वृष, मिथुन, कन्या और मकर राशि वाले रहें सावधान, सभी 12 राशियों का जानें साप्ताहिक राशिफल

वृष, मिथुन, कन्या और मकर राशि वाले रहें सावधान, सभी 12 राशियों का जानें साप्ताहिक राशिफल

पंचांग के मुताबिक 22 फरवरी से नए हफ्ते का शुरुआत हो रहा इस दिन माघ शुक्ल की दशमी तिथि है इस सप्ताह होने वाला मंगल का गोचर सभी राशियों को प्रभावित कर रहा है यह हफ्ते सभी 12 राशियों के लिए के लिए विशेष है जानते हैं साप्ताहिक राशिफल-

साप्ताहिक राशिफल (Weekly Horoscope)

मेष- इस हफ्ते प्रतिभा का प्रदर्शन आवश्यक रूप से करने की आवश्यकता पड़ेगी, इसलिए स्वयं को किसी से भी कम आंकना ठीक नहीं होगा हफ्ते अंत तक वाणी पर भी फोकस बनाए रखना होगा विदेश से जॉब का ऑफर मिल रहा है तो बहुत सोच-विचार में इसे न गंवाएं स्टेशनरी के बड़े कारोबारी मुनाफे को लेकर तैयार रहें हिसाब पुस्तक के लेन-देन में थोड़ी टकराव की स्थिति बनती है तो स्वयं दो कदम पीछे हटने में फायदा है विद्यार्थी वर्ग प्रयास करेंगे तो पढ़ाई में अच्छे नंबर पा सकेंगे शिक्षकों के बताए टिप्स का इस्तेमाल बेहतर रिज़ल्ट देने वाला होगा दाँतों की समस्या कठिनाई का कारण बनेगी परिवार को लेकर कुछ फैसला वरिष्ठ लोगों पर छोड़ देना ही बेहतर होगा

वृष- इस हफ्ते सामाजिक जीवन और कार्यस्थल दोनों स्थान कॉन्फिडेंस और ओवर कॉन्फिडेंस वाले कामों में अंतर को भलीभांति समझना होगा हफ्ते मध्य के बाद वाणी करीबियों को चोट पहुंचा सकती है, इसलिए जितने भी हो सकें सभी के साथ प्रेम का रेट बनाए रखें पार्टनर और बिजनेस में भरोसे के साथ पैसे का लेनदेन बहुत साफ सुथरा रखें वरना पार्टनरशिप लंबे समय तक नहीं चल पाएगी सैन्य विभाग में जाने वालों को अच्छे मौका मिलने की आसार है, इसलिए अपनी तैयारी में किसी भी प्रकार की कमी न आने दें रक्त संबंधी विकारों को लेकर सजगता रखें भाई छोटा हो या बड़ा उनके साथ सम्पर्क बनाए रखना चाहिए कारोबार संबंधी किसी मामले पर उनकी राय आपके लिए लाभप्रद रहेगी

मिथुन- इस हफ्ते स्वयं और सहयोगी और नेटवर्क की ताकत ही आपको सफलता की ओर ले जाएगी हफ्ते के अंत तक लोगों के साथ मेलजोल बढ़ाने की आवश्यकता है बैंकिंग सेक्टर से जुड़े लोगों को अच्छा फायदा मिलेगा मगर कोई भी अवैध कार्य करना नुक़सानदेह हो सकता है कपड़ों के कारोबारियों को माल डंप नहीं करने की सलाह हैं हफ्ते मध्य के बाद युवाओं को संगति पर ध्यान देने की आवश्यकता है अच्छे विचार और अच्छे लोगों का साथ लाभप्रद होगा हेल्थ को लेकर वाहन तेज गति में न चलाएं, ग्रहों की स्थितियां बड़ी एक्सीडेंट कराने के फिराक में है पिता को व्यवसाय या जॉब में उन्नति मिलेगी प्रमोशन या मनचाही स्थान पर तबादला भी हो सकता है

