बिना परामर्श न पहनें यह रत्न, हो जाएंगे निर्धन, धारण करने से पहले जानें

बिना परामर्श न पहनें यह रत्न, हो जाएंगे निर्धन, धारण करने से पहले जानें

आज शनिवार है शनिदेव की पूजा का दिन है। हर ग्रह का एक रत्न होता है। शनि ग्रह का रत्‍न नीलम है, जिसे अंग्रेजी में ‘ब्‍लू सेफायर’ कहते हैं। ज्‍योतिष विज्ञान में इसे कुरूंदम का रत्‍न कहते हैं। इस समूह में लाल रत्‍न को माणिक तथा दूसरे सभी रत्नों को नीलम कहते हैं। इसलिए नीलम सफेद, हरे, बैंगनी, नीले आदि रंगों में प्राप्‍त होता है। रत्नों में सबसे अच्‍छा ब्‍लू सेफायर नीले रंग का होता है। जिसका रंग आसमानी, गहरा नीला, चमकीला नीला आदि होता है।नीलम शनि ग्रह का रत्न कहलाता है।

ऐसा माना जाता है कि मोर के पंख जैसे रंग वाला नीलम सबसे अच्‍छा माना जाता है। यह बहुत चमकीला और चिकना होता है। इससे आर-पार देखा जा सकता है। यह बेहद प्रभावशाली रत्‍न होता है तथा सभी रत्‍नों में सबसे जल्‍दी अपना प्रभाव दिखाता है। इसे पहने से शनि की बुरी दशा ठीक होती है। नीलम असर बहुत तीव्रता से दिखाता है। इसलिए नीलम  कभी भी बिना ज्‍योतिषी की सलाह के नहीं पहनना चाहिए।

नीलम शनि का रत्‍न है और अपना असर बहुत तीव्रता से दिखाता है इसलिए नीलम  कभी भी बिना ज्‍योतिषी की सलाह के नहीं पहनना चाहिए। नीलम रत्न को पहनने के लिए कुंडली में निम्‍न योग होने आवश्‍यक हैं।

मेष, वृष, तुला एवं वृश्चिक लग्‍न वाले अगर नीलम को धारण करते हैं तो उनका भाग्‍योदय होता है। चौथे, पांचवे, दसवें और ग्‍यारवें भाव में शनि हो तो नीलम जरूर पहनना चाहिए। शनि छठें और आठवें भाव के स्‍वामी के साथ बैठा हो या स्‍वयं ही छठे और आठवें भाव में हो तो भी नीलम रत्न धारण करना चाहिए। शनि मकर और कुम्‍भ राशि का स्‍वामी है। इनमें से दोनों राशियां अगर शुभ भावों में बैठी हों तो नीलम धारण करना चाहिए लेकिन अगर दोनों में से कोई भी राशि अशुभ भाव में हो तो नीलम नहीं पहनना चाहिए।

दशा अंतरदशा में भी नीलम धारण
शनि की साढेसाती में नीलम धारण करना लाभ देता है। शनि की दशा अंतरदशा में भी नीलम धारण करना लाभदायक होता है। शनि की सूर्य से युति हो, वह सूर्य की राशि में हो या उससे दृष्‍ट हो तो भी नीलम पहनना चाहिए। कुंडली में शनि मेष राशि में स्थित हो तो भी नीलम पहनना चाहिए।

कुंडली में शनि वक्री, अस्‍तगत या दुर्बल अथवा नीच का हो तो भी नीलम धारण करके लाभ होता है। जिसकी कुंडली में शनि प्रमुख हो और प्रमुख स्‍थान में हो उन्‍हें भी नीलम धारण करना चाहिए।क्रूर काम करने वालों के लिए नीलम हमेशा उपयोगी होता है।


आज है फाल्गुन मास की कालाष्टमी, इस मुहूर्त में करें पूजा

आज है फाल्गुन मास की कालाष्टमी, इस मुहूर्त में करें पूजा

हर माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी मनाई जाती है। इस दिन भगवान काल भैरव की पूजा की जाती है। मान्यता है अगर आज के दिन पूरे विधि-विधान के साथ काल भैरव की पूजा की जाए तो व्यक्ति की हर मनोकामना पूरी होती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष माह के कृष्ण अष्टमी को काल भैरव प्रकट हुए थे। काल भैरव को भगवान शिव ने प्रकट किया था। ऐसे में हर माह की इस तिथि को कालाष्टमी मनाई जाती है। तो आइए जानते हैं फाल्गुन कालाष्टमी का शुभ मुहूर्त और महत्व।

