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सेक्स के लिए इस तड़प के बावजूद लड़कियों को क्यों होता है दर्द

सेक्स के लिए इस तड़प के बावजूद लड़कियों को क्यों होता है दर्द

सेक्स लाइफ का एक ऐसा पार्ट है जिसे हर कोई जीना चाहता है और वहीं कई लोगों का कहना है कि सेक्स केवल अच्छा समय बिताने कि एक क्रिया है लेकिन सेक्स के समय महिलाओं को होने बदलाव में पहली बार सेक्स के दौरान लड़कियों को अपने प्राइवेट पार्ट में दर्द महसूस होता है। समय के साथ यह दर्द कम हो जाता है

लड़कियों को क्यों होता है दर्द:

जब फर्स्ट टाइम सेक्स के दौरान फीमेल को पेनिट्रेशन के दौरान दर्द होता है तो इसकी अलग-अलग वजह हो सकती है।


हाइम एक बहुत पतली टिशू होती है जो वजाइना की एंट्रेंस को कवर करती है। पेनिट्रेशन के दौरान यह हाइमन टूट जाता है, जिससे दर्द होता है और थोड़ी ब्लीडिंग भी होती है।

हेवी एक्सर्साइज, साइकलिंग, रनिंग आदि के कारण हाइमन टूट सकता है। जिनका हाइमन टूट चुका होता है वे भी फर्स्ट टाइम सेक्स के दौरान दर्द महसूस करती हैं जिसकी वजह वजाइना ओपनिंग का छोटा होना है।

 लड़कियों के दिमाग में यह बैठा होता है कि फर्स्ट टाइम सेक्स के दौरान दर्द होगा ही। माइंड रिलैक्स नहीं होने पर पेनिट्रेशन में दिक्कत आती है जो ज्यादा दर्दभरा अनुभव बन जाता है।

 वजाइना में लूब्रिकेशन की कमी दर्द का बड़ा कारण है। बेहतर यही है कि फर्स्ट टाइम सेक्स के दौरान लूब्रिकेशन का इस्तेमाल जरूर करें, इससे दर्द जरूर कम होगा।


लॉकडाउन में औनलाइन सुनें संकटमोचन संगीत समारोह

लॉकडाउन में औनलाइन सुनें संकटमोचन संगीत समारोह

हनुमान जन्मोत्सव २०२० (Hanuman Janmotsav 2020): आज हनुमान जयंती है लेकिन कोरोना वाराणसी वायरस के वजह से लगे लॉकडाउन के चलते सारे धार्मिक प्रोग्राम व आयोजन रद्द कर दिए आगये हैं। हनुमान जयंती पर हर वर्ष वाराणसी का मशहूर संकटमोचन संगीत समारोह आयोजित होता है। लेकिन इस वर्ष लॉकडाउन के कारण आप घर बैठे ही औनलाइन माध्यम के जरिये संकटमोचन संगीत समारोह का आनंद ले सकेंगे। मशहूर संगीतकार वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये हनुमान जी के भजन पेश करेंगे।

कार्यक्रम में ये कलाकार देंगे औनलाइन प्रस्तुति:
पंडित जसराज अमेरिका से ही संगीत समारोह में शामिल होंगे, इसके अतिरिक्त गायन में प। राजन-साजन मिश्र, पं। अजय पोहनकर, पं। अजय चक्रवर्ती, उस्ताद राशिद खां, अरमान खां, सुश्री कौशिकी चक्रवर्ती, पं। उल्लास कसालकर , वादन में श्री यूं राजेश-शिवमणि, पं। विश्वजीत राय चौधरी, पं। निलाद्री कुमार, श्री शाकिर खां, उस्ताद मोईनुद्दीन खा-मोमिन खां, पं। भजन सोपोरी-अभय सोपोरी अपनी प्रस्तुति देंगे। नृत्य में पं। राममोहन महराज, पं। कृष्णमोहन महराज के अतिरिक्त तबला पर पं। कुमार बोस, पं। सुरेश तलवलकर, पं। अनिंदों चटर्जी-अनुब्रत चटर्जी, पं। समर साहा, पं। संजू सहाय व उस्ताद अकरम खां-जरगाम खां भी अपनी प्रस्तुति पेश करेंगे।

संकटमोचन मंदिर कॉन्फ्रेंसिंग के अन्य डिजिटल प्लेटफार्म पर प्रसारित करेगा, ताकि हनुमान जी के भक्त व संगीतप्रेमी लाखों लोगों तक यह पहुंच सके। इस बार का आयोजन 12 से 17 अप्रैल तक छह दिवसीय होगा।

सुबह 6 बजे से हनुमान जी का पूजन-अर्चन व बैठकी की झांकी होगी। प्रातः काल 7 बजे से रामायण का पूजन-अर्चन व मानस का एकाह पाठ, रामार्चा पूजन आदि धार्मिक अनुष्ठान पहले की होगी। 9 से 11 अप्रैल तक प्रतिदिन पारंपरिक रूप से रामायण सम्मेलन होगा। मंदिर में ही व्यास जी रामचरित मानस का कथा हनुमान जी को सुनाएंगे। लॉकडाउन चलते यह प्रक्रिया मंदिर के अंदर मंदिर के पुजारी ही करेंगे।

महंत जी ने लोगों से बोला है कि लॉकडाउन का पालन करें व घर पर ही हनुमान जयंती मनाएं व अपनी श्रद्धा और भक्ति घर से ही अर्पित करें। हनुमान जी से कामना करें कि दुनिया इस संकट से जल्द उबरे। उन्होंने बोला कि गोस्वामी तुलसीदास महाराज ने हनुमान जी का नाम संकटमोचन रखा व वह उन्हें सीता माता का वरदान भी प्राप्त है। बजरंगबली इस संकट को काटने में सक्षम हैं। बस उनको बार-बार इस बात की याद दिलानी होती है।