कर्क- इस हफ्ते सफलता पाने के लिए स्वयं को फील्ड के लिए अपडेट करें हफ्ते कामकाजी लोगों के लिए सफलता से भरा होगा 24, 25 26 दिनांक को किसी से अहंकार की बोली न बोलें वरना बनते हुए कार्य बिगड़ जाएंगे दवा का बिजनेस करने वाले भी बहुत अच्छे फायदा में रहेंगे लेकिन कानूनी नियम सभी मानक के साथ पूरे करके रखें इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के इस्तेमाल पास होंगे युवाओं को भी बच्चों की सफलता से मन प्रसन्न रहेगा ब्लड इंफेक्शन होने की संभावना है, हफ्ते अंत तक गंभीर रोगों से जूझ रहे लोगों की कठिनाई और बढ़ सकती है परिवार में यदि कोई शादी योग्य आदमी है तो उसके संबंध की बात पक्की हो सकती है

सिंह- इस हफ्ते की आरंभ से ही आपमें ऊर्जा और सकारात्मक सोच भरी रहेगी 26 फरवरी के बाद आप मानसिक रूप से मजबूत होंगे और इसका प्रभाव आपके कामकाज पर भी दिखेगा कार्यालय में दूसरों को योगदान करें, लेकिन सहकर्मियों से अनावश्यक आशा न रखें तो ही बेहतर होगा, तो वहीं ऑफिशियल षडयंत्र भी आपकी कठिनाई का कारण बन सकते हैं किसी कम भरोसेमंद आदमी को जिम्मेदारी भरा कार्य सौंपने से बचें होटल, रेस्टोरेंट और गेस्ट हाउस के मालिक बहुत अच्छा फायदा कमा सकेंगे यूरिन इन्फेक्शन और पेट में जलन की कठिनाई हो सकती है तीन दिन से अधिक तकलीफ बनी रही तो डॉक्टर से सम्पर्क करें जीवनसाथी का योगदान मिलेगा, लेकिन क्रोध में उन्हें धैर्य रखने की सलाह दें

कन्या- इस हफ्ते कर्म और भाग्य दोनों ही निर्बल है, इसलिए मन को दोनों फोकस बनाए रखें, निश्चित तौर पर इसका फायदा मिलेगा तो वहीं मन में किसी भी प्रकार की उलझन या परेशान हैं तो देवी मंदिर में दर्शन के लिए जाएं टेलीकम्युनिकेशन से जुड़े लोगों को अपने कामकाज में अपडेट रखना होगा जो बिज़नस मैन कर्ज़ के लिए लागू करना चाहते हैं, वह हफ्ते अंत तक प्रयासों में तेजी लाएं यदि आप चश्मा पहनते हैं तो इस हफ्ते रूटीन चेकअप करवा कर डॉक्टर की सलाह जरूर लें परिवार में बड़े बुजुर्गों की सहायता करें और पितरों को संध्या के समय दियाबाती अवश्य करें प्रेम शादी संबंधित फैसला लेने जा रहे हैं तो कुछ समय के लिए रुकना लाभप्रद रहेगा

तुला- इस हफ्ते जरूरी कार्यों को पूरा करने के लिए आपको स्वयं जुटना होगा दूसरों से सहायता की आशा केवल निराशा की ओर ले जाएगा दिमाग में आलस्य का जंग किसी सूरत में न लगने दें हफ्ते मध्य में अधिकारी कार्यों के लिए स्वयं को फुर्तीला और सक्रिय बनाए रखना बहुत महत्वपूर्ण है दूध और अन्न के कारोबारी फायदा के लिए तैयार रहें स्टॉक और सामान की व्यवस्था में कमी न आने दें विद्यार्थी और युवा वर्ग को अपने-अपने कार्यों में अधिक फोकस बनाए रखना होगा ह्रदय बीमार नियमित दवा लेकर डॉक्टर की सलाह से व्यायाम करें परिवार में चहल-पहल रहने वाली है संबंधियों और मित्रों का आवागमन होगा घर में छोटे सदस्यों का मार्गदर्शन और योगदान करना पड़ेगा

