इस मंदिर में केवल एक बार ही होते हैं भोले बाबा के दर्शन

इस मंदिर में केवल एक बार ही होते हैं भोले बाबा के दर्शन

कारू बाबा का यह मंदिर चित्रकूट गांव से 25 किलोमीटर दूर इण्डिया चाइना बॉर्डर पर दुलती नाम के जगह पर स्थित है. ऐसी मान्यता है कि हिमाचल प्रदेश के सांगला वैली के कामरु गांव में मां कामाख्या दर्शन के पश्चात भगवान शिव के दर्शन अवश्य किए जाने चाहिए.

यूं तो देशभर में भगवान शिव के कई मंदिर स्थित है. लेकिन हिमाचल प्रदेश के चित्रकूट गांव से 25 किलोमीटर दूर भगवान शिव को कारू बाबा के नाम से पूजा जाता है. यहां पर भोले बाबा का एक मंदिर स्थित है और यह मंदिर स्वयं में बहुत ही अद्भुत है. दरअसल, यहां पर स्थित भगवान कारू बाबा के दर्शन भक्तगण को वर्ष में एक बार ही होते हैं. तो चलिए आज इस लेख में हम आपको इस अद्भुत मंदिर के बारे में बता रहे हैं-

हिमाचल प्रदेश में स्थित है यह मंदिर

कारू बाबा का यह मंदिर चित्रकूट गांव से 25 किलोमीटर दूर इण्डिया चाइना बॉर्डर पर दुलती नाम के जगह पर स्थित है. ऐसी मान्यता है कि हिमाचल प्रदेश के सांगला वैली के कामरु गांव में मां कामाख्या दर्शन के पश्चात भगवान शिव के दर्शन अवश्य किए जाने चाहिए. यहां पर स्थित भगवान शिव को कारू बाबा के नाम से पूजा जाता है. क्षेत्रीय लोग कारू बाबा को माता छितकुल के रक्षक होने के साथ-साथ इस जगह के भी रक्षक मानते हैं.

केवल एक बार ही होते हैं दर्शन

इस मंदिर को इसलिए भी विशिष्ट माना जाता है क्योंकि यहां पर स्थित भगवान कारू बाबा के दर्शन साल में केवल एक बार ही होते हैं. जन्माष्टमी के दिन इस मंदिर के पट आम आदमी के लिए खोले जाते हैं और उस खास अवसर पर भक्तों की भीड़ भगवान कारू बाबा के दर्शन के लिए उमड़ती है. 

इंडियम आर्मी द्वारा होता है संचालित

इस मंदिर की दूसरी खासियत यह है कि इस मंदिर का संचालन भारतीय सेना द्वारा किया जाता है. जब मंदिर के द्वार आम आदमी के लिए खोले जाते हैं, तो भारतीय सेना की देख-रेख में ही भक्तगण भगवान शिव के दर्शन करते हैं. 

लगता है मेला

जब मंदिर में भगवान के दर्शनों का आयोजन किया जाता है, उस समय मंदिर में भव्य मेला लगता है. इतना ही नहीं, इस दौरान भारतीय सेना आईटीबीपी भव्य भंडारे का भी आयोजन करती है.