अंबेडकर हाउस के लिए ब्रिटिश सरकार ने उठाया बड़ा कदम

अंबेडकर हाउस के लिए ब्रिटिश सरकार ने उठाया बड़ा कदम

नई दिल्ली/लंदन: ब्रिेटेन से हिंदुस्तान के संविधान निर्माता बी। आर। अंबेडकर को लेकर एक बड़ी समाचार आ रही है. ब्रिटिश सरकार ने अंबेडकर हाउस को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है. ब्रिटिश सरकार ने लंदन स्थित अंबेडकर हाउस के अस्तित्व पर मंडरा रहे खतरों के बीच इसके लिए एक स्वतंत्र निरीक्षक नियुक्त किया है. यह निरीक्षक इस घर पर अपनी रिपोर्ट सौंपेगा.

कैमडेन काउंसिल ने खारिज की थी भारतीय अधिकारियों की मांग

जानकारी के मुताबिक, ब्रिटिश सरकार ने इस निरीक्षक की रिपोर्ट के आधार पर अंबेडकर हाउस पर निर्णय करेगी. बता दें कि, इससे पहले पिछले महीने लोकल प्राधिकरण कैमडेन काउंसिल ने भारतीय अधिकारियों के एक आवेदन को खारिज कर दिया था. इस आवेदन में मांग की गई थी कि उत्तरी लंदन स्थित इस प्रतिष्ठित हाउस को एक म्यूजियम में तब्दील कर दिया जाए.

काउंसिल ने दिया था ये तर्क

काउंसिल ने अपील को खारिज करने के कुछ कारण भी बताए थे. काउंसिल का तर्क था कि अंबेडकर हाउस एक रिहायशी संपत्ति है, जिसका म्यूजियम नहीं बनाया जा सकता है. यह लोकल प्लानिंग नियमों का उल्लंघन माना जाएगा. बता दें कि काउंसिल के इस निर्णय के बाद भारतीय समुदाय के लोगों ने ब्रिटेन सरकार पर दबाव बनाया था. लोगों ने सरकार से इस मुद्दे में हस्तक्षेप करने की मांग की थी.

लोगों के दबाव में लिया फैसला

लोगों की मांग को ध्यान में रखकर ही ब्रिटेन के आवास व समुदाय सचिव रॉबर्ट जेनरिक ने आवेदन पर दोबारा विचार करने का निर्णय किया. इसके साथ ही उन्होंने स्वतंत्र निरीक्षक नियुक्त किया है.स्वतंत्र निरीक्षक अंबेडकर हाउस को लेकर रिपोर्ट व सिफारिशों सरकार के समक्ष प्रस्तुत करेगा, जिनके आधार पर सरकार इसके भविष्य पर निर्णय करेगी.

अंबेडकर ने इसी मकान में की थी पढ़ाई

गौरतलब है कि डाक्टर भीमराव अंबेडकर का उत्तरी लंदन में किंग हेनरी रोड पर चार मंजिला 'आंबेडकर हाउस' है. इस मकान में अंबेडर ने 1921 से 1922 में रहकर लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में अपनी पढ़ाई की थी. बाद में महाराष्ट्र सरकार ने इसे खरीद लिया व इसे एक म्यूजियम में तब्दील करना चाहती है.