणों को खुलासा नहीं हो पाया है वहीं पुलिस ने ग्रामीणों की सहायता से मृत शरीर को नीचे उतारा और मोर्चरी में रखवाया है


एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य बने डॉ. राजीव बगरहट्टा

एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य बने डॉ. राजीव बगरहट्टा

ऱाजधानी के एसएमएस मेडिकल कॉलेज की कमान डाक्टर राजीव बगरहट्टा के हाथों सौंपी गई है चिकित्सा शिक्षा विभाग ने डॉ सुधीर भंडारी का कार्यकाल 4 जुलाई को पूरा होने पर डॉ राजीव बगरहट्टा को प्राचार्य एवं नियंत्रक नियुक्त किया है डॉ भंडारी का कार्यकाल पूरा होने से पहले चिकित्सा शिक्षा विभाग ने प्राचार्य के लिए आवेदन मांगे थे जिसमें 40 डॉक्टर्स ने आवेदन किया था आवेदनों की स्क्रूटनी के बाद 23 जून को 37 डॉक्टर्स को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया था मुख्य सचिव की मौजूदगी में 28 डॉक्टर्स ने दावेदारी पेश की थी जिसके बाद तीन डॉक्टर्स के नाम तय कर चिकित्सा शिक्षा विभाग ने मंत्री और सीएम को भेजा गया जिनकी अनुमति के बाद डॉ राजीव बगरहट्टा को प्रिंसिपल नियुक्त किया है

मेडिकल कॉलेज और चिकित्सालयों के विकास पर करेंगे काम 

एसएमएस मेडिकल कॉलेज का प्राचार्य नियुक्त करने के बाद डॉ राजीव बगरहट्टा ने सीएम को धन्यवाद देते हुए बोला की गवर्नमेंट ने विश्वास जताकर जिम्मेदारी दी है इसे भली–भाँति निभाऊंगा एसएमएस मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल में सुविधाएं बढ़ाते हुए रोगियों को अच्छे उपचार और गवर्नमेंट की योजनाओं का आमजन को फायदा दिलाने पर काम किया जाएगा डॉ बगरहट्टा ने बोला की एसएमएस हॉस्पिटल में विश्वसत्तर का आईपीडी टावर बनाया जा रहा है इसे बेहतर बनाने और एसएमएस हॉस्पिटल के विस्तार पर काम किया जाएगा इसके अतिरिक्त मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता और रिसर्च को बढ़ावा देने का काम किया जाएगा ताकि राष्ट्र ही नहीं विश्व में एसएमएस मेडिकल कॉलेज से निकले डॉक्टर्स रोगियों को बेहतर उपचार देते हुए एसएमएस का नाम रोशन करें साथ ही गवर्नमेंट की मुफ्त उपचार की योजना को सफल बनाते हुए रोगियों के भलाई में काम किया जाएगा
आईपीडी टावर में देंगे विश्वस्तरीय सुविधाएं लिए किया जाएगा काम

एसएमएस हॉस्पिटल में विश्व स्तरीय आईपीडी टावर बनाया जा रहा है इसके अतिरिक्त जनाना, और स्त्री चिकित्सालय में भी आईपीडी टावर बनाया जाएगा जिसको लेकर डॉ बगरहट्टा ने बताया की एसएमएस की सुविधाएं बढ़ाने के लिए 22 मंजिला आईपीडी टावर बनाया जा रहा है जो गवर्नमेंट का जरूरी प्रोजेक्ट है इसे बेहतर और समय पर पूरा करना हमारा लक्ष्य है साथ ही अन्य अस्पतालों में भी सुविधाएं बढ़ाने के लिए आईपीडी टावर बनाए जाएंगे इन्हे भी समय पर बनाते हुए रोगियों को सुविधाएं दी जाएगी