उत्तर भारत में मौसम का फिर से प्रचंड रूप

उत्तर भारत में मौसम का फिर से प्रचंड रूप

हल्की सी राहत देकर उत्तर हिंदुस्तान में मौसम का फिर से प्रचंड रूप दिखने लगा है. संभावना व्यक्त किया जा रहा है कि दिल्ली-एनसीआर समेत हरियाणा-पंजाब के कई इलाकों में पारा एक-दो दिनों में 47 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है. इस संबंध में अलर्ट जारी किया गया है. उधर, हिंदुस्तान की कृषि आधारित अर्थव्यस्था की जीवनरेखा माने जाने वाला दक्षिण पश्चिमी मानसून, समय से पहले, 27 मई तक केरल में वर्षा की पहली फुहार ला सकता है. मौसम विभाग के अनुसार सामान्यत: केरल में मानसून का आगमन आमतौर पर एक जून को होता है. हिंदुस्तान मौसम विज्ञान विभाग ने कहा, 'इस वर्ष केरल में दक्षिण पूर्वी मानसून का आगमन समय से पहले हो सकता है.' दक्षिण पश्चिमी मानसून के समय से पहले आगमन की घोषणा ऐसे समय की गई है जब उत्तर पश्चिमी हिंदुस्तान के क्षेत्र अत्यधिक तापमान का सामना कर रहे हैं. मौसम विभाग ने बोला कि अंडमान निकोबार द्वीप समूह पर 15 मई तक मानसून के आगमन का अनुमान है. पूर्वोत्तर राज्यों के कुछ इलाकों में शुक्रवार को झमाझम बारिश हुई. मेघालय, असम में शुक्रवार को भारी बारिश होने से कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ और नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं.


घूस लेकर चीनी नागरिकों को दिलवाया वीजा

घूस लेकर चीनी नागरिकों को दिलवाया वीजा

सीबीआई ने पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम के बेटे और कांग्रेस पार्टी सांसद कार्ति चिदंबरम के विरूद्ध एक और मामला दर्ज कर उनके करीब 10 ठिकानों पर छापेमारी की ये छापेमारी दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कर्नाटक, पंजाब और ओडिशा में की गई है सीबीआई ने कार्ति चिंदबरम और दूसरे आरोपियों के विरूद्ध जो मामला दर्ज किया है उसमें आरोप है कि कार्ति ने 50 लाख रुपये घूस लेकर गृह मंत्रालय से चीनी नागरिकों को वीजा दिलवाया हैय

चीनी नागरिकों को दिलवाया वीजा

सीबीआई में दर्ज मुद्दे के अनुसार पंजाब के मानसा में तलवंडी साबो पावर प्लांट लग रहा था इस थर्मल पावर प्लांट की क्षमता 1980 मेगा वॉट थी जिसे लगाने का जिम्मा चीन की Shandong Electric Power Construction Corp (SEPCO) को दिया गया था

यही वजह थी कि इस प्लांट को लगाने के लिये चीन के इंजीनियरों को प्रोजेक्ट वीजा दिया गया था लेकिन काम में देरी के चलते कंपनी को अधिक चीनी इंजीनियरों की आवश्यकता थी जिसके लिये वे वीजा स्वीकृति चाहिये थे क्योंकि इससे पहले जो प्रोजेक्ट वीजा दिये गये थे वो तय समय से अधिक हो चुके थे और फिर से वीजा के लिये गृह मंत्रालय से स्वीकृति महत्वपूर्ण थी

एक कपंनी के जरिए 50 लाख की घूस

इसके लिये पावर प्लांट ने कार्ति चिंदबरम को संपर्क किया और फिर 50 लाख रुपयों के बदले कार्ति चिदंबरम ने गृह मंत्रालय से 263 Re-use प्रोजेक्ट वीजा की स्वीकृति दिलवाई ध्यान देने वाली बात ये है कि वर्ष 2011 में जब ये स्वीकृति दिलवाई गई उस दौरान कार्ति के पिता पी चिदंबरम राष्ट्र के गृहमंत्री थे  

एजेंसी के अनुसार चीनी इंजीनियरों को वीजा दिलाने के बदले जो 50 लाख की घूस दी गई थी वो मुंबई की एक कंपनी M/s Bell Tools Ltd के जरिये दी गई थी कार्ति की कंपनी ने कंस्लटेंसी के नाम पर फर्जी बिल इस कंपनी के नाम बनाया जिसके बदले ये रिशवत दी गई