घर के भीतर गंदे जूते पहनने से बच्चों को नहीं होता अस्थमा

घर के भीतर गंदे जूते पहनने से बच्चों को नहीं होता अस्थमा

अगर आपका बच्चा घर के भीतर गंदे जूते पहनता है तो उसे डांटे नहीं, ऐसा करके वह अस्थमा से बच सकता है. एक नए शोध में बताया गया है कि घर के अंदर गंदे जूते पहनने से बच्चों को अस्थमा की बीमारी नहीं होती है. इसकी वजह है कि अस्थमा के बैक्टीरिया मिट्टी में लचीले हो जाते हैं. ऐसे में अगर बच्चे गंदे जूते पहनकर घर में चहल-कदमी करते हैं तो उनको अस्थमा की बीमारी की आसार बेहद कम रहती है.

इसकी वजह है कि मिट्टी में कई तरह की जीवधारी संरचनाएं पाई जाती हैं जो कि बच्चों को अस्थमा की बीमारी से बचाती हैं. ऐसे में अगर घर के भीतर बैक्टीरिया लचीले तरीका से रहेंगे तो बच्चों में फेफड़ों संबंधित किसी भी रोग के होने की आसार कम रहेगी.

शोधकर्ताओं ने इस शोध को करने के लिए फिनलैंड व जर्मनी के 1400 परिवारों के घर से बैक्टीरिया का विश्लेषण किया. तब जाकर शोधकर्ता इस निष्कर्ष पर पहुंचे की घर में अगर बच्चे गंदे जूते पहनते हैं तो उनको अस्थमा होने की आसार कम रहती है.

इस शोध को फिनलैंड की नेशनल इंस्टीट्यू ऑफ हेल्थ एंडे वेलफेयर ने किया है. इसके अतिरिक्त इस शोध में यह बात भी बताई गई है कि जिन बच्चों के जितने ज्यादा भाई-बहन होते हैं उनको उतना कम अस्थमा होता है. इसकी वजह बैक्टीरिया का लचीलापन ही है. प्रोफेसर जुहा पेकानकेन का बोलना है कि यह बेहद रोचक है कि घर के भीतर उपस्थित माइक्रोबैक्टीरिया भी अस्थमा होने को रोक सकते हैं.

घर के भीतर जो बैक्टीरिया पनपते हैं वह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होने के साथ ही फायदेमंद भी होते हैं. इससे पहले हुए शोध में बताया गया था कि जानवरों के साथ, खुले वातावरण में पलने वाले बच्चों को अस्थमा की बीमारी कम होती है. आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि अमेरिका में 54 लाख से ज्यादा व ब्रिटेन में ढ़ाई करोड़ बच्चे अस्थमा से पीड़ित हैं.