बीएसएफ ने इन्सानियत दिखाते हुए एक बांग्लादेशी स्त्री की सहायता

बीएसएफ ने  इन्सानियत दिखाते हुए एक बांग्लादेशी स्त्री की सहायता

बीएसएफ ने शुक्रवार को इन्सानियत दिखाते हुए एक बांग्लादेशी स्त्री की सहायता की. दरअसल एक बांग्लादेशी स्त्री का भाई दोनों राष्ट्रों के बीच अंतर्राष्ट्रीय सीमा के भारतीय पक्ष की निवासी है. अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर होने के कारण स्त्री को मृत भाई के आखिरी दर्शन करने में काफी कठिनाई आ रही थी.



गुरुवार को जब मालदा जिले के सीमावर्ती गांव किस्तोपुर के लोगों ने सीमा सुरक्षा बल निवासी अब्दुल खालिक की मृत्यु की सूचना सीमा सुरक्षा बल को दी तो मानवीय आधार पर स्त्री की सहायता की गई.

सीमा सुरक्षा बल के बयान में बोला गया है कि ग्रामीणों ने निवेदन किया कि मृतक की बहन, जो बांग्लादेश के सीमावर्ती गांव चांदशिकरी में रहती है, वह अंतर्राष्ट्रीय सीमा से लगभग एक किमी दूर है. उसको अपने भाई के आखिरी दर्शन करने और उसे सम्मान देने की अनुमति दी जाए.

इसमें बोला गया है कि सीमा पर तैनात बल के ऑफिसरों ने अपने उच्च ऑफिसरों से बात की और बांग्लादेश में रहने वाले संबंधियों के लिए 12 मई को अंतर्राष्ट्रीय सीमा के पास जीरो लाइन पर मृतक को श्रद्धांजलि देने की व्यवस्था की गई.


घूस लेकर चीनी नागरिकों को दिलवाया वीजा

घूस लेकर चीनी नागरिकों को दिलवाया वीजा

सीबीआई ने पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम के बेटे और कांग्रेस पार्टी सांसद कार्ति चिदंबरम के विरूद्ध एक और मामला दर्ज कर उनके करीब 10 ठिकानों पर छापेमारी की ये छापेमारी दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कर्नाटक, पंजाब और ओडिशा में की गई है सीबीआई ने कार्ति चिंदबरम और दूसरे आरोपियों के विरूद्ध जो मामला दर्ज किया है उसमें आरोप है कि कार्ति ने 50 लाख रुपये घूस लेकर गृह मंत्रालय से चीनी नागरिकों को वीजा दिलवाया हैय

चीनी नागरिकों को दिलवाया वीजा

सीबीआई में दर्ज मुद्दे के अनुसार पंजाब के मानसा में तलवंडी साबो पावर प्लांट लग रहा था इस थर्मल पावर प्लांट की क्षमता 1980 मेगा वॉट थी जिसे लगाने का जिम्मा चीन की Shandong Electric Power Construction Corp (SEPCO) को दिया गया था

यही वजह थी कि इस प्लांट को लगाने के लिये चीन के इंजीनियरों को प्रोजेक्ट वीजा दिया गया था लेकिन काम में देरी के चलते कंपनी को अधिक चीनी इंजीनियरों की आवश्यकता थी जिसके लिये वे वीजा स्वीकृति चाहिये थे क्योंकि इससे पहले जो प्रोजेक्ट वीजा दिये गये थे वो तय समय से अधिक हो चुके थे और फिर से वीजा के लिये गृह मंत्रालय से स्वीकृति महत्वपूर्ण थी

एक कपंनी के जरिए 50 लाख की घूस

इसके लिये पावर प्लांट ने कार्ति चिंदबरम को संपर्क किया और फिर 50 लाख रुपयों के बदले कार्ति चिदंबरम ने गृह मंत्रालय से 263 Re-use प्रोजेक्ट वीजा की स्वीकृति दिलवाई ध्यान देने वाली बात ये है कि वर्ष 2011 में जब ये स्वीकृति दिलवाई गई उस दौरान कार्ति के पिता पी चिदंबरम राष्ट्र के गृहमंत्री थे  

एजेंसी के अनुसार चीनी इंजीनियरों को वीजा दिलाने के बदले जो 50 लाख की घूस दी गई थी वो मुंबई की एक कंपनी M/s Bell Tools Ltd के जरिये दी गई थी कार्ति की कंपनी ने कंस्लटेंसी के नाम पर फर्जी बिल इस कंपनी के नाम बनाया जिसके बदले ये रिशवत दी गई