अगर मैं पाक समर्थक तो पद्म विभूषण से क्यों नवाजा : शरद पवार

अगर मैं पाक समर्थक तो पद्म विभूषण से क्यों नवाजा : शरद पवार

मुंबई: महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों (Maharashtra assembly election) से पहले सूबे में बयानबाजी के दौर चरम पर हैं। इसी के चलते वरिष्ठ राजनीतिज्ञ व एनसीपी (NCP) के अध्यक्ष शरद पवार (Sharad Pawar) ने भी केन्द्र सरकार (Central Government) पर जमकर हमला बोला।उन्होंने सरकार के सामने सवाल छोड़ा कि यदि वे उन्हें पाक (Pakistan) का समर्थक कहते हैं तो फिर उन्हें देश का दूसरे सबसे बड़े सम्मान पद्म विभूषण से क्यों नवाजा गया। बताते चलें कि पीएमनरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने हाल में अपनी महाराष्ट्र (Maharashtra) यात्रा के दौरान पवार को निशाना बनाया था। उन्होंने बोला था कि ऐसा क्या है जो पवार को पाक का सत्कार इतना पसंद आता है।

सही जानकारी क्यों नहीं मिली
सीएनएन-न्यूज 18 को दिए एक्सक्लूसिव साक्षात्कार में पवार ने पीएम नरेंद्र मोदी पर हमला करते हुए बोला कि प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी पीएम ऑफिस की प्रतिष्ठा को बनाए रखने में पास नहीं हो सके हैं।उन्होंने बोला कि पीएम एक संस्‍था जैसा होता है। संस्‍था के पास जानकारी प्राप्त करने के कई जरिए होते हैं, मुझे खुशी होती यदि वे मेरी पूरी बात को सुनने के बाद अपना बयान देते। लेकिन अब मैं क्या कहूं, उन्होंने बिना पर्याप्त व ठीक जानकारी के बयान दिया हो। इसके साथ ही यदि वे यह सोचते हैं कि मेरी ज्यादा रुची पाक में है व खुद के देश में नहीं तो उन्हीं की सरकार ने मुझे पद्म विभूषण से क्यों सम्मानित किया। पवार ने बोला की यह सम्मान देने का सीधा अर्थ है कि मैंने देशहित में कोई कार्यकिया है, लेकिन दूसरी ही तरफ यह बोला जाता है कि मेरी रुचि पाक में है। इस तरह की द्विअर्थी व्यवहार उस आदमी को जो देश के सर्वोच्च पदों में से एक पर है ठीक नहीं लगता।

बंद दरवाजे के पीछे जो कहा वो सुना नहीं
जब पवार से पाक संबंधी उनके बयान के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बोला कि वे अपनी पार्टी की एक मीटिंग में वार्ता कर रहे थे। उस बंद कमरे में पाक के समर्थन में या हिंदुस्तान विरोधी कोई बात नहीं हुई। एनसीपी अध्यक्ष ने बताया कि उस दौरान मैंने बोला था कि पाकिस्तानी सरकार व आर्मी हिंदुस्तान विरोधी अपने फायदे के लिए हो रही है। इसका मुख्य कारण है कि उनकी रुची ऐसी ही बातों में है। लेकिन जब मैं लोगों से मिला तो उनके मन में चिंताएं थीं। ऐसे में नेताओं के मसले आम लोगों से अलग होते हैं। मैंने बोला था कि कुछ नेता हिंदुस्तान विरोधी माहौल बना रहे हैं। इसमें पाक के समर्थन में क्या था मुझे बताया जाए।