कैसे डोनाल्ड ट्रंप को दी गई दवा कोविड-19 के मरीजों में जगा रही है उम्मीद?

कैसे डोनाल्ड ट्रंप को दी गई दवा कोविड-19 के मरीजों में जगा रही है उम्मीद?

नई दिल्ली   कोविड-19 के इलाज़ के लिए दुनिया में इस समय कोई खास दवाई नहीं है ऐसे में दूसरी रोंगों में इस्तेमाल होने वाली दवाईयां ही इस्तेमाल के तौर कोविड-19 के मरीजों को दी जाती है इसी कड़ी में इन दिनों 'एंटीबॉडी कॉकटेल' (Antibody Cocktail) की चर्चा है वो दवा जिसे पिछले वर्ष अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को दी गई थी अब हिंदुस्तान में भी ये 'एंटीबॉडी कॉकटेल' कई हॉस्पिटल ों में कोविड-19 के मरीजों को दी जा रही है खास बात ये है कि हिंदुस्तान में इस कॉकटेल के अच्छे नतीजे आ रहे हैं दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल में जिन मरीजों को ये कॉकटेल दी गई उन्हें उपचार के कुछ ही घंटे के बाद हॉस्पिटल से छुट्टी मिल गई

पिछले वर्ष चुनाव प्रचार के दौरान ट्रंप कोविड-19 से संक्रमित हो गए थे उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती करना पड़ा था इसी दौरान उन्हें इस्तेमाल के तौर पर एंटीबॉडी कॉकटेल दी गई थी उस उक्त न्यूयॉर्क टाइम्स ने लिखा था कि आने वाले दिनों में ये कोविड-19 के संक्रमण को रोकने में असरदार हथियार साबित हो सकता है

ट्रंप में क्या-क्या थे लक्षण, कौन-कौन सी दी गई दवाईयां?

डोनाल्ड ट्रंप को हल्का बुखार और नाक में कंजेशन था आयु और भारी वजन के चलते वो कोविड-19 के हाई रिस्क मरीज़ थे बोला जाता है कि हॉस्पिटल में उन्हें कम से कम दो बार ऑक्सिजन की आवश्यकता पड़ी इसी दौरान उन्हें एंटीबॉडी कॉकटेल की डोज़ दी गई इसके अतिरिक्त उन्हें रेमडेसिवीर की इंजेक्शन लगाई गई साथ ही उन्हें डेक्सामेथासोन की टैबलेट भी दी गई


पेगासस मामले में अगले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई

पेगासस मामले में अगले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई

पेगासस जासूसी कांड (Jasoosi Case) देश में तूल पकड़ता जा रहा है। इसे लेकर विपक्षी दल केंद्र की मोदी सरकार पर लगातार हमलावर हैं और सदन में भी इस मुद्दे को लेकर लगातार सरकार को घेर रही हैं। इस मामले को लेकर पूरा विपक्ष एकजुट हो गया है और मामले में जांच कराने की मांग कर रहा है। इस बीच अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक जा पहुंचा है। सुप्रीम कोर्ट में पेगासस जासूसी मामले को लेकर अगले हफ्ते सुनवाई होगी।

दरअसल, आज यानी शुक्रवार को वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने चीफ जस्टिस एनवी. रमना की बेंच के सामने इस मामले को उठाया, जिस पर फ जस्टिस ने कहा कि अगले हफ्ते वो इस मामले की सुनवाई करेंगे। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में अपील की गई है कि सुप्रीम कोर्ट के जज की अगुवाई में पेगासस मामले की निष्पक्ष जांच की जाए। (कॉन्सेप्ट फोटो साभार- सोशल मीडिया) पेगासस मामला क्या है? दरअसल, बीते दिनों अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने खुलासा किया था कि भारत सरकार ने इजरायली सॉफ्टवेयर पेगासस से कई लोगों के फोन को हैक किया है। इनमें राहुल गांधी, प्रशांत किशोर समेत कई नेता, कुछ केंद्रीय मंत्री, पत्रकार और अन्य लोगों का नाम शामिल था।

वहीं, विपक्ष अब इस मसले को लेकर संसद में रोज हंगामा कर रहा है। विपक्ष की मांग है कि इस विषय पर चर्चा की जाए, जबकि सरकार ने इन आरोपों को पूरी तरह से नकार दिया है क्या है पेगासस स्पाइवेयर (Pegasus spyware)? पेगासस स्पाइवेयर (Pegasus spyware) इजरायली साइबर इंटेलिजेंस फर्म NSO ग्रुप द्वारा बनाया गया है, जो निगरानी रखने का काम करता है। पेगासस एक ऐसा सॉफ्टवेयर है जो बिना आप की अनुमति के आपके फ़ोन में घुस जाता है, ये आपके व्यक्तिगत और संवेदनशील जानकारी इकट्ठा कर जासूसी करने वाले यूज़र को देने के लिए बनाया गया है। यही आरोप मोदी सरकार पर लगा है कि वह राहुल गांधी समेत तमाम विपक्ष के नेताओं, मीडिया कर्मियों और जानी-मानी हस्तियों की जासूसी कराई है।