कालाष्टमी का शुभ मुहूर्त:

5 मार्च, शुक्रवार, फाल्गुन कृष्ण पक्ष

फाल्गुन कृष्ण अष्टमी आरंभ- 5 मार्च, शुक्रवार शाम 7 बजकर 54 मिनट से (अष्टमी तिथि 5 मार्च शाम से शुरू हो रही है। ऐसे में कालाष्टमी का व्रत आज रखा जाएगा।)

फाल्गुन कृष्ण अष्टमी समाप्त- 6 मार्च, रविवार शाम 6 बजकर 10 मिनट पर


फाल्गुन कालाष्टमी का महत्व:

कालाष्टमी के दिन रात के समय अगर जागरण किया जाए तो व्यक्ति को शुभ फलों की प्राप्ति होती है। साथ ही व्रत के पुण्य में भी वृद्धि होती है। काल भैरव का वाहन कुत्ता है ऐसे में इस दिन कुत्तों को अगर खाना खिलाया जाए तो यह बेहद शुभ होता है। कहा जाता है कि ऐसा करने से भैरव जी प्रसन्न हो जाते हैं। भक्तों का ऐसा मानना है कि भैरव अष्टमी का व्रत करने से उनके पाप धुल जाएंगे और वे मृत्यु के भय से मुक्त हो जाएंगे। इस दिन सुबह सवेरे उठकर स्नानादि कर व्रत का संकल्प लेना चाहिए। फिर काल भैरव की पूजा करनी चाहिए। इनके साथ भगवान शिव और पार्वती की पूजा भी की जाती है। इस दिन भक्त पूरे दिन का उपवास करते हैं। साथ ही शाम के समय काल भैरव के मंदिर भी जाते हैं।


खत्म हुई अब दूरी, लोगों को पहली बार मिली ये सेवा       75 फीसदी आरक्षण, हरियाणा से पलायन कर सकते हैं उद्योग       ‘Aruvi’ के हिन्दी रीमेक में नजर आएंगी फातिमा सना शेख, कहा...       Virat Kohli अनुष्का शर्मा की हाइट को लेकर थे परेशान, जानें       Shweta Tiwari पलक तिवारी और रेयांश के साथ आई नजर       सिद्धार्थ मल्होत्रा के साथ नजर आएंगी रश्मिका मंदाना, Mission Majnu की शूटिंग लखनऊ में हुई शुरू       इस एक्टर के निधन की ख़बर सुनकर इसलिए सुन्न पड़ गये थे अभिषेक कपूर       Saif Ali Khan ने कोविड-19 वैक्सीन की ली डोज       इस एक्ट्रेस के बॉयफ्रेंड ने खेल मंत्री किरण रिजिजू से आयकर छापे मामले में मांगी मदद       क्या ‘इंडियन आइडल 12’ बंद होने जा रहा है? शो को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा       जेपी दत्ता और बिंदिया गोस्वामी की बेटी निधि जयपुर में कर रहीं शादी       ‘Liger’ का गोवा शेड्यूल हुआ पूरा, इस एक्ट्रेस ने शेयर किए पार्टी के फोटो       आज है श्री राम की भक्त माता शबरी की जयंती, जानें       आज है फाल्गुन मास की कालाष्टमी, इस मुहूर्त में करें पूजा       भगवान शिव ने स्वयं बताई है महाशिवरात्रि व्रत की महिमा, जानें       कैसे हुई थी माता शबरी की प्रभु श्री राम से मुलाकात       मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए शुक्रवार को जरुर करें ये उपाय       इस महाशिवरात्रि करें ये दो कार्य, आप पर होगी भगवान शिव की कृपा       कालाष्टमी आज, जानें मुहूर्त, राहुकाल एवं दिशाशूल       भगवान शिव ने क्यों लिया अर्धनारीश्वर अवतार, हमारे और आप से जुड़ा है कारण