प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी योगी गवर्नमेंट के मंत्रियों को 16 मई को सुशासन का देंगे मंत्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी योगी गवर्नमेंट के मंत्रियों को 16 मई को सुशासन का देंगे मंत्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी योगी गवर्नमेंट के मंत्रियों को 16 मई को सुशासन का मंत्र देंगे. नेपाल से लौटते समय प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी कुछ घंटे लखनऊ में बिताएंगे. इस दौरान वे योगी के मंत्रियों को मिशन 2024 के लिए गवर्नमेंट की प्राथमिकताओं के बारे में बताएंगे. मोदी सीएम योगी के रात्रिभोज में भी शामिल होने के बाद देर रात दिल्ली रवाना होंगे


पीएम की इस कवायद को आनें वाले लोकसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़ कर देखा जा रहा है. पीएमओ के सूत्रों के अनुसार आनें वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर पीएम की सक्रियता सियासी दृष्टि से सबसे अहम इस सूबे में बढ़ेगी.

पीएम इसके बाद तीन जून को ग्राउंड बकिंग सेरेमनी में शामिल होने लखनऊ जाएंगे. इसी वर्ष होने वाले गुजरात और हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के बाद पीएम हर दूसरे महीने विभिन्न कार्यक्रमों के जरिये लगातार यूपी के संपर्क में रहेंगे.

नई गवर्नमेंट के शपथ ग्रहण के बाद पहला उत्तर प्रदेश दौरा
प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी नयी गवर्नमेंट के शपथ ग्रहण कार्यक्रम के बाद पहली बार यूपी का दौरा करेंगे. मोदी, योगी के मंत्रियों को अपनी प्राथमिकताओं से अवगत कराएंगे. जनसरोकारों, गरीबों और विकास से जुड़ी योजनाओं को पूरा करने में तेजी लाने का मंत्र देंगे. इसके अतिरिक्त मंत्रियों को जनता से सीधा संवाद करने का भी सुझाव देंगे.


घूस लेकर चीनी नागरिकों को दिलवाया वीजा

घूस लेकर चीनी नागरिकों को दिलवाया वीजा

सीबीआई ने पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम के बेटे और कांग्रेस पार्टी सांसद कार्ति चिदंबरम के विरूद्ध एक और मामला दर्ज कर उनके करीब 10 ठिकानों पर छापेमारी की ये छापेमारी दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कर्नाटक, पंजाब और ओडिशा में की गई है सीबीआई ने कार्ति चिंदबरम और दूसरे आरोपियों के विरूद्ध जो मामला दर्ज किया है उसमें आरोप है कि कार्ति ने 50 लाख रुपये घूस लेकर गृह मंत्रालय से चीनी नागरिकों को वीजा दिलवाया हैय

चीनी नागरिकों को दिलवाया वीजा

सीबीआई में दर्ज मुद्दे के अनुसार पंजाब के मानसा में तलवंडी साबो पावर प्लांट लग रहा था इस थर्मल पावर प्लांट की क्षमता 1980 मेगा वॉट थी जिसे लगाने का जिम्मा चीन की Shandong Electric Power Construction Corp (SEPCO) को दिया गया था

यही वजह थी कि इस प्लांट को लगाने के लिये चीन के इंजीनियरों को प्रोजेक्ट वीजा दिया गया था लेकिन काम में देरी के चलते कंपनी को अधिक चीनी इंजीनियरों की आवश्यकता थी जिसके लिये वे वीजा स्वीकृति चाहिये थे क्योंकि इससे पहले जो प्रोजेक्ट वीजा दिये गये थे वो तय समय से अधिक हो चुके थे और फिर से वीजा के लिये गृह मंत्रालय से स्वीकृति महत्वपूर्ण थी

एक कपंनी के जरिए 50 लाख की घूस

इसके लिये पावर प्लांट ने कार्ति चिंदबरम को संपर्क किया और फिर 50 लाख रुपयों के बदले कार्ति चिदंबरम ने गृह मंत्रालय से 263 Re-use प्रोजेक्ट वीजा की स्वीकृति दिलवाई ध्यान देने वाली बात ये है कि वर्ष 2011 में जब ये स्वीकृति दिलवाई गई उस दौरान कार्ति के पिता पी चिदंबरम राष्ट्र के गृहमंत्री थे  

एजेंसी के अनुसार चीनी इंजीनियरों को वीजा दिलाने के बदले जो 50 लाख की घूस दी गई थी वो मुंबई की एक कंपनी M/s Bell Tools Ltd के जरिये दी गई थी कार्ति की कंपनी ने कंस्लटेंसी के नाम पर फर्जी बिल इस कंपनी के नाम बनाया जिसके बदले ये रिशवत दी गई