अभी सक्रिय रहेगा मानसून, आखिर कब रुकेगी बारिश?

अभी सक्रिय रहेगा मानसून, आखिर कब रुकेगी बारिश?

देश में ज्यादातर हिस्सों में भारी बारिश के कारण जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। थोड़ी देर की बारिश में ही सड़कों पर पानी भर गया है। यहां तक कि प्रशासन को घर से बाहर न आने को लेकर भी निर्देश जारी करने पड़ रहे हैं। हालांकि, फिलहाल बारिश का दौर जारी रहेगा। बताया गया कि देश में इस साल मानसून लंबा चल रहा है। ताजा अपडेट में बताया गया कि उत्तर भारत में बारिश की गतिविधि सितंबर के अंत तक कम होने के कोई संकेत नहीं दिखते हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तर पश्चिम भारत से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी तब होती है जब क्षेत्र में लगातार पांच दिनों तक बारिश की गतिविधि बंद हो जाती है।

आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा, 'अगले 10 दिनों तक उत्तर भारत से मानसून की वापसी के कोई संकेत नहीं हैं।' पिछले साल, आईएमडी ने उत्तर पश्चिम भारत से मानसून की वापसी की तारीख को लगभग 15 दिनों तक संशोधित किया था। यह पिछले कुछ वर्षों में मानसून की देरी से वापसी को ध्यान में रखते हुए किया गया था।


दक्षिण-पश्चिम मानसून सबसे पहले पश्चिमी राजस्थान से पीछे हटना शुरू करता है। संशोधित तिथि के अनुसार 17 सितंबर से जैसलमेर से इसकी वापसी शुरू हो जानी चाहिए। 2017, 2018, 2019 और 2020 में दक्षिण-पश्चिम मानसून की देरी से वापसी देखी गई।

मानसून की देरी से वापसी का मतलब सर्दियों की शुरुआत में देरी भी है। आधिकारिक तौर पर, दक्षिण-पश्चिम मानसून का मौसम 1 जून से शुरू होता है और 30 सितंबर तक रहता है।

 
मौसम विभाग ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश में बहुत भारी बारिश की जानकारी दी है। साथ ही बताया गया कि भारी बारिश का रुख शुक्रवार से अगले सप्ताह की शुरुआत तक राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात की सीमा के आसपास के क्षेत्र में दक्षिण-पश्चिम की ओर बढ़ेगे।

आईएमडी के अनुसार, अगले घंटों के लिए उत्तर पश्चिम भारत (जम्मू, कश्मीर और लद्दाख और हिमाचल प्रदेश को छोड़कर) में काफी व्यापक वर्षा संभव है। इस बीच, 16 सितंबर को हरियाणा में, 17 और 18 सितंबर को पश्चिमी राजस्थान में भारी बारिश की संभावना है। उत्तराखंड में भी 16 सितंबर को बहुत भारी बारिश हो सकती है।

 
खराब मौसमी सिस्टम के कारण, आईएमडी ने आज के लिए उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और गुजरात में आरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश में अत्यधिक भारी बारिश के कारण राज्य के इस हिस्से को रेड अलर्ट के तहत रखा है।


भारत रक्षा निर्यात में वैश्विक लीडर बने इसके लिए रक्षा मंत्रालय प्रयासरत: राजनाथ सिंह

भारत रक्षा निर्यात में वैश्विक लीडर बने इसके लिए रक्षा मंत्रालय प्रयासरत: राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि रक्षा उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा दिया जा रहा है। रक्षा मंत्री ने बेंगलुरु में कहा कहा कि रक्षा उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने और भारत को वैश्विक रक्षा आपूर्ति चेन का हिस्सा बनाने के उद्देश्य से हमने 2024-25 तक एयरोस्पेस, रक्षा सामान और सेवाओं में 35,000 करोड़ रुपये के निर्यात का लक्ष्य निर्धारित किया है।

उन्होंने आगे एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि भारत पहली बार दुनिया के शीर्ष 25 रक्षा निर्यातक देश की सूची में शामिल हुआ है। रक्षा मंत्री ने कहा, 'स्टाकहोम अंतर्राष्ट्रीय शांति अनुसंधान संस्थान की 2020 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत पहली बार दुनिया के शीर्ष 25 रक्षा निर्यातक देश की सूची में शामिल हुआ है। भारत रक्षा निर्यात में वैश्विक लीडर बने इसके लिए रक्षा मंत्रालय लगातार प्रयास कर रहा है।'


हाल ही में राजनाथ सिंह ने नौसेना कमांडर सम्मेलन के तीन दिवसीय दूसरे संस्करण को संबोधित करते हुए कहा था कि भारत हिंद महासागर क्षेत्र को नौवहन की नियम आधारित स्वतंत्रता और मुक्त व्यापार जैसे सार्वभौमिक मूल्यों के साथ देखता है जिसमें सभी प्रतिभागी देशों के हितों की रक्षा हो। राजनाथ सिंह ने कहा कि व्यापार और अन्य आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए भारतीय समुद्र क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता कायम रखने की बेहद जरूरत है।