सांसद नवनीत राणा ने किया दिल्ली में किया हनुमान चालीसा का पाठ

सांसद नवनीत राणा ने किया दिल्ली में किया हनुमान चालीसा का पाठ

निर्दलीय सांसद नवनीत राणा और उनके विधायक पति रवि राणा ने शनिवार को यहां हनुमान मंदिर में हनुमान चालीसा का पाठ किया और दावा किया कि उन्होंने 'महाराष्ट्र पर शिवसेना के रूप में मंडरा रहे सबसे बड़े खतरे' को टालने के लिए प्रार्थना की है. दंपति को महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे के मुंबई स्थित आवास के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करने के बाद राजद्रोह के आरोपों में पिछले महीने अरैस्ट किया गया था और 12 दिन बाद जमानत पर रिहा कर दिया गया. केसरिया साड़ी पहने नवनीत राणा अपने पति तथा सैकड़ों समर्थकों के साथ नॉर्थ एवेन्यू स्थित अपने आवास से कनॉट प्लेस में हनुमान मंदिर तक पैदल गयीं. नवनीत ने मंदिर के बाहर पत्रकारों से कहा, ''उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र पर मंडरा रहा सबसे बड़ा खतरा हैं. मैं महाराष्ट्र को इस खतरे से मुक्ति दिलाने की प्रार्थना करने के लिए आयी हूं.' राणा दंपति ने मंदिर में आरती भी की. वे ऐसे दिन मंदिर गए जब ठाकरे का मुंबई में एक बड़ी रैली को संबोधित करने का कार्यक्रम है.

इस बीच, अमरावती से सांसद नवनीत राणा ने शिवसेना पर महाराष्ट्र में सत्ता हथियाने के लिए कांग्रेस पार्टी और राकांपा से हाथ मिलाकर हिंदुत्व को त्याग देने का आरोप लगाया. शिवसेना नेता संजय राउत ने कथित तौर पर बोला था कि शिवसेना की वास्तविक शैली दिखाने का समय आ गया है. इस बारे में पूछने पर नवनीत राणा ने बोला 'उद्धव ठाकरे बालासाहेब ठाकरे की विरासत को भूल गए हैं. बालासाहेब हिंदुत्व के सच्चे पथ प्रदर्शक थे, ये तो नकली हैं.' नवनीत राणा ने ठाकरे को हिंदुत्व का समर्थन करने के लिए उन्हें निशाना बनाने के बजाय ''ओरेंगजेब की कब्र पर प्रार्थना करने वाले लोगों'' के विरूद्ध कार्रवाई करने की चुनौती दी थी. शिवसेना पर हमले जारी रखते हुए राणा दंपति ने बोला कि वे मुंबई महानगरपालिका से ''शिवसेना की करप्शन की लंका को उखाड़ देंगे'', जहां चुनाव अभी होने हैं.

देश के सबसे समृद्ध क्षेत्रीय निकाय मुंबई महानगरपालिका पर 1996 से शिवसेना का अतिक्रमण है. इस निकाय के चुनाव पर सबकी नजर रहती है जिसका सालाना बजट 30,000 करोड़ रुपये से अधिक है. यह राशि कुछ छोटे राष्ट्रों के बजट से कहीं अधिक है.


घूस लेकर चीनी नागरिकों को दिलवाया वीजा

घूस लेकर चीनी नागरिकों को दिलवाया वीजा

सीबीआई ने पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम के बेटे और कांग्रेस पार्टी सांसद कार्ति चिदंबरम के विरूद्ध एक और मामला दर्ज कर उनके करीब 10 ठिकानों पर छापेमारी की ये छापेमारी दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कर्नाटक, पंजाब और ओडिशा में की गई है सीबीआई ने कार्ति चिंदबरम और दूसरे आरोपियों के विरूद्ध जो मामला दर्ज किया है उसमें आरोप है कि कार्ति ने 50 लाख रुपये घूस लेकर गृह मंत्रालय से चीनी नागरिकों को वीजा दिलवाया हैय

चीनी नागरिकों को दिलवाया वीजा

सीबीआई में दर्ज मुद्दे के अनुसार पंजाब के मानसा में तलवंडी साबो पावर प्लांट लग रहा था इस थर्मल पावर प्लांट की क्षमता 1980 मेगा वॉट थी जिसे लगाने का जिम्मा चीन की Shandong Electric Power Construction Corp (SEPCO) को दिया गया था

यही वजह थी कि इस प्लांट को लगाने के लिये चीन के इंजीनियरों को प्रोजेक्ट वीजा दिया गया था लेकिन काम में देरी के चलते कंपनी को अधिक चीनी इंजीनियरों की आवश्यकता थी जिसके लिये वे वीजा स्वीकृति चाहिये थे क्योंकि इससे पहले जो प्रोजेक्ट वीजा दिये गये थे वो तय समय से अधिक हो चुके थे और फिर से वीजा के लिये गृह मंत्रालय से स्वीकृति महत्वपूर्ण थी

एक कपंनी के जरिए 50 लाख की घूस

इसके लिये पावर प्लांट ने कार्ति चिंदबरम को संपर्क किया और फिर 50 लाख रुपयों के बदले कार्ति चिदंबरम ने गृह मंत्रालय से 263 Re-use प्रोजेक्ट वीजा की स्वीकृति दिलवाई ध्यान देने वाली बात ये है कि वर्ष 2011 में जब ये स्वीकृति दिलवाई गई उस दौरान कार्ति के पिता पी चिदंबरम राष्ट्र के गृहमंत्री थे  

एजेंसी के अनुसार चीनी इंजीनियरों को वीजा दिलाने के बदले जो 50 लाख की घूस दी गई थी वो मुंबई की एक कंपनी M/s Bell Tools Ltd के जरिये दी गई थी कार्ति की कंपनी ने कंस्लटेंसी के नाम पर फर्जी बिल इस कंपनी के नाम बनाया जिसके बदले ये रिशवत दी गई