चंद्रयान-2: नासा के LRO ने खींची हैं लैंडर विक्रम की कुछ तस्वीरें

चंद्रयान-2: नासा के LRO ने खींची हैं लैंडर विक्रम की कुछ तस्वीरें

नई दिल्ली: इसरो के मिशन चंद्रयान-2 को लेकर संसार सबसे बड़ी स्पेस एजेंसी नासा ने बड़ी जानकारी साझा की है. दरअसल नासा ने खुलासा किया है कि उन्होंने चांद पर बेसुध पड़े लैंडर विक्रम की कुछ फोटोज़ खींची हैं. खास बात यह है कि इन तस्वीरों को नासा अगले हफ्ते जारी करने जा रहा है.

यानी जल्द ही आपको लैंडर विक्रम की वो फोटोज़ देखने को मिलेंगी, जो उसके ताजा स्थिति से आपको रूबरू करवाएगी. आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि बीते मंगलवार को चंद्रमा से गुजरने के दौरान लूनर रीकॉन्सेन्स ऑर्बिटर ने ये फोटोज़ खींची है.

माना जा रहा है कि नासा ने मंगलवार को लैंडर विक्रम की जो फोटोज़ खींची हैं, उनसे कई छिपे हुए तथ्य सामने आ सकते हैं.

बताया जा रहा है कि इस वक्त नासा खुद इन तस्वीरों का अध्ययन कर रहा है.

तस्वीरों में लैंडर विक्रम से संबंधित कुछ सबूत भी मिलें हैं.

लेकिन जब तक नासा इन पर पूरी तरह कार्य नहीं कर लेता इन्हें सामने नहीं लाया जाएगा.

हालांकि नासा इतना जरूर स्पष्ट कर दिया है कि अगले हफ्ते जो भी स्थिति होगी नासा इसे सबके सामने जरूर लाएगा.

नासा के लूनर रीकॉन्सेन्स ऑर्बिटर ने इस हफ्ते उस क्षेत्र में उड़ान भरी, लेकिन सूरज की लाइट कम होने की वजह से वो लैंडर की साफ फोटोज़ नहीं खींच सका.

वैज्ञानिकों का बोलना है कि लंबी छाया में विक्रम छिपा होने कि सम्भावना है.

यदि लाइट ठीक होती तो उसकी साफ फोटोज़ देखने को मिल सकती थीं. लेकिन कुछ ऐसी चीजें दिखीं है उनका अध्ययन किया जा रहा है.

विक्रम को 14 पृथ्वी दिनों के लिए संचालित करने के लिए हिसाब से डिजाइन किया गया था.

धरती का एक दिन चंद्रमा पर 14 दिनों के बराबर है, इसके अतिरिक्त वहां के तापमान में भी बहुत ज्यादा अंतर है.

जिस स्थान पर लैंडर को उतरना था वहां का तापमान शून्य से बहुत ज्यादा नीचे चला जाता है.

इस वजह से वैज्ञानिकों का ये बोलना था कि यदि ये 14 दिन प्रारम्भ होने से पहले लैंडर की लोकेशन का पता चल गया तो बेहतर रहेगा मगर यदि इन 14 दिनों की आरंभ हो गई व ये उपकरण वहां के तापमान की चपेट में आ गए तो समस्या होगी.

अब चूंकि लैंडर की लैंडिंग भी ठीक ढंग से नहीं हुई है इस वजह से व भी निगेटिव संभावनाएं सामने आ रही हैं.

इजरायल ने भी चंद्रमा पर अपना एक लैंडर बेरेसैट भेजा था, लेकिन चंद्रमा पर लैंडिंग से पहले ही उसका सम्पर्क टूट गया.

वो भी वहां पर ठीक ढंग से लैंड नहीं कर सका था, क्रैश हो गया था. उसके बाद हिंदुस्तान ने चंद्रयान-2 भेजा.

विक्रम की लैंडिंग को हार्ड लैंडिंग बोला गया तो कभी इसके क्षतिग्रस्त हो जाने की बात कही गई लेकिन हुआ क्या है इसकी तलाश अभी भी जारी है.