पीएम मोदी सरकार में अमित शाह बने गृह मंत्री, जाने क्यों?

पीएम मोदी सरकार में अमित शाह बने गृह मंत्री, जाने क्यों?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अपनी मंत्रिपरिषद में विभागों का बंटवारा कर दिया.सबसे बड़ा निर्णय अमित शाह को लेकर रहा. उन्हें गृहमंत्री बनाया गया है. पिछली सरकार में गृहमंत्री रहे राजनाथ सिंह अब रक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालेंगे. निर्मला सीतारमण वित्त मंत्री बनाई गई हैं तो विदेश मंत्रालय की जिम्मेदारी पूर्व विदेश सचिव एस जयशंकर को दी गई है. ज्यादातर मंत्रियों ने देर शाम कार्यभार संभाल लिया.

शाह ताकतवर: गृहमंत्री का दायित्व मिलने के साथ ही अमित शाह सरकार में बेहदशक्तिशाली मंत्री बनकर उभरे हैं. अमूमन गृह मंत्रालय सरकार में नंबर दो की हैसियत वाले मंत्री को दिया जाता रहा है. अटल जी की सरकार में लालकृष्ण आडवाणी गृहमंत्री रहे. मुरली मनोहर जोशी को भी 13 दिन की सरकार में यह जिम्मा दिया गया था. हालांकि नंबर दो कौन, इसका जवाब अगर वरिष्ठता क्रम के लिहाज से मिलना है तो अभी भी राजनाथ सिंह मंत्रियों की वरिष्ठता सूची में नंबर दो पर हैं.

कई अपवाद भी रहे: कई अपवाद रहे भी रहे हैं जब नंबर दो मंत्री को भिन्न-भिन्न दायित्व दिए गए. यह सरकार की अहमियत के आधार पर तय होता रहा है. यूपीए सरकार में नंबर दो रहे प्रणब मुखर्जी के पास वित्त, विदेश व रक्षा मंत्रालयों का दायित्व रहा. वे हमेशा व्यावहारिक रूप से नंबर दो मंत्री व यूपीए सरकार के संकटमोचन बने रहे.

मोदी-शाह की केमिस्ट्री शानदार रही है. इस जोड़ी को ठीक अर्थ में बीजेपी का विस्तारसारे देश में करने का अहम भूमिका माना जाता है. शाह के गृहमंत्रालय में आने के बाद धारा 370, 35 ए जैसे वैचारिक रूप से बीजेपी और संघ के अहम मुद्दों पर सरकार के ज्यादा सख्त रुख की उम्मीद की जा रही है.

कार्मिक, जनशिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष, सभी जरूरी नीतिगत मामलेतथा वैसे सभी विभाग को जो किसी को भी आवंटित नहीं किए गए हैं वे पीएम के पास रहेंगे.

'नितिन गडकरी : सड़क एवं राजमार्ग तथा लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्योग

'डीवी सदानंद गौड़ा : रसायन एवं उर्वरक

'रामविलास पासवान : उपभोक्ता मामले, खाद्य और जन वितरण।

'नरेंद्र सिंह तोमर : कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास व पंचायती राज ।

'रविशंकर प्रसाद : कानून एवं न्याय, संचार तथा इलेक्ट्रोनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी ।

'हरसिमरत कौर बादल : खाद्य प्रसंस्करण उद्योग।

'थावर चंद गहलोत : सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता।

'रमेश पोखरियाल ‘निशंक' : मानव संसाधन विकास ।

'अर्जुन मुंडा : आदिवासी मामलों के मंत्री।

'स्मृति ईरानी : महिला एवं बाल विकास व वस्त्र ।

'हर्षवर्धन : स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान।

'प्रकाश जावड़ेकर : पर्यावरण, वन एवं जलवायु बदलाव व सूचना एवं प्रसारण।

'पीयूष गोयल : रेल मंत्री व वाणिज्य एवं उद्योग।

'धर्मेंद्र प्रधान : पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस व इस्पात।

'मुख्तार अब्बास नकवी : अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री।

'प्रह्लाद जोशी : संसदीय कार्यमंत्री, कोयला तथा खनन मंत्री।

'महेंद्र नाथ पांडे : कौशल विकास एवं उद्यमिता।

'अरविंद गणपत सावंत : भारी उद्योग एवं लोक उद्यम ।

'गिरिराज सिंह : पशुपालन, दुग्ध एवं मत्स्य पालन ।

'गजेंद्र सिंह शेखावत : जल शक्ति।

अन्य मंत्रियों की सूची देखें-

प्रधानमंत्री ने जल संकट से निपटने के लिए नया ‘जलशक्ति' मंत्रालय बनाया है. जल संसाधन, गंगा का कायाकल्प व नदी विकास मंत्रालय जोड़ दिया गया है. गजेंद्र सिंह शेखावत कैबिनेट व रतन लाल कटारिया इसके राज्यमंत्री बने हैं.।

अमित शाह व जयशंकर के आ जाने से मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों की समिति (सीसीएस) में दो नए चेहरे होंगे. पीएम की अध्यक्षता वाली इस समिति में रक्षा मंत्री, गृहमंत्री, विदेशमंत्री व वित्तमंत्री मेम्बर होते हैं. समिति रक्षा नीति पर अंतिम फैसला लेती है. ।

पहली महिला रक्षामंत्री का गौरव हासिल कर चुकीं निर्मला सीतारमण पहली पूर्णकालिक महिला वित्तमंत्री बन गई हैं. इससे पहले, पीएम रहते हुए इंदिरा गांधी ने 1970-71 में वित्त मंत्रालय का कार्यभार संभाला था.।

एस जयशंकर।

पाकिस्तान का मामला होगा ही, ईरान की समस्या व बढ़ते व्यापार घाटे से भी पार पाना होगा।

निर्मला सीतारमण।

देश की आर्थिक विकास की गति को तेज करना व रोजगार पैदा करना सबसे बड़ी चुनौती।

राजनाथ सिंह।

पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद व चाइना सीमा पर चुनौती से निपटना होगा. ।

अमित शाह।

आंतरिक सुरक्षा बड़ी चुनौती होगी. नक्सलवाद व माओवाद का भी निवारण करना होगा.।