वृश्चिक- किसी बात से परेशान हैं तो प्रभु का भजन करें भगवत गीता का पाठ भी मन को शांति देगा सरकारी कामकाज पूरा करने के लिए हफ्ते बहुत उपयुक्त है 24 दिनांक के बाद से ऑफिशियल कामकाज के लिए पूरी तरह सक्रिय रहेंगे तो आने वाले हफ्ते भी अच्छा रहेगा प्लास्टिक का कारोबार करने वालों को अच्छा फायदा मिलेगा और मन प्रसन्न होगा स्वास्थ्य को लेकर आकस्मित गिरावट और थकान से कमजोरी महसूस होगी, इससे राहत पाने के लिए प्रसन्न रहना ही एकमात्र तरीका है, तो वहीं रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण खान-पान और दवाओं का उपयोग भी करते रहें घर की साज-सज्जा के लिए प्रभावी कदम उठाएं इंटीरियर भी चेंज करना बेहतर विकल्प हो सकता है

धनु- यदि बीते हफ्ते आपका कोई जरूरी काम नहीं पूरा हो सका तो इस बार ग्रहों की स्थितियां आपके फेवर में दिख रही हैं ध्यान रखें कि इस हफ्ते आपको कोई लोन नहीं लेना है यदि आप जॉब में परिवर्तन करना चाहते हैं तो पैकेज के बजाय पद को महत्व दें व्यापार में बड़े निवेश करना लाभप्रद रहेगा, लेकिन वरिष्ठजनों की सलाह सार्थक रहेगी युवाओं को वरिष्ठों और और विद्यार्थियों को शिक्षक के सम्पर्क में बनाए रखें मन में अज्ञात डर है तो उसे दूर करने का कोशिश करें स्वस्थ रहने के लिए मॉर्निंग वॉक और नियमित तौर पर योग को दिनचर्या में शामिल करें घर में धार्मिक प्रोग्राम समापन होंगे, आर्थिक स्थिति भी मजबूत होती दिख रही है

मकर- इस हफ्ते स्वयं को मानसिक रूप से हल्का रखें, अत्यधिक गंभीरता दिखाना ठीक नहीं है विषम परिस्थितियों में हनुमान जी की आराधना करें मंगलवार और शनिवार को सुंदरकांड का पाठ करना भी फायदेमंद रहेगा कार्य का दबाव कुछ कम होता नजर आ रहा है ट्रांसपोर्ट का कार्यभार करने वालों को निराशा हाथ लग सकती है, लेकिन लोहें के कारोबारी अच्छा फायदा कमाएं विद्यार्थियों को अपडेट करने के लिए टेक्नोलॉजी का सहारा लेना चाहिए किसी गंभीर विषय पर कार्य करते हुए कोई ढिलाई न बरतें गर्भवती महिलाएं स्वास्थ्य को लेकर सजग रहें संतान का स्वास्थ्य बेकार होने की संभावना है सप्ताहांत तक मां के स्वास्थ्य में भी गिरावट दिखेगी परिवार के विवादित मामले पर व्यर्थ की राय देने से बचें

कुम्भ- इस हफ्ते अनुशासन और धैर्य के साथ रहना होगा प्रातः काल शीघ्र उठें और जरूरी कार्यों को पूरी प्लानिंग के साथ निपटाए जॉब को लेकर कोई ढिलाई न बरतें वरना तबादला या टर्मिनेशन का सामना करना पड़ सकता है हफ्ते के शुरुआती दिनों में अधिक सचेत होकर कार्य करें व्यापारिक मामलों में आपको तेजी से फायदा होगा, लेकिन लेनदेन को लेकर सतर्कता बरतें विदेश में पढ़ाई की तैयारी कर रहे युवाओं को अच्छे मौका मिलेंगे स्वास्थ्य में सिर दर्द और माइग्रेन के बीमार परेशान हो सकते हैं, लेकिन डॉक्टर की सलाह से दवाएं खाएं घर में अग्नि एक्सीडेंट से बचने के लिए सभी महत्वपूर्ण बंदोवस्त रखें बड़े-बुजुर्गों को चोट लगने की संभावना है, इसलिए उन्हें भी सावधान रहने को कहें

