लिवर कैंसर के उपचार के लिए विशेषज्ञों ने खोजा नया तरीका

रेडियो तरंगों का प्रयोग कर एक लक्षित चिकित्सा से लिवर कैंसर का उपचार बेहतर ढंग से किया जा सकता है. यह चिकित्सा अन्य कोई भी शारीरिक नुकसान पहुंचाए बिना शरीर में कहीं भी लिवर कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोकने में मदद कर सकती है.

हिसाब से तय की जाती है रेडियो फ्रीक्वेंसी : अमेरिका में वेक फॉरेस्ट स्कूल ऑफ मेडिसिन की शोध टीम ने चूहों को रेडियो फ्रीक्वेंसी दी, जिसे हेपैटोसेलुलर कार्सिनोमा (एचसीसी यानी शुरुआती लिवर कैंसर का सामान्य प्रकार) को दोहराने के लिए मानव कैंसर कोशिकाओं के साथ इंजेक्ट किया गया.शोधकर्ता बोरिस पाशे ने कहा, हमारे अध्ययन में पता चला कि इस थेरेपी में इस्तेमाल होने वाली रेडियो फ्रीक्वेंसी बहुत कम व सुरक्षित स्तर पर थी. वास्तव में यह कानों के पास रखे सेल फोन से उत्पन्न होने वाली फ्रीक्वेंसी से भी कम थी. इस थेरेपी में मरीज के कैंसर के प्रकार व स्थिति के हिसाब से रेडियो फ्रीक्वेंसी तय की जाती है. इसके लिए शोधकर्ताओं ने हाथ में पकड़ा जाने वाला एक उपकरण तैयार किया है. यह कैंसर के हिसाब से फ्रीक्वेंसी छोड़ता है.

इस तरह रोका जाता है कैंसर को फैलने से : ई बायोमेडिसिन नामक पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक, यह रेडियो तरंग एचसीसी ट्यूमर कोशिकाओं की सतह पर एक विशेष कैल्शियम चैनल को सक्रिय कर देती है, जो उस कैंसर कोशिका को फैलने से रोकने में मदद करता है. इस थेरेपी के जरिए शरीर में कैंसर के सेल्स और ट्यूमर को समाप्त किया जाता है. कैंसर के उपचार में रेडिएशन थेरेपी का जरूरी सहयोग होता है. पाशे ने कहा, हमें पता चला कि सीएवी 3.2 नामक एक विशिष्ट कैल्शियम चैनल हमारे द्वारा भेजे गए रेडियो संकेतों के लिए एक एंटिना की तरह कार्य कर रहा था.

इस कैल्शियम चैनल ने एचसीसी सेल झिल्ली में प्रवेश किया व कोशिका तक पहुंचकर एचसीसी को बढ़ने से रोका. उन्होंने आगे कहा, हमारी टीम ने पाया कि कैल्शियम के प्रवेश से एचसीसी कोशिकाओं को विकास होने से रोकने में मदद मिली व वो सिकुड़ गईं.