आतंकवादी हमले की सूचना हिंदुस्तान ने पहले ही दी, लेकिन मेरे अफसरों ने इसकी जानकारी नहीं दी : राष्ट्रपति सिरिसेना

आतंकवादी हमले की सूचना हिंदुस्तान ने पहले ही दी, लेकिन मेरे अफसरों ने इसकी जानकारी नहीं दी : राष्ट्रपति सिरिसेना

नई दिल्ली/कोलंबो: श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने बोला कि ईस्टर हमले के लगभग 15 दिन पहले ही हिंदुस्तान ने इसकी सूचना दी थी. लेकिन, उनके अधिकारियों ने इसकी जानकारी नहीं दी. यदि उन्हें इसकी जानकारी होती तो वे देश में ही होते. यहीं कारण है कि मैंने रक्षा सचिव व पुलिस महानिरीक्षक को बर्खास्त कर दिया.हमले के समय सिरिसेना सिंगापुर में थे.

सिरिसेना ने बोला कि अभी तक हमलावरों के हिंदुस्तान से संबंध होने के कोई सबूत नहीं मिले हैं.हालांकि, मई में श्रीलंका के सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल महेश सेनानायके ने बोला था कि ईस्टर बम धमाके से पहले आतंकवादी ट्रेनिंग व अन्य गतिविधियों के लिए हिंदुस्तान गए थे. वे ट्रेनिंग के लिए कश्मीर, केरल व बेंगलुरु गए थे, उन्हें इसकी जानकारी मिली है. हालांकि, राष्ट्रपति सिरिसेना ने बोलाकि उन्हें इस बारे में कोई सूचना नहीं दी गई.

सिरिसेना शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए थे

सिरिसेना पीएम नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में भी शामिल होने दिल्ली पहुंचे थे. उन्होंने बोलाकि हमले के समय वे सिंगापुर में थे. चार अप्रैल को हिंदुस्तान के खुफिया एजेंसियों ने हमले की आसारजताते हुए एक रिपोर्ट भेजी थी. इस विषय पर रक्षा सचिव व पुलिस महानिरीक्षक के बीच पत्राचार किया गया था.

भारत व श्रीलंका के बीच 2600 वर्ष का रिश्ता

उन्होंने बोला कि हमले की जाँच के लिए भारत, ब्रिटेन व अमेरिका द्वारा योगदान किया गया. जाँच में पाया गया कि हमलावरों को अंतर्राष्ट्रीय संगठन द्वारा संचालित किया गया था. आतंकवादियों को उन राष्ट्रों में प्रशिक्षण दिया गया, जहां अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी समूह सक्रिय हैं.सिरिसेना ने शुक्रवार को बोला था कि पीएम नरेंद्र मोदी जून में श्रीलंका आएंगे. यह हमारे देश के लोगों के लिए सम्मान की बात है. हिंदुस्तान व श्रीलंका के बीच 2600 वर्ष का संबंध है. प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी की यात्रा हमारे लिए बेहद जरूरी है. हम पड़ोसी व मित्र हैं. देश बेसब्री से उनके आने का इंतजार कर रहाहै.