मीन- यह हफ्ते आपके लिए फायदा की स्थिति बनाए रखेगा उच्च ऑफिसर और सहयोगी यदि आपसे कटु भाषा का इस्तेमाल करते हैं तो गुस्से में प्रतिक्रिया न दें पदोन्नति और प्रसन्नसा को अहंकार में न बदलने दें मैनेजमेंट संबंधी जॉब करने वालों को अच्छा प्रदर्शन करना होगा वरना बॉस नाराज हो सकते हैं बिजनेस में कोई बड़ी डील करने जा रहे हैं तो सरकारी दस्तावेज पक्का रखें स्वास्थ्य को लेकर हफ्ते की आरंभ में छोटी मोटी बीमारियाँ कठिनाई का कारण होंगी, तो वहीं मध्य से अंत तक परिस्थितियां में सकारात्मक परिवर्तन आएगा बड़े भाई को संगति को लेकर अलर्ट रहने की सलाह दें नशे या किसी भी प्रकार के व्यसन से दूर रखें जीवनसाथी को पदोन्नति मिलने की आसार है


महाशिवरात्रि स्पेशल, भगवान शिव एक पत्नी और दो पुत्रों के पिता नहीं, जानें

महाशिवरात्रि स्पेशल, भगवान शिव एक पत्नी और दो पुत्रों के पिता नहीं, जानें

पूरे देश में 11 मार्च को महा शिवरात्रि का पर्व मनाया जायेगा। इस दिन उपासक भोलेनाथ की पूजा अर्चना करेंगे। शिवरात्रि से जुड़े कुछ रहस्यों को जानेंगे। भगवान भोलेनाथ को जगत पिता कहा गया हैं, क्योकि भगवान शिव सर्वव्यापी एवं पूर्ण ब्रह्म हैं। हिंदू संस्कृति में शिव को कल्याण प्रतीक माना जाता हैं। शिव शब्द के उच्चारण से ही मनुष्य को परम आनंद की अनुभूति होती है।

भारतीय संस्कृति को दर्शन ज्ञान
भगवान शिव भारतीय संस्कृति को दर्शन ज्ञान के द्वारा संजीवनी प्रदान करने वाले देव हैं। इसी कारण अनादिकाल से भारतीय धर्म साधना में निराकार रूप में होते हुवे भी शिवलिंग के रूप में साकार मूर्ति की पूजा होती हैं। लेकिन अभी तक भगवान भोलेनाथ के बारे में आप यही जान रहे होंगे कि भगवान शिव की दो पत्नियां थी देवी सती और दूसरी माता पार्वती। लेकिन यदि पौराणिक कथाओं की माने तो भगवान नीलकंठेश्वर ने एक दो नहीं बल्कि चार विवाह किये थे। लेकिन उन्होंने यह सभी विवाह आदिशक्ति के साथ ही किए थे।

प्रजापति दक्ष कश्मीर घाटी के हिमालय क्षेत्र
भगवान शिव ने पहला विवाह माता सती के साथ किया जो कि प्रजापति दक्ष की पुत्री थीं। पुराणों के अनुसार भगवान ब्रह्मा के मानस पुत्रों में से एक प्रजापति दक्ष कश्मीर घाटी के हिमालय क्षेत्र में रहते थे। प्रजापति दक्ष की दो पत्नियां थी- प्रसूति और वीरणी। प्रसूति से दक्ष की चौबीस कन्याएं जन्मी और वीरणी से साठ कन्याएं। इस तरह दक्ष की 84 पुत्रियां और हजारों पुत्र थे।

राजा दक्ष की पुत्री ‘सती’ की माता का नाम था प्रसूति। यह प्रसूति स्वायंभु मनु की तीसरी पुत्री थी। सती ने अपने पिती की इच्छा के विरूद्ध कैलाश निवासी शंकर से विवाह किया था। लेकिन, जब अपने पिता के यज्ञ में बिन बुलाए पहुंची सती के सामने भगवान शिव का अपमान हुआ, तब उन्होंने यज्ञ कुंड में ही अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। ऐसे में भगवान शिव माता सती का शव लेकर कई दिनों तक भटकते रहे। माता सती के शव जहां-जहां गिरे वहां पर 51 शक्तिपीठ बन गए।

भगवान शिव का फिर से विवाह
माता सती के वियोग में भगवान शिव काफी दुःखी थे। इस दुःखद घटना के कई वर्षों बाद भगवान शिव का फिर से विवाह हुआ इस बार उनकी अर्धांगिनी बनी देवी पार्वती। देवी पार्वती हिमालय की पुत्री थीं। उन्हें अल्पआयु में ही भगवान शिव को अपना पति मानकर उनका वरण किया और उनका विवाह बाद में भगवान शिव से हुआ। देवी पार्वती को भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तप करना पड़ा था। भगवान गणेश मां पार्वती के ही पुत्र हैं। देवी पार्वती ही मां दुर्गा हैं।

हमारे धर्मग्रंथों में भगवान शिव का तीसरी पत्नी देवी उमा को बताया गया है। देवी उमा को भूमि की देवी भी कहा जाता है। मां उमा देवी दयालु और सरल ह्दय की देवी हैं। आराधना करने पर वह जल्द ही प्रसन्न हो जाती हैं।

उमा के साथ महेश्वर शब्द का उपयोग किया जाता है। अर्थात महेश और उमा। कश्मीर में एक स्थान है उमा नगरी। यह नगरी अनंतनाग क्षेत्र के उत्तर में हिमालय में बसी है। यहां विराजमान है उमा देवी। भक्तों का ऐसा विश्वास है कि देवी स्वयं यहां एक नदी के रूप में रहती हैं जो ओंकार का आकार बनाती है जिसके साथ पांच झरने भी हैं।

भयानक दानवों का संहार
भगवान शिव की चौथी पत्नी मां महाकाली को बताया गया है। उन्होंने इस पृथ्वी पर भयानक दानवों का संहार किया था। वर्षों पहले एक ऐसा भी दानव हुआ जिसके रक्‍त की एक बूंद अगर धरती पर गिर जाए तो हजारों रक्तबीज पैदा हो जाते थे। इस दानव को मौत की नींद सुलाना किसी भी देवता के वश में नहीं था। तब मां महाकाली ने इस भयानक दानव का संहार कर तीनों लोकों को बचाया। रक्तबीज को मारने के बाद भी मां का गुस्सा शांत नहीं हो रहा था, तब भगवान शिव उनके चरणों में लेट गए गलती से मां महाकाली का पैर भगवान शिव के सीने पर रख गया। इसके बाद उनका गुस्सा शांत हुआ।

जानिए भगवान भोलेनाथ के कितने पुत्र थे
भगवान शिव के साथ साथ उनके पुत्र कार्तिकेय और गणेश भी देवो में पूजनीय है। लेकिन क्या आप जानते है इन दोनों के आलावा भी शिव के चार अन्य पुत्र है .. इस प्रकार शिव के दो नही वरन 6 पुत्र थे। आइये जानते है कैसे हुआ शिवजी के इन 6 पुत्रो का जन्म

गणेश :- गणेश का जन्म माता पार्वती के चंदन से हुआ, एक बार गणेश को द्वार पर बिठा कर माता स्नान कर रही थी। इतने में शिव भवन में प्रवेश करने लगे। जब गणेश ने उन्हें रोका तो क्रोध में शिव ने गणेश का सिर काट दिया। जब पार्वती ने देखा की उनके पुत्र का सिर काट दिया है। तो वे क्रोधित हो गई। उन्हें शांत करने के लिए शिवजी ने गणेश के सिर के स्थान पर एक हाथी का सिर लगा दिया। और वे फिर से जीवित हो उठे।

 कार्तिकेय का जन्म
कार्तिकेय :- जब शिव सती के भस्म होने कारण दुःख से तपस्या में लीन हो गए थे तब धरती पर तारकासुर नामक दैत्य धरती पर अत्याचार मचाने लगा। उस दैत्य के अत्याचार से परेशान होकर देवता ब्रह्मा के पास गए तब ब्रह्मा ने कहा, इसका समाधान शिवजी का पुत्र ही कर सकता है। फिर देवता शिव के पास गए और तारकासुर के अत्याचारों से मुक्ति के लिए प्राथना करी। उनकी प्राथना सुन शिव,पार्वती से शुभ घड़ी व शुभ मुहूर्त में विवाह करते है। इस प्रकार भगवान कार्तिकेय का जन्म हुआ।

दोनों भाई बलशाली और प्रतापी
सुकेश :- शिव के तीसरे पुत्र थे सुकेश। दानवो में दो भाई थे हेति और प्रहेति। दानवों ने इन्हे अपना प्रतिनिधि बनाया। ये दोनों भाई बलशाली और प्रतापी थे। प्रहेति धर्मिक था और हेति को राजपाट और राजनीति की लालसा थी। दानव हेति ने अपने वंश को आगे बढ़ाने के लिए काल की पुत्री ‘भय’ से विवाह कर लिया। कुछ समय पश्चात उनका पुत्र हुआ जिसका नाम था विद्युत्केश। विद्युत्केश का विवाह सालकटंकटा से हुआ। क्योकि सालकटंकटा व्यभिचारणी थी इस कारण उन्होंने अपने पुत्र को लवारिस छोड़ दिया। पुराणों के अनुसार जब भगवान शिव और पार्वती की उस लावारिस बालक पर नजर गई तो उन्होंने उसे गोद लिया।

जलंधर की उत्पति
जलंधर :- जलंधर शिव जी का ही अंश था। एक बार जब शिव ने अपना तेज जल में फेका तो उस से जलंधर की उत्पति हुई। जलंधर बहुत ही शक्तिशाली था। उसने अपने आक्रमण से स्वर्ग में कब्जा कर लिया। शिवजी के पास गए और उन्हें पूरी घटना बताई। शिव ने इंद्र से जलंधर की पत्नी वृंदा का पतिव्रत धर्म तोड़ने को कहा। क्योकि उंसकी पतिव्रता धर्म की शक्ति के कारण शिव जलंधर को पराजित करने में असमर्थ थे। अतः इंद्र ने जलंधर का रूप धारण कर वृंदा का पतिव्रत तोडा तथा शिव ने जलंधर का वध कर दिया।

अयप्पा :- अयप्पा भगवन शिव और मोहिनी का पुत्र था। कहते हैं कि जब भगवान विष्णु ने मोहिनी का रूप धारण किया था तो उनकी मादकता से भगवान शिव का वीर्यपात हो गया था। उस वीर्य से इस बालक का जन्म हुआ। दक्षिण भारत में अयप्पा देव की पूजा अधिक की जाती हैं। अयप्पा देव को ‘हरीहर पुत्र’ के नाम से भी जाना जाता हैं।

भौम भगवान शिव के पसीने से उत्पन्न
भौम :- भौम भगवान शिव के पसीने से उत्पन हुआ था। जब भगवान शिव तप में लीन थे। उस समय उनके सर से पसीने की एक बूंद टपकी जो धरती पर गिरी। इन पसीने की बूंदों से एक सुंदर और प्यारे बालक का जन्म हुआ। जिसके चार भुजाएं थीं। इस पुत्र का पृथ्वी ने पालन पोषण करना शुरु किया। तभी भूमि का पुत्र होने के कारण यह भौम कहलाया। कुछ बड़ा होने पर मंगल काशी पहुंचा और भगवान शिव की कड़ी तपस्या की। तब भगवान शिव ने प्रसन्न होकर उसे मंगल लोक प्रदान किया


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