एलन मस्क ने की रैंडम सैंपलिंग की घोषणा

एलन मस्क ने की रैंडम सैंपलिंग की घोषणा

पिछले सप्ताह एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि एलन मस्क (Elon Musk) के ट्विटर पर अधिकांश फॉलोअर्स फर्जी हैं. ऑडियंस रिसर्च टूल SparkToro की रिपोर्ट में बोला गया था कि सेलिब्रिटी अकाउंट्स के फॉलोअर्स को बढ़ाने के लिए बॉट और फेक अकाउंट्स की सहायता ली जाती है

रिपोर्ट के दावे के अनुसार फर्जी फॉलोअर्स वाले एकाउंट की लिस्ट में एलन मस्क का ट्विटर एकाउंट सबसे ऊपर हैं. फर्जी फॉलोअर्स को चेक करने के लिए रैंडम सैंपल डाटा इकट्ठा किया गया था और अब इसी रैंडम सैंपल डाटा कलेक्शन को लेकर एलन मस्क ने एक बड़ा बयान दिया है. एलन मस्क ने रैंडम सैंपलिंग की घोषणा की है.
एलन मस्क ने एक ट्वीट के जरिए बोला है कि उनकी टीम अपने प्लेटफॉर्म पर ट्विटर के एकाउंट के 100 फॉलोअर्स की 'रैंडम सैंपलिंग' करेगी. उन्होंने कहा, 'मैं रैंडम सैंपलिंग के लिए लोगों को भी आमंत्रित करता हूं और देखता हूं कि वे क्या ढूंढते हैं.' उन्होंने एक अन्य ट्वीट में बोला कि गिनती के बाद बॉट्स बहुत गुस्से में हैं. बता दें कि एलन मस्क के ट्विटर पर करीब 9.3 करोड़ फॉलोअर्स हैं. 
दरअसल ट्विटर के करीब 6.17 करोड़ एकाउंट को लेकर बोला जा रहा है कि ये एकाउंट स्पैम या नकली हैं और इनका पता लगाने के लिए ही रैंडम सैंपलिंग की जा रही है. ट्विटर की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार 2022 की पहली तिमाही के दौरान उसके प्लेटफॉर्म पर फर्जी एकाउंट की संख्या 5 प्रतिशत से भी कम रही है. कंपनी की रिपोर्ट में यह भी बोला गया है कि इस अवधि में 22.9 करोड़ यूजर्स ने उसे विज्ञापन दिए हैं.
उल्लेखनीय है कि एलन मस्क ने पिछले महीने ही ट्विटर को खरीदा है, लेकिन शुक्रवार को उन्होंने एक ट्वीट में बोला कि यह सौदा फिलहाल रोक दिया गया है. इसके पीछे उन्होंने माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म पर फर्जी या स्पैम अकाउंट्स की लंबित जानकारी को कारण बताया है. मस्क ने बोला कि यह गणना बताती है कि प्लेटफॉर्म पर फर्जी या स्पैम अकाउंट्स की संख्या पांच प्रतिशत से कम है. 


घूस लेकर चीनी नागरिकों को दिलवाया वीजा

घूस लेकर चीनी नागरिकों को दिलवाया वीजा

सीबीआई ने पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम के बेटे और कांग्रेस पार्टी सांसद कार्ति चिदंबरम के विरूद्ध एक और मामला दर्ज कर उनके करीब 10 ठिकानों पर छापेमारी की ये छापेमारी दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कर्नाटक, पंजाब और ओडिशा में की गई है सीबीआई ने कार्ति चिंदबरम और दूसरे आरोपियों के विरूद्ध जो मामला दर्ज किया है उसमें आरोप है कि कार्ति ने 50 लाख रुपये घूस लेकर गृह मंत्रालय से चीनी नागरिकों को वीजा दिलवाया हैय

चीनी नागरिकों को दिलवाया वीजा

सीबीआई में दर्ज मुद्दे के अनुसार पंजाब के मानसा में तलवंडी साबो पावर प्लांट लग रहा था इस थर्मल पावर प्लांट की क्षमता 1980 मेगा वॉट थी जिसे लगाने का जिम्मा चीन की Shandong Electric Power Construction Corp (SEPCO) को दिया गया था

यही वजह थी कि इस प्लांट को लगाने के लिये चीन के इंजीनियरों को प्रोजेक्ट वीजा दिया गया था लेकिन काम में देरी के चलते कंपनी को अधिक चीनी इंजीनियरों की आवश्यकता थी जिसके लिये वे वीजा स्वीकृति चाहिये थे क्योंकि इससे पहले जो प्रोजेक्ट वीजा दिये गये थे वो तय समय से अधिक हो चुके थे और फिर से वीजा के लिये गृह मंत्रालय से स्वीकृति महत्वपूर्ण थी

एक कपंनी के जरिए 50 लाख की घूस

इसके लिये पावर प्लांट ने कार्ति चिंदबरम को संपर्क किया और फिर 50 लाख रुपयों के बदले कार्ति चिदंबरम ने गृह मंत्रालय से 263 Re-use प्रोजेक्ट वीजा की स्वीकृति दिलवाई ध्यान देने वाली बात ये है कि वर्ष 2011 में जब ये स्वीकृति दिलवाई गई उस दौरान कार्ति के पिता पी चिदंबरम राष्ट्र के गृहमंत्री थे  

एजेंसी के अनुसार चीनी इंजीनियरों को वीजा दिलाने के बदले जो 50 लाख की घूस दी गई थी वो मुंबई की एक कंपनी M/s Bell Tools Ltd के जरिये दी गई थी कार्ति की कंपनी ने कंस्लटेंसी के नाम पर फर्जी बिल इस कंपनी के नाम बनाया जिसके बदले ये रिशवत